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सोनिया-राहुल से महान है भारत कोई कांग्रेसी यह कह दे तो चली जाएगी नौकरी... हिमंत बिस्व सरमा का गांधी परिवार पर तीखा वार

असम के सीएम हिमंत बिस्‍व सरमा ने रविवार को कांग्रेस और गांधी परिवार को निशाने पर लिया। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस में गांधी परिवार ही सब कुछ है। पार्टी के अंदर वह देश से भी बड़ा है। सीएम ने मदरसा शिक्षा को लेकर भी हमला किया। वह बोले, बच्‍चों को साइंस पढ़ाने की जरूरत है। मदरसा शब्‍द विलुप्‍त हो जाना चाहिए।

Curated byअमित शुक्‍ला | नवभारतटाइम्स.कॉम 22 May 2022, 10:54 pm

हाइलाइट्स

  • 'यूनियन ऑफ स्‍टेट' वाले बयान पर राहुल गांधी की खूब की खिंचाई
  • बोले- राहुल गांधी का जेएनयू वगैरह का कोई ट्यूशन लगा है
  • बच्‍चों को पढ़ाई जाए साइंस, मदरसा शब्‍द को विलुप्‍त हो जाना चाहिए
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Himanta Biswa Sarma attacks Gandhi family: असम के मुख्‍यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने गांधी परिवार (Gandhi Family) पर तीखा हमला किया है। उन्‍होंने कांग्रेस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। असम के सीएम ने कांग्रेस में अपने 22 साल के पूर्व अनुभव के आधार पर कहा कि पार्टी में इस तरह का माहौल है कि गांधी परिवार के आगे कुछ नहीं है। कांग्रेस के भीतर यह परिवार ही देश है। किसी में हिम्‍मत नहीं कि सोनिया-राहुल से कह दे कि भारत उनसे महान है। नौकरी साफ हो जाएगी। बीजेपी का माहौल इसके बिल्‍कुल उलट है। यहां देश से बढ़कर कुछ नहीं है। लीडर क्‍या दल भी नहीं। दोनों पार्टियों में यह बड़ा फर्क है। असम के सीएम रविवार को साप्ताहिक पत्रिका पांच्‍यजन्‍य की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्‍होंने गांधी परिवार के अलावा मदरसों और मुसलमानों के मसलों पर भी बेबाकी से अपनी राय रखी।
हिमंत बिस्व सरमा लंबे समय तक कांग्रेस में रहे हैं। सीएम ने कहा कि आरोप लगते हैं कि उन्‍होंने गांधी परिवार को धोखा दिया। कांग्रेसी इस तरह से बयान देते हैं जैसे गांधी परिवार का विरोध भारत का विरोध है। किसी एक व्‍यक्ति के साथ विचारों का नहीं मिलना देश के साथ धोखा देने के बराबर कैसे हो सकता है।

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हिमंत ने 22 साल कांग्रेस में अपने पूर्व अनुभव के आधार पर कहा कि पार्टी के अंदर गांधी को ही देश माना जाता है। बीजेपी का माहौल इसके उलट है। यहां गर्व से बोल सकते हैं नेशन फर्स्‍ट। लीडर तो छोड़ दीजिए दल से भी नेशन ऊपर है। अगर आप राहुल गांधी और सोनिया गांधी से बोल दें कि भारत आपसे महान है तो आपकी नौकरी साफ हो जाएगी।

'यूनियन ऑफ स्‍टेट' वाले बयान पर घेरा
हिमंत बिस्व सरमा ने राहुल गांधी के 'यूनियन ऑफ स्‍टेट' वाले बयान को लेकर भी उन्‍हें घेरा। असम के सीएम बोले कि अगर भारत 'यूनियन ऑफ स्‍टेट' है तो हमारी 5000 साल पुरानी संस्‍कृति कहां गई। इस बात को कहने का मतलब है कि आप भारत की समृद्ध संस्‍कृति को चुनौती दे रहे हैं। राहुल गांधी लोगों को ऐसे समझा रहे हैं जैसे कोई आपसी कॉन्‍ट्रैक्‍ट हुआ हो। रामायण, महाभारत, कौटिल्‍य, चंद्रगुप्‍त, शिवाजी... कहां गया ये सब। लेकिन, दोष राहुल का नहीं है। कोई जेएनयू वगैरह का ट्यूशन लगाया गया है उनका जिसने यह सब कुछ सिखा दिया। समझना होगा कि अमेरिका और इंडिया के फेडरलि‍ज्‍म में अंतर है। भारत सांस्‍कृतिक रूप से बहुत पहले से एक राष्‍ट्र था।

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मदरसा शब्‍द विलुप्‍त हो जाना ही सही है
असम के सीएम ने मदरसा और मुसलमानों के मसलों पर भी बात की। उन्‍होंने कहा कि मदरसा शब्‍द विलुप्‍त हो जाना ही सही है। जब तक यह मदरसा शब्‍द दिमाग में घूमता रहेगा तब तक कोई बच्‍चा डॉक्‍टर और इंजीनियर नहीं बन सकता है। मदरसा में तो दाखिल ही मानवाधिकार उल्‍लंघनों के लिए किया जाता है।

सरमा ने कहा कि आप कुरान पढ़ाइए उसमें कोई समस्‍या नहीं है। लेकिन, ज्‍यादा जरूरत साइंस, मैथ्‍स और मॉडर्न एजुकेशन की दूसरी ब्रांचों को पढ़ाने की है। घर में आपको जितना धर्म-पोथी पढ़ाना है पढ़ाइए। लेकिन, स्‍कूल में ऐसी तालीम दिलाइए जिससे आपका बेटा डॉक्‍टर, इंजीनियर, प्रोफेसर और साइंटिस्‍ट बन सकता है। असम के सीएम ने यह भी कहा कि यह भी जानने की जरूरत है कि ये सारे मुसलमान भाई हिंदू थे। भारत की धरती पर सब हिंदू ही थे। ऐसे में अगर कोई मुस्लिम बच्‍चा बहुत ज्‍यादा प्रतिभावान है तो उसका कुछ श्रेय उसके पिछले हिंदू इतिहास को भी जाता है।
लेखक के बारे में
अमित शुक्‍ला
पत्रकारिता और जनसंचार में पीएचडी की। टाइम्‍स इंटरनेट में रहते हुए नवभारतटाइम्‍स डॉट कॉम से पहले इकनॉमिकटाइम्‍स डॉट कॉम में सेवाएं दीं। पत्रकारिता में 15 साल से ज्‍यादा का अनुभव। फिलहाल नवभारत टाइम्स डॉट कॉम में असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर के रूप में कार्यरत। टीवी टुडे नेटवर्क, दैनिक जागरण, डीएलए जैसे मीडिया संस्‍थानों के अलावा शैक्षणिक संस्थानों के साथ भी काम किया। इनमें शिमला यूनिवर्सिटी- एजीयू, टेक वन स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय (नोएडा) शामिल हैं। लिंग्विस्‍ट के तौर पर भी पहचान बनाई। मार्वल कॉमिक्स ग्रुप, सौम्या ट्रांसलेटर्स, ब्रह्मम नेट सॉल्यूशन, सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी और लिंगुअल कंसल्टेंसी सर्विसेज समेत कई अन्य भाषा समाधान प्रदान करने वाले संगठनों के साथ फ्रीलांस काम किया। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। देश-विदेश के साथ बिजनस खबरों में खास दिलचस्‍पी।... और पढ़ें

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