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डॉक्टरों के 14 दिन के क्वारंटीन की अनिवार्यता खत्म करने पर सुप्रीम कोर्ट में उठाया सवाल

hearing in supreme court today: सुप्रीम कोर्ट में आज डॉक्टरों के 14 दिन के क्वारंटीन अनिवार्यता खत्म करने के केंद्र के फैसले पर सुनवाई। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एमआर शाह की बेंच ने मामले में डॉक्टर आरुषि जैन की एफिडेविट को रेकॉर्ड पर लिया और सॉलिसिटर जनरल से कहा है कि वह इस पर अगले हफ्ते जवाब दाखिल करें।

राजेश चौधरी | नवभारत टाइम्स 27 May 2020, 3:22 pm
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के उस फैसले पर सवाल उठाया गया है जिसमें कोरोना महामारी से लड़ने वाले फ्रंट लाइन डॉक्टरों के 14 दिन के क्वारंटीन की अनिवार्यता को खत्म किया गया है। इस मामले में एक डॉक्टर की ओर से दाखिल हलफनामे पर केंद्र सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा गया है।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एमआर शाह की बेंच ने मामले में डॉक्टर आरुषि जैन की एफिडेविट को रेकॉर्ड पर लिया और सॉलिसिटर जनरल से कहा है कि वह इस पर अगले हफ्ते जवाब दाखिल करें। डॉक्टर ने वकील के जरिये एफिडेविट दाखिल कर कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 15 मई को कोविड और गैर कोविड इलाके में काम करने वाले मेडिकल स्टाफ के मैनेजमेंट के लिए एडवाइजरी जारी किया है । हलफनामे में कहा गया है कि कोविड के इलाज में तैनात मेडिकल स्टाफ के लिए 14 दिन का क्वारंटीन की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। बताया गया है कि केंद्र सरकार के बाद कर्नाटक सरकार ने भी 16 मई को सर्कुलर जारी कर कहा कि जिन मेडिकल कर्मियों को पूरे पीपीई किट दिया जा रहा है और कोरोना के लक्षण नहीं हैं उन्हें अलग रखने की जरूरत नहीं है।

गौरतलब है कि 15 मई को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह बताएं कि डॉक्टरों को अस्पताल के नजदीक रहने का इंतजाम हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट में एक डॉक्टर की ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया है कि कोविड से लड़ने वाले डॉक्टरों के लिए अस्पताल के पास रहने की सुविधा होनी चाहिए अन्यथा कोरोना वारियर ही लड़ाई हार जाएंगे। ड़ॉक्टरों के रहने के बारे में एक एसओपी की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हम अगले हफ्ते सुनवाई करेंगे तब तक सॉलिसिटर जनरल अस्पताल के नजदीक डॉक्टरों के लिए रहने व क्वारंटीन की सुविधाएं देने के बारे में सरकार से निर्देश लेकर आएं।
लेखक के बारे में
राजेश चौधरी
राजेश चौधरी 2007 से नवभारत टाइम्स से जुड़े हुए हैं। वह दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट, निचली अदालत और सीबीआई से जुड़े विषयों को कवर करते हैं और स्पीड न्यूज में भी आपको इस बारे में खबर देते रहेंगे। यदि आपके पास कोर्ट से जुड़े मामलों की कोई सूचना है तो आप उनसे इस ईमेल अड्रेस - journalistrajesh@gmail.com - पर संपर्क कर सकते हैं।... और पढ़ें

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