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Corona Vaccine: भारत की वैक्सीन डिप्लोमसी को पचा नहीं पा रहा चीन, दुष्प्रचार में जुटा

Corona Vaccine Latest News: भारत ने पहले से ही श्रीलंका, अफगानिस्तान और पाकिस्तान को छोड़कर सभी सार्क देशों को भारत के सीरम इंस्टीट्यूट (SII) की कोविशिल्ड (Covishield)वैक्सीन का गिफ्ट दिया है।

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 25 Jan 2021, 8:23 am

हाइलाइट्स

  • ग्लोबल टाइम्स ने SII में आग के बाद वैक्सीन मैन्युफैक्चरिंग क्षमता पर उठाए सवाल
  • भारत 27 जनवरी को श्रीलंका को कोरोना वैक्सीन 5 लाख डोज डोनेट करेगा
  • लोकल रेगुलेटर से मंजूरी के बाद अफगानिस्तान को भेजी जाएगी वैक्सीन की खेप
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नई दिल्ली
भारत की वैक्सीन डिप्लोमेसी को चीन नहीं पचा पा रहा है। कोरोना महामारी के बीच भारत के वैक्सीन मैत्री (Vaccine Maitri) ने अभियान ने चीन को दक्षिण एशिया में बैकफुट पर धकेल दिया है। चीनी सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स (Global Times) भारत के अभियान के खिलाफ दुष्प्रचार और उसे बदनाम करने में जुट गया है। वहीं भारत ने पहले से ही श्रीलंका, अफगानिस्तान और पाकिस्तान को छोड़कर सभी सार्क देशों को भारत के सीरम इंस्टीट्यूट (SII) की कोविशिल्ड (Covishield)वैक्सीन का गिफ्ट दिया है।
अफगानिस्तान को जल्द भेजी जाएगी वैक्सीन की खेप
भारत और अफगानिस्तान के बीच वैक्सीन को लेकर बातचीत जारी है। भारत का कहना है कि अफगानिस्तान में स्थानीय रेगुलेटर की तरफ से वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी मिल जाने के बाद उसे वैक्सीन की खेप की सप्लाई की जाएगी। भारत ने अफगानिस्तान को भरोसा दिलाया है कि वह उसकी प्राथमिकता सूची में ऊपर है। भारत की तरफ से 27 जनवरी को श्रीलंका को कोरोना वैक्सीन 5 लाख डोज दी जाएगी।

भारत की वैक्सीन मैन्युफैक्चरिंग क्षमता पर उठाए सवाल
वहीं, ग्लोबल टाइम्स ने भारत की वैक्सीन मैत्री के खिलाफ दुष्प्रचार करते हुए सीरम इंस्टीट्यूट में आग लगने की घटना के बाद भारत के वैक्सीन मैन्युफैक्चरिंग क्षमता पर सवाल उठाए हैं। ग्लोबल टाइम्स ने यह भी दावा किया है कि चीन में रहने वाले भारतीय चीनी वैक्सीन को तरजीह दे रहे हैं। ग्लोबल टाइम्स ने बीबीसी की रिपोर्ट के हवाले से दावा किया है कि पेशेंट्स राइट्स ग्रुप ऑल इंडिया ड्रग एक्शन नेटवर्क का कहना है कि सीरम ने कोविशील्ड को लेकर ब्रीजिंग स्टडी को पूरा नहीं किया है।

नेपाल में नहीं मिली है चीनी वैक्सीन को अनुमति
भारत के प्रयासों के उलट चीन ने बहुत कम और उन देशों को वैक्सीन देने का ऑफर दिया है जहां वह राजनीतिक और आर्थिक रूप से अपने पैर पसारना और प्रभाव जमाना चाहता है। नेपाल मे ड्रग रेगुलेटर ने अभी तक चीनी वैक्सीन को मंजूरी नहीं दी है। वहीं, मालदीव सरकार के सूत्रों का कहना है कि चीन की तरफ से कोविड-19 वैक्सीन की किसी भी तरह की सप्लाई को लेकर कोई संकेत नहीं मिले हैं। इतना ही नहीं चीन के करीबी देश कंबोडिया ने भी भारत से वैक्सीन देने का आग्रह किया है। वहीं रायटर की एक रिपोर्ट में पिछले हफ्ते कहा गया था कि टीके की सप्लाई को लेकरबांग्लादेश के साथ चीन का गतिरोध है।

कई देश दिखा रहे भारत की वैक्सीन में रुचि
भारत ने पिछले सप्ताह कहा था कि कई देशों ने हमारी वैक्सीन में रुचि दिखाई है। हम वैक्सीन मैन्युफैक्चरिंग का हब हैं। सरकार ने यह भी कहा कि भारत साझेदार देशों को चरणबद्ध तरीके से टीके की आपूर्ति जारी रखेगा। चीन की तरफ से भारत की भारत की तरफ से सऊदी अरब, साउथ अफ्रीका, ब्राजील, मोरक्को, बांग्लादेश और म्यांमार को वैक्सीन की सप्लाई कर रहा है।

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