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पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के लिये केन्द्रीय जल आयोग ने स्वीकृति प्रदान की

जयपुर, सात मई :भाषा: केन्द्रीय जल आयोग ने राजस्थान की महत्वाकांक्षी परियोजना पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को स्वीकृति दे दी है।

भाषा 7 May 2017, 8:35 pm
जयपुर, सात मई :भाषा: केन्द्रीय जल आयोग ने राजस्थान की महत्वाकांक्षी परियोजना पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को स्वीकृति दे दी है। राजस्थान नदी बेसिन जल संसाधन योजना प्राधिकरण के अध्यक्ष श्रीराम वेदिरे ने बताया कि 30 हजार करोड़ की लागत वाली परियोजना से मरू प्रदेश के 13 जिलों की पीने के पानी और सिंचाई संबंधी समस्या का निदान हो जायेगा। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय जल आयोग से पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना :ईआरसीपी: के लिये स्वीकृति मिल गई है, इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट :डीपीआर: आगामी सप्ताह में पूरी कर ली जायेगी जिसके बाद इसे केन्द्रीय सरकार के पास राष्ट्रीय महत्व की परियोजना घोषित करने के लिये भेजा जायेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय स्वीकृति से परियोजना की लागत की समस्या का निदान हो जायेगा। वेदिरे ने कहा कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना की घोषणा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस वर्ष बजट में घोषणा की थी। 30 हजार करोड रूपये की लागत वाली इस मेगा परियोजना का ध्येय चंबल नदी का पानी 13 जिलों में पीने का पानी और सिचांई के लिये उपलब्ध कराना है। परियोजना की उपयोगिता के लिये रडार सर्वे पूर्व में किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत केन्द्रीय जल आयोग से जल विग्यान :हाईड्रोलॉजी: संबंधी स्वीकृति प्राप्त कर पहले कदम में सफलता अर्जित कर ली है। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट :डीपीआर: बनाकर केन्द्र को भेजी जायेगी। यदि परियोजना केन्द्र द्वारा स्वीकार कर ली जायेगी तो यह परियोजना पश्चिमी राजस्थान में हरित कं्राति लाने वाली देश की सबसे बडी परियोजना इंदिरा गांधी नदी परियोजना के समान परियोजना साबित होगी। उन्हांेने बताया कि परियोजना तीन चरणों में लागू की जायेगी। इस परियोजना से प्रदेश के 13 जिलों बूंदी, कोटा, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर, बांरा, झालावाड, जयपुर, टोंक, दौसा, अजमेर और अलवर को इसका फायदा मिलेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना से लगभग दस लाख एकड भूमि पर होने वाली उपज की सिंचाई की आवश्यकता को पूरी किया जा सकेगा। परियोजना से अलवर जिले के दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर में लगने वाली औद्योगिक ईकाईयों को भी पानी मिल सकेगा और युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना के पहला चरण में गलवा बांध से धौलपुर तक जबकि दूसरे चरण में गलवा से बीसलपुर ईसरदा और तीसरे चरण में गलवा से अलवर तक पानी पहुंचाया जायेगा।

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