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विग्यापन पेशेवर दीपिका प्रजापति का अनुभव कुछ और ही रहा। वह 20 मिनट से कम वक्त में 24,000 रूपये निकाल लाईं।

उन्होंने दो हजार रूपये के नए नोट दिखाते हुए कहा, मैं कांदिवली की एक बैंक में गई थी। उनके बाद कतार में 6-7 लोग थे। मेरी बारी 15 मिनट में आ गई और मैंने 24,000 रूपये निकाल लिए।

नवभारतटाइम्स.कॉम 19 Nov 2016, 6:25 pm
उन्होंने दो हजार रूपये के नए नोट दिखाते हुए कहा, मैं कांदिवली की एक बैंक में गई थी। उनके बाद कतार में 6-7 लोग थे। मेरी बारी 15 मिनट में आ गई और मैंने 24,000 रूपये निकाल लिए। दक्षिण मुंबई के ज़ावेरी बाजार इलाके के कुछ लोगों ने कहा कि वह तड़के ही कतारों में लग रहे हैं ताकि अगले दिन जब बैंक खुलें तो उनकी बारी जल्दी आ जाए। इस बीच, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 500 और 1000 रूपये के अवैध नोटों की प्रतिकृतियां पकड़े हुए थे और उन्होंने मांग की कि समूचे देश में लोगों को हो रही परेशानी को कम करने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए। मुंबई के उत्तर पूर्वी जिला कांग्रेस के महासचिव राजेश इंग्ले ने कहा कि हम नोट बंदी के खिलाफ नहीं है जिसे कालाधन के खतरे पर नकेल कसने के लिए लाया गया है लेकिन प्रदर्शन अनियोजित तरीके से इसे लागू करने के खिलाफ किया जा रहा है। लोग रोजाना सात से आठ घंटे कतारों में लग रहे हैं बावजूद इसके उन्हें पैसा नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस नोटबंदी से सिर्फ कारोबारियों, उद्योगपतियों को फायदा हुआ है जबकि आम आदमी, छात्र, मजदूर, गृहणियां, छोटे कारोबारी और मरीज आदि बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। सरकार को हड़बड़ी को दूर करने के लिए पुराने नोट बदलवाने और जमा कराने की अंतिम तारीक को बढ़ाने का ऐलान करना चाहिए। इस बीच, प्रदर्शन स्थल पर कुछ लोगों ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी को भ्रष्टाचार और कालेधन के विरूद्ध सरकार के कदम का विरोध करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

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