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RSS के आदमी हैं उमर इलियासी, भागवत को राष्ट्रपिता क्या दुनिया का पिता बता देंगे... मुसलमान झांसे में नहीं आएगा: राशिद अल्वी

Rashid Alvi Exclusive Interview : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी का दावा है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के चीफ मौलाना उमर अहमद इलियासी से मुलाकता का आम मुसलमानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अल्वी ने नवभारत टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि उमर इलियासी आरएसएस के ही व्यक्ति हैं।

Edited byनवीन कुमार पाण्डेय | नवभारतटाइम्स.कॉम 25 Sep 2022, 3:15 pm

हाइलाइट्स

  • कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि RSS चीफ की कवायद बेकार जाएगी
  • मोहन भागवत के मौलाना से मिलने और मदरसा जाने पर अल्वी का दावा
  • कांग्रेस नेता ने कहा कि आरएसएस-बीजेपी पर मुसलमानों को भरोसा नहीं
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नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के चीफ उमर अहमद इलियासी से मुलाकात की। भागवत पहली बार मदरसे में भी गए और वहां के स्टूडेंट्स से बातचीत की। आरएससएस प्रमुख की इस पहल पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। संघ और बीजेपी समर्थकों का एक बड़ा वर्ग भागवत के इस कदम से नाराज है। दूसरी तरफ ज्यादातार मुस्लिम धर्मगुरु और राजनेता भी इसे आरएसएस का ढोंग ही बता रहे हैं। एनबीटी ऑनलाइन के नरेशा तनेजा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी से प्रतिक्रिया मांगी। दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई जिसमें अल्वी ने साफ-साफ कहा कि इमाम एसोसिएशन के चीफ उमर इलियासी आरएसएस के ही आदमी हैं। उनका दावा है कि ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन बनवाया ही है आरएसए ने।

अल्वी बोले- आरएसएस के ही आदमी हैं उमर इलियासी

राशिद अल्वी ने कहा, 'भागवत अगर (मुख्तार अब्बास) नकवी के घर भी चले जाएं तो किसी को कोई ताज्जुब नहीं होगा। बीजेपी के नेता है (नकवी)। इसी तरीके से मौलाना आरएसएस के ही आदमी हैं। इसीलिए मिलने के लिए चले गए। यह पहला मौका नहीं है। आरएसएस और बीजेपी के सपोर्ट में रहते हैं मौलाना। सरकार उन्हें इस्राइल भी भेजती रहती है। क्या बात हुई, वो तो वही बता सकते हैं। लेकिन भागवत का उनसे मिलना कोई हैरानी की बात नहीं है।' उन्होंने कहा कि इलियासी ने भागवत को राष्ट्रपिता ही बताया, यह हैरानी की बात है, वो तो पूरी दुनिया के पिता बता सकते थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस मुलाकात से आरएसएस या मोहन भागवत के विचारों में कोई अंतर नहीं आएगा। उनका यह भी दावा है कि आरएसएस के इस हथकंडे से देश के मुसलमानों पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। उन्हें पता है कि देश का माहौल नभरत से भरा है और इसके लिए आरएसएस-बीजेपी, दोनों जिम्मेदार हैं।
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भागवत को किस मुसलमान से करनी चाहिए बात, अल्वी ने बताया

अल्वी से जब यह पूछा गया कि अगर इलियासी आरएसएस के व्यक्ति हैं तो फिर भागवत किन मुसलमानों से मिलें ताकि मुस्लिम समुदाय को लगे कि आरएसएस की सोच बदल रही है? इस पर अल्वी ने देर तक इधर-उधर की बातें की, लेकिन जब नरेश तनेजा अपने सवाल पर अड़े रहो तो कांग्रेसी नेता ने मौलाना अरशद मदनी का नाम लिया। उन्होंने कहा कि मदनी राजनीतिक लोग भी नहीं हैं, लिहाजा भागवत को उनसे मिलना चाहिए। ध्यान रहे कि मौलाना अरशद मदनी दारूल उलूम देवबंद के प्रिंसिपल और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष हैं। अल्वी ने कहा कि आरएसएस का दिल साफ है तो फिर योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री क्यों बनाया गया? उन्होंने कहा कि योगी मुसलमानों के प्रति नफरत से भरे हैं। उन्होंने मुसलमानों के घरों पर बुल्डोजर चलाए हैं। जब तनेजा ने उन्हें टोका और याद दिलाया कि बुल्डोजर तो आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों के घरों पर ही चले हैं तो अल्वी ने कहा कि कई ऐसे आम मुसलमान हैं जिनका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं रहा है, फिर भी वो बुल्डोजर पॉलिटिक्स के शिकार हुए हैं।

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आरएसएस-बीजेपी पर भरोसा नहीं करता मुसलमान: अल्वी

