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Jammu Airforce Station Attack: ​देश में पहली बार हुआ ड्रोन से हमला, दो साल से लगातार बढ़ रहा इस्तेमाल

जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर विस्फोट में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। ऐसा पहली बार हुआ है कि भारत में किसी हमले के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया हो। पिछले 2 सालों में सीमा पर आंतकी गतिविधियों के संचालन में ड्रोन का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है।

Authored byपूनम पाण्डे | नवभारत टाइम्स 27 Jun 2021, 4:49 pm

हाइलाइट्स

  • जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर हमले में बड़ा खुलासा
  • पहल बार हमले के लिए ड्रोन का इस्तेमाल हुआ
  • हथियारों की सप्लाई में पहले ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा पाक
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नई दिल्ली
जम्मू में एयरफोर्स स्टेशन में हुए दो धमाकों में भले ही कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ लेकिन ड्रोन का इस्तेमाल कर विस्फोटक गिराए जाने की संभावना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि इन धमाकों के लिए विस्फोटक ड्रोन से गिराए गए। देश में पहली बार ड्रोन के जरिए किसी सुरक्षा प्रतिष्ठान पर हमला हुआ है।
पिछले कुछ सालों ने पाकिस्तानी की तरफ से ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा है। निगरानी रखने के साथ ही आतंकियों को हथियार सप्लाई करने के लिए भी ड्रोन का इस्तेमाल पिछले दो सालों में बढ़ा है। ड्रोन सुरक्षा एजेंसियों के लिए सरदर्द तो पहले ही बन गया था लेकिन अब ड्रोन से अटैक ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि सुरक्षा रणनीति को नए सिरे से बनाने की जरूरत है। सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स काफी वक्त से ड्रोन के खतरे को लेकर आगाह करते रहे हैं।

2019 से बढ़ा है ड्रोन का इस्तेमाल
पाकिस्तान ने आतंकियों को हथियार सप्लाई करने के लिए 2019 से ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ाया है। 13 अगस्त 2019 को अमृतसर के एक गांव में क्रैश होने के बाद एक ड्रोन पकड़ा गया। फिर उसी साल सिंतबर में तरन तारन, पंजाब में पकड़े गए एक आतंकी ने खुलासा किया कि ड्रोन ने आठ चक्कर लगातार हथियार गिराए थे। 20 जून 2020 को बीएसएफ ने जम्म-कश्मीर के कठुआ जिले में एक जासूसी ड्रोन को मार गिराया था, साथ ही हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए थे।

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पिछले साल 19 सितंबर को जम्मू कश्मीर पुलिस ने लश्कर ए तयैबा की तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया, उन्हें एक रात पहले ही पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियारों की सप्लाई मिली थी। फिर 22 सितंबर 2020 को जम्मू कश्मीर पुलिस ने अखनूर सेक्टर को ड्रोन से डिलीवर किए गए हथियार बरामद किए। फिर दिसंबर में पंजाब पुलिस ने गुरदासपुर जिले में पाकिस्तान बॉर्डर के पास आठ हैंड ग्रेनेड बरामद किए, कहा गया कि यह पाकिस्तानी ड्रोन ने गिराए थे।

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इसी साल पिछले महीने ही 14 तारीख को जम्मू कश्मीर के सांबा जिले में बीएसएफ ने पाकिस्तानी ड्रोन से गिराए गए हथियार बरामद किए। जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजी दिलबाग सिंह पहले ही कह चुके हैं कि चीन के बने ड्रोन का इस्तेमाल पाकिस्तानी आतंकी हथियार सप्लाई करने के लिए कर रहे हैं। ड्रोन से गिराए गए हथियारों में चीन की बनी कार्बाइन भी बरामद हो चुकी है।
लेखक के बारे में
पूनम पाण्डे
पूनम पाण्डे नवभारत टाइम्स में असिस्टेंट एडिटर हैं। वह बीजेपी, आरएसएस और राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले कवर करती हैं।... और पढ़ें

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