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बाहुबली रोजगार योजना

एवैं कुछ भीआलोक पुराणिक500 करोड़, 1000 करोड़ अब कोई भी आंकड़ा बाहुबली की पहुंच की बाहर नहीं। बाहुबली-2 फिल्म की शुरुआत में करण जौहर की कंपनी का ...

नवभारतटाइम्स.कॉम 5 May 2017, 9:00 am

एवैं कुछ भी

आलोक पुराणिक

500 करोड़, 1000 करोड़ अब कोई भी आंकड़ा बाहुबली की पहुंच की बाहर नहीं। बाहुबली-2 फिल्म की शुरुआत में करण जौहर की कंपनी का लोगो दिखाई देता है - कुछ कुछ होता है, की धुन साथ बजती है। 500-1000 करोड़ कमाई की संभावनाएं सामने हों, तो कुछ-कुछ नहीं, कुछ का कुछ होने का सीन बन जाता है। मतलब माहौल कुछ इस टाइप का हो गया कि यह सूचना भी सच लग सकती है कि मंगलयान ने ऊपर से जो तस्वीरें भेजी हैं, उनमें शनि, नेपच्यून और यूरेनस ग्रहों पर भी बाहुबली फिल्म के शो के लिए लंबी लंबी लाइनें दिखाई पड़ीं।

बाहुबली ने कइयों को रोजगार दे दिया है, मनरेगा कई लोगों को रोजगार देने में विफल रहा है, अभिषेक बच्चन ऐसे लोगों में से एक हैं। अब बाहुबली से बहुतों को रोजगार मिलने की आशा है। बाहुबली-2 तो आ गई है, हजार दो हजार बाहुबली बन जाएं, तो भी पब्लिक देखने को तैयार होगी। शोले, दीवार जैसी फिल्मों के रीमेक बाहुबली के हिसाब से बन सकते हैं।

भल्लाल देव गब्बर सिंह अंदाज में पूछ सकते है- कितने आदमी थे।

कटप्पा जवाब देगा- जी सिर्फ दो - मैं और बाहुबली।

भल्लाल देव से बाहुबली कह सकते हैं- तुम्हारे पास महल है, सेना है, मेरे पास मां है।

भल्लाल देव बताएंगे- हां उसी मां के ऑर्डर से कटप्पा तुझे मारेगा बाहुबली।

लोग कहते हैं कि पुराने वक्त में सब कुछ ठीक होता था, यह फिल्म बताती है कि पुराने भी उतने ही शातिर, बदमाश थे, जितने अब मिलते हैं या अब से ज्यादा।

बाहुबली सीरिज की फिल्मों में अमिताभ बच्चन के लिए करने को बहुत कुछ है। लंबा-चौड़ा महल है, उसमें कंपोस्ट खाद उगाने की तरकीबें बता सकते हैं। जिस स्टेट में माहिष्मती है, वहां कुछ दिन गुजारने के लिए पर्यटकों को निमंत्रण दे सकते हैं। भल्लाल देव के साथ खड़े होकर पेंशन योजना का ऐड कर सकते हैं कि जिसके बेटे भल्लाल देव जैसे हों, उसे बुढ़ापे में पेंशन की जरूरत होगी ही होगी।

सीआईडी के एसीपी प्रद्युम्न चीख रहे होंगे- दया, पता लगाओ कि कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा।

उन्हें बताया जाएगा कि दया है ही नहीं, वह तो बाहुबली-2 की लाइन में लगा हुआ है सात दिनों से।

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