अल्वी ने कहा कि आखिर मुसलमान बीजेपी को वोट क्यों नहीं देता है, यह भी तो सोचना होगा। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को बीजेपी पर भरोसा नहीं है। उनका दावा है कि आरएसएस और बीजेपी को मुसलमानों की समस्या का पता ही नहीं है और इसलिए वो कभी मुसलमानों के मददगार नहीं हो सकते हैं। जब अल्वी से पूछा गया कि आखिर मुसलमानों में भरोसा पैदा करने के लिए क्या किया जाना चाहिए तो उन्होंने कहा कि उनकी समस्याओं को समझना चाहिए और उसे दूर करने के प्रयास होने चाहिए। अल्वी ने कहा कि आरएसएस-बीजेपी एक दिन मुसलमानों से मिलती है, दूसरे दिन कहती है कि तुम लव जिहाद करते हो, तुम्हें पाकिस्तान भेज देंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे में भरोसा बनने से रहा।


'अशोक गहलोत का कांग्रेस अध्यक्ष बनना पक्का'
अल्वी ने यह भी दावा किया कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। उन्होंने कहा, 'अशोक गहलोत का नाम फाइनल हो चुका है। वो नामांकन फाइल करने वाले हैं और वो निश्चित रूप से चुनाव जीत भी जाएंगे।' जब हमारे सहयोगी ने उनसे पूछा कि गहलोत के केंद्र में आने के बाद राजस्थान का ताज किसके सिर सजेगा तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वो बनता है जिन्हें विधायक पसंद करें। उन्होंने गहलोत की केंद्र और राज्य, दोनों जगह रहने की इच्छा पर कहा, 'हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पर दम निकले। हर किसी की इच्छा होती है ज्यादा से ज्यादा पाने की।' तो क्या माना जाए कि सचिन पायलट राजस्थान के मुख्यमंत्री होंगे? इस सवाल पर अल्वी बोले, 'विधायकों का बहुमत जिसे चाहेगा, वो राजस्थान का मुख्यमंत्री बनेगा।'

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भारत जोड़ो यात्रा क्यों, अल्वी ने बताया

हमारे सहयोगी ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेता से 'भारत जोड़ो यात्रा' पर भी सवाल किए। जब अल्वी से पूछा गया कि क्या देश टूटा हुआ है जिसे जोड़ने की जरूरत है, तो उन्होंने कहा कि समाज टूटा हुआ है। अल्वी ने कहा, 'हिंदू-मुसलमान के बीच खड़ी की गई दीवार को तोड़ने के लिए यह यात्रा की जा रही है। हिंदू-मुस्लिम के बीच जितनी नफरत है, उतनी कभी नहीं देखी। बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी तक कह चुके हैं कि देश में विकास से नाम पर चुनाव नहीं होता है, सिर्फ हिंदू-मुसलमान का मुद्दा उछलता है। ये तो बीजेपी नेता का ही कहना है।' क्या यह यात्रा कांग्रेस से मतदाताओं को जोड़ने में कामयाब होगी? इस सवाल पर उन्होंने कहा, 'कितने जुड़ेंगे, कितने नहीं जुड़ेंगे, यह तो भविष्य के गर्भ में है। लेकिन हम प्रयास तो करेंगे। हम तो चाहेंगे कि कांग्रेस मजबूत हो। कांग्रेस सेक्युलर संगठन है। अगर कांग्रेस मजबूत होगी तो बीजेपी की खुद-ब-खुद कमजोर हो जाएगी।'


150 दिनों की भारत यात्रा का आज 18वां दिन

ध्यान रहे कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में 'भारत जोड़ो यात्रा' 7 सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू हुई थी जो 150 दिनों के बाद कस्मीर में खत्म होगी। कांग्रेस की यह यात्रा आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब होते हुए कश्मीर पहुंचेगी। राहुल की 150 दिनों की इस यात्रा में 12 राज्यों और दो केंद्राशासित प्रदेशों की करीब 3,570 किलोमीटर की दूरी पैदल नापी जाएगी।
लेखक के बारे में
नवीन कुमार पाण्डेय
नवीन कुमार पाण्डेय सितंबर 2014 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से जुड़े हैं। इनकी पत्रकारीय जीवन की शुरुआत तो दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर में नामांकन के साथ ही शुरू हो गई थी, लेकिन पेशेवर पत्रकार का तमगा M3M मीडिया ग्रुप ने दिया। वहां हमार टीवी में नौकरी करने के बाद पटना चले गए और आर्यन टीवी की शुरुआती टीम में शामिल रहे। पटना से रांची का रुख हुआ। वहां झारखंड के सबसे प्रभावी न्यूज चैनल न्यूज 11 में काम किया। फिर रांची से प्रकाशित एक नए अखबार खबर मंत्र का हिस्सा रहे। वहां से दोबारा न्यूज 11 और फिर दिल्ली आगमन हुआ। अभी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन के साथ इनकी यात्रा जारी है।... और पढ़ें

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