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बेस इस्तेमाल के अग्रीमेंट के बाद अब भारत-अमेरिका की सेनाएं करेंगी युद्धाभ्यास

भारत और अमेरिका की सेनाएं एक और युद्ध अभ्यास करने जा रही हैं, लेकिन यह दोनों देशों के बीच उस...

रमेश तिवारी | नवभारत टाइम्स 11 Sep 2016, 5:56 pm
नई दिल्ली
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बेस इस्तेमाल के अग्रीमेंट के बाद अब भारत-अमेरिका की सेनाएं करेंगी युद्धाभ्यास

भारत और अमेरिका की सेनाएं एक और युद्ध अभ्यास करने जा रही हैं