ऐपशहर

28 Km बांधकर घसीटना क्या बहादुरी है?

(नोट- इस खबर को ''मेजर के सम्मान पर सियासी घमासान'' वाली खबर के साथ इनसेट के तौर पर इस्तेमाल करें)पीटीआई, श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर में सेना द्वारा ...

नवभारतटाइम्स.कॉम 24 May 2017, 9:00 am

(नोट- इस खबर को ''मेजर के सम्मान पर सियासी घमासान'' वाली खबर के साथ इनसेट के तौर पर इस्तेमाल करें)

पीटीआई, श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर में सेना द्वारा मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किए गए कश्मीरी युवक फारूक अहमद डार ने मेजर को इस कृत्य के लिए सम्मानित करने पर सवाल उठाए हैं। पीड़ित युवक डार ने मेजर लितुल गोगोई को सम्मानित किए जाने पर तीखे सवाल पूछे हैं। डार ने पूछा, 'किसी को जीप की बोनट पर बांधकर 28 किलोमीटर तक घसीटना क्या यह बहादुरी का काम है?

किसी को मेरी परवाह क्यों?

डार ने कहा, 'जीप से बांधकर उसे मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करने की यह घटना 9 अप्रैल को घटी थी। घटना के बाद कोर्ट ऑफ इन्क्वॉयरी गठित की गई। जांच चल रही है। जांच के सिलसिले में पुलिस और सेना मुझे अब भी बुलाती है। इस बीच आरोपी मेजर को सम्मानित किया जाता है। दरअसल, जांच पूरी तरह से बहाना है। क्या मैं कोई जानवर था, जिसे गाड़ी के आगे बांधकर घुमाया गया था? क्या मैं कोई भैंस या बैल था?' डार ने आगे कहा, 'मामले की जांच को लेकर वे (पुलिस-सेना) कभी गंभीर नहीं थे। मैं एक सामान्य इंसान हूं। किसी को मेरी परवाह क्यों होगी?'

9 अप्रैल को हुई थी घटना

श्रीनगर में 9 अप्रैल को वोटिंग के दौरान बीड़वाह समेत कई इलाकों में वोटिंग बूथ पर हिंसा हुई थी। इसी दौरान मेजर लितुल गोगोई ने पत्थरबाजी कर रहे लोगों की भीड़ से कथित रूप से डार को पकड़कर जीप के आगे बांधकर मानव ढाल बनाया था। इसका विडियो वायरल होने पर सेना की काफी आलोचना हुई थी।

अगला लेख

Indiaकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर