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वोटबैंक बचाने को फुलटाइम वॉलंटियर जुटाएगी कांग्रेस

एक के बाद एक हार का सामना कर रही कांग्रेस के लिए जमीनी स्तर पर खिसकता जनाधार बड़ी चिंता बन चुका है। वोट बैंक को बचाने के लिए तमाम उपाय आजमा चुकी कांग्रेस ने अब इसके लिए समर्पित वॉलंटियर्स की मदद लेने की योजना बनाई है। इस दिशा में बाकायदा कांग्रेस हाई कमान सक्रिय हुआ है।

मंजरी चतुर्वेदी | नवभारत टाइम्स 20 Apr 2017, 11:13 pm
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम congress to focus on fulltime volunteer to save votebank
वोटबैंक बचाने को फुलटाइम वॉलंटियर जुटाएगी कांग्रेस

एक के बाद एक हार का सामना कर रही कांग्रेस के लिए जमीनी स्तर पर खिसकता जनाधार बड़ी चिंता बन चुका है। वोट बैंक को बचाने के लिए तमाम उपाय आजमा चुकी कांग्रेस ने अब इसके लिए समर्पित वॉलंटियर्स की मदद लेने की योजना बनाई है। इस दिशा में बाकायदा कांग्रेस हाई कमान सक्रिय हुआ है। उसकी योजना है कि कुछ समर्पित वॉलंटियर्स जुटाकर उन्हें इस साल व अगले साल होने वाले असेंबली चुनावों के लिए काम पर लगाया जाए। इन्हें जमीनी स्तर पर काम करने के लिए भेजा जाए।

इस दिशा में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल में बैठक बुलाई, जिसमें पार्टी के कुछ सीनियर नेताओं से लेकर प्रदेश व जिला स्तर के कुछ पूर्व पदाधिकारी भी शामिल थे। राहुल के साथ इस मीटिंग में 45 लोग शामिल थे। इनमें पी. चिदंबरम, किशोर चंद्र देव, कुमारी शैलजा व के. पल्लम राजू भी थे। सूत्रों के मुताबिक, मीटिंग में राहुल ने कहा कि वह बूथ लेवल से लेकर प्रदेश स्तर पर वॉलंटियर्स तैनात करना चाहते हैं, जो विभिन्न स्तर पर पार्टी की मजबूती के लिए काम करें।

राहुल ने यह भी कहा कि उन्हें फुलटाइम वॉलंटियर्स चाहिए। जो चुनावी राज्यों में रहकर काम करें। राहुल ने वहां मौजूद पार्टी नेताओं से भी पूछा कि आप में से कितने लोग इन राज्यों में जमीनी स्तर पर जुटकर काम कर सकते हैं। हालांकि राहुल ने साफ किया कि वह किसी पर जबरदस्ती नहीं करेंगे, जो अपनी तरफ से जाना चाहेगा, उसे भेजा जाएगा। आने वाले दिनों में राहुल इस सिलसिले में कुछ और बैठकें भी करेंगे।

आने वाले छह महीनों से लेकर डेढ़ साल के अंदर गुजरात, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में चुनाव हैं और ये सभी राज्य कांग्रेस की दृष्टि से बेहद अहम हैं। इन सभी राज्यों में कांग्रेस का सीधा मुकाबला बीजेपी से है। ऐसे में कांग्रेस इन तमाम राज्यों में बूथ लेवल से लेकर, ब्लॉक, जिला व प्रदेश स्तर पर कुछ ऐसे वॉलंटियर्स लगाना चाहती है, जो जमीनी स्तर पर पार्टी की मजबूती के लिए काम कर सकें।

दरअसल, कांग्रेस को लग रहा है कि जमीनी स्तर समर्पित वर्कर्स की फौज का न होना भी पार्टी की बड़ी कमजोरी है। कांग्रेस को समझ में आ रहा है कि बीजेपी व आप सहित तमाम दलों के जनाधार के पीछे उनका समर्पित काडर है। ऐसे में उसे अपनी जमीनी पकड़ मजबूत बनाने के लिए काडर की जरूरत महसूस हो रही है।

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