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कोबरा कमांडोज को सताई घर की याद! हेडक्वॉर्टर्स के लिए निकले लेकिन बीच रास्ते खिसके

हाल ही में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) जॉइन करने वाले 59 कमांडोज की एक हरकत से अधिकारी सकते में हैं। दरअसल, ये कमांडोज बिहार स्थित हेडक्वॉर्टर्स के लिए रवाना तो हुए, लेकिन बीच रास्ते ही अपने घर निकल पड़े। और तो और अपने किसी सीनियर को इस बारे में सूचना भी नहीं दी।

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 7 Feb 2017, 9:29 am
नीरज चौहान, नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम 59 cobra commandos give themselves break to visit home probe ordered
कोबरा कमांडोज को सताई घर की याद! हेडक्वॉर्टर्स के लिए निकले लेकिन बीच रास्ते खिसके

हाल ही में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) जॉइन करने वाले 59 कमांडोज की एक हरकत से अधिकारी सकते में हैं। दरअसल, ये कमांडोज बिहार स्थित हेडक्वॉर्टर्स के लिए रवाना तो हुए, लेकिन बीच रास्ते ही अपने घर निकल पड़े। और तो और अपने किसी सीनियर को इस बारे में सूचना भी नहीं दी।

ये कमांडोज कोबरा (कमांडो बटैलियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन) यूनिट से जुड़े हुए हैं। वे श्रीनगर में पांच दिन की बेसिक ट्रेनिंग करने के बाद वापस लौट रहे थे। इन्होंने बिहार लौटकर ड्यूटी पर रिपोर्ट नहीं किया। यहां उनकी नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनाती की जानी थी। इतने बड़े पैमाने पर कमांडोज की अनुपस्थिति से अधिकारी हैरान हैं। सीआरपीएफ ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।

घटना के बारे में रविवार को मुगलसराय स्टेशन पर पता चला। अधिकारियों के मुताबिक, जवानों ने ट्रेन पर मौजूद अपने कमांडर को भी कोई जानकारी नहीं दी और रात में ही खिसक गए। सीआरपीएफ के डायरेक्टर जनरल के दुर्गा प्रसाद ने द टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि उन्होंने इस मामले में कोर्ट ऑफ इंक्वॉयरी के आदेश दिए हैं। प्रसाद के मुताबिक, कमांडोज कश्मीर से जल्दी लौट रहे थे और उन्हें 7 फरवरी को बिहार मुख्यालय पहुंचना था। प्रसाद ने यह भी कहा कि इन कमांडोज को भगोड़ा नहीं कहा जा सकता। हालांकि, उन्हें अपने सीनियरों को सूचित करना चाहिए था।

सीआरपीएफ ने इस मामले को ज्यादा तूल न देने की कोशिश की। बयान में कहा गया, 'श्रीनगर स्थित रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग सेंटर में अपनी ट्रेनिंग खत्म करने के बाद ये कर्मी अपनी यूनिट वापस लौट रहे थे। वापस लौटने के लिए इनका 5 फरवरी को सियालदह एक्सप्रेस में जम्मू से गया के लिए रिजर्वेशन था। खराब मौसम और रोड बंद होने की वजह से इन्हें 1 फरवरी को जम्मू भेज दिया गया। इन्होंने तयशुदा वक्त से पहले ही 2 फरवरी को लौटने के लिए ट्रेन लेने का फैसला किया। चूंकि, वे पहले लौट रहे थे इसलिए बिना किसी आला अधिकारी को सूचित किए खुद से ही शनिवार और रविवार को अपने घर जाने का फैसला कर लिया। इन कर्मियों की अनुशासनहीनता से विभागीय तरीके से निपटा जाएगा।'

कोबरा यूनिट और सीआरपीएफ के अधिकारियों ने बताया कि कमांडोज को गया स्थित 205वीं कोबरा यूनिट हेडक्वॉर्टर्स पर रिपोर्ट करना था ताकि विशेष नक्सल विरोधी ऑपरेशंस में उनकी तैनाती की जा सके। उनकी जम्मू-कश्मीर में 600 कमांडोज के बैच के साथ ट्रेनिंग हुई। अन्य कमांडोज की बाद में ट्रेनिंग होनी थी। एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि गायब हुए कमांडोज में से कुछ ने बुधवार तक जॉइन करने की बात कही है।

पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें:
On way to join duty in Bihar, 59 CoBRA commandos give themselves break to visit home

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