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तीन राज्यों के चुनाव से पहले नए सदस्यों पर बीजेपी का फोकस

बीजेपी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रदेश प्रभारी और अध्यक्षों की मीटिंग में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि अभी हमारा (पार्टी का) पीक नहीं आया है, अभी भी जिन राज्यों तक विस्तार नहीं हुआ है वहां विस्तार करना है।

पूनम पाण्डे | नवभारत टाइम्स 13 Jun 2019, 8:03 pm
नई दिल्ली
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तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने पूरा फोकस नए सदस्य बनाने पर करने का फैसला लिया है। सदस्यता अभियान के जरिए हर राज्य में प्रचार तो होगा साथ ही उन राज्यों पर खास ध्यान दिया जाएगा जहां बीजेपी अभी ताकतवर नहीं हुई है। बीजेपी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रदेश प्रभारी और अध्यक्षों की मीटिंग में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि अभी हमारा (पार्टी का) पीक नहीं आया है, अभी भी जिन राज्यों तक विस्तार नहीं हुआ है वहां विस्तार करना है।

उन्होंने पश्चिम बंगाल का भी जिक्र किया। सदस्यता अभियान श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती 6 जुलाई से शुरू होगा और छह महीने तक चलेगा। पार्टी का पूरा फोकस फिलहाल इसी पर है इसलिए माना जा रहा है कि उसके बाद ही नए पार्टी अध्यक्ष का फैसला होगा और महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा के विधानसभा चुनाव अमित शाह के नेतृत्व में ही होंगे।

शिवराज को जिम्मेदारी
पार्टी ने सदस्यता अभियान को लीड करने का जिम्मा पार्टी के सीनियर नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह को दिया है। इस कदम को अमितशाह और पीएम मोदी का चौहान की योग्यता पर भरोसे को तौर देखा जा रहा है। चौहान पार्टी के एक लोकप्रिय चेहरे हैं, ओबीसी लीडर हैं और पार्टी उनकी छवि और सांगठनिक योग्यता का इस्तेमाल मेंबरशिप अभियान में करना चाहती है। शिवराज के साथ चार सह संयोजक भी बनाए गए हैं जिसमें दुष्यंत गौतम, अरुण चतुर्वेदी, सुरेश पुजारी और शोभा सुरेंद्रन हैं। यूपीके डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा पहले सदस्यता अभियान के संयोजक थे।

20 पर्सेंटग्रोथकालक्ष्य
मीटिंग में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी के इतिहास और विस्तार का जिक्र करते हुएकहा कि 2014 के बाद पार्टी के 11 करोड़ सदस्य बने और अब इनमें कम से कम 20 पर्सेंट औरजोड़ने का लक्ष्य है।शाह ने कहा कि इस चुनाव में जनता ने हमें जातिवाद, परिवारवाद और संप्रदायवाद के खिलाफ जनमत दिया है।यूपी में जाति आधारित महागठबंधन के मिथकको भी इस चुनाव ने खत्म किया है। उन्होंने कहा कि करोड़ों कार्यकर्ताओं की मेहनत का नतीजा है कि बीजेपी ने जो 303 सीटें जीती उनमें से 220 सीटों पर पचास पर्सेंट से ज्यादा वोटमिले हैं और 16 राज्यों में 50 पर्सेंट से ज्यादा वोट हासिल किए।लेकिन अभी यह पार्टी का पीक नहीं है।जिन राज्यों में हमें सफलता नहीं मिली है वहां पार्टी का विस्तार करना है।

तुक्के से नहीं मिली जीत
सूत्रों के मुताबिक शाह ने कहा कि पहले लोगों को लगता था कि पार्टी तुक्के से जीत गई। जब हम कहते थे कि 20-30 साल तक हमें रहना है तो लोग भरोसा नहीं करते थे लेकिन अब लोग भरोसा करने लगे हैं। हम काम के बूते यह कर रहे हैं और आगे भी काम के बूते ही लोग हमारा साथ देंगे। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ जीतने के लिए कोई फैसला नहीं लेते बल्कि देश के हित में फैसला लेते हैं और लोग उसी वजह से हमारा साथ देते हैं। शाह ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का उदाहरण देते हुए कहा कि हम देश हित में कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं रहते और न ही रहेंगे।
लेखक के बारे में
पूनम पाण्डे
पूनम पाण्डे नवभारत टाइम्स में असिस्टेंट एडिटर हैं। वह बीजेपी, आरएसएस और राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले कवर करती हैं।... और पढ़ें

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