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कोयला घोटाला: गुप्ता और 2 दूसरे अधिकारियों को 2-2 साल कैद

कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले एक मामले में दिल्ली की विशेष सुनवाई अदालत ने पूर्व कोयला सचिव एच. सी. गुप्ता को 2 साल की सजा सुनाई है। इसी मामले में विशेष सीबीआई न्यायाधीश भरत पराशर ने 2 अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के. एस. क्रोफा और के. सी. सामारिया को भी 2-2 साल की सजा सुनाई।

भाषा 22 May 2017, 4:15 pm
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम coal
सांकेतिक तस्वीर

कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले एक मामले में दिल्ली की विशेष सुनवाई अदालत ने पूर्व कोयला सचिव एच. सी. गुप्ता को 2 साल की सजा सुनाई है। इसी मामले में विशेष सीबीआई न्यायाधीश भरत पराशर ने 2 अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के. एस. क्रोफा और के. सी. सामारिया को भी 2-2 साल की सजा सुनाई।

अदालत ने इसके अलावा तीनों आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके साथ ही अदालत ने इस मामले में दोषी निजी क्षेत्र की कंपनी कमल स्पॉन्ज स्टील ऐंड पावर लिमिटेड पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी के प्रबंध निदेशक पवन कुमार अहलूवालिया को अदालत ने 3 साल की जेल की सजा सुनाई है।

अहलूवालिया को 30 लाख रुपये का जुर्माना भी देना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद तीनों आरोपियों को जमानत दे दी गई जिससे वे हाई कोर्ट में अपील कर सकें। पूर्व कोयला सचिव और दो अन्य वरिष्ठ सेवारत अधिकारियों को इससे पहले अदालत ने मध्य प्रदेश में थेसगोरा-बी रुद्रपुरी कोयला ब्लॉक के आवंटन में अनियमितता का दोषी ठहराया था।

सुनवाई के दौरान सीबीआई ने आरोप लगाया था कि KSSPL द्वारा कोयला ब्लॉक के लिए दायर किया गया आवेदन अधूरा था और जारी दिशानिर्देशों के मुताबिक न होने के कारण इसे मंत्रालय की ओर से खारिज कर दिया जाना चाहिए था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने अपनी नेट वर्थ और मौजूदा क्षमता को गलत बताया था।

सीबीआई ने कहा कि राज्य सरकार ने भी कंपनी को कोई कोयला ब्लॉक आवंटित करने की सिफारिश नहीं की थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान दोषियों ने आरोपों को गलत बताया। अदालत ने पिछले साल अक्टूबर में आरोप तय करते हुए कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को गुप्ता ने 'अंधेरे' में रखा था और कोयला ब्लॉक अलॉटमेंट मामले में गुप्ता ने प्रथम दृष्ट्या कानून और उनपर जताए गए विश्वास का उल्लंघन किया।

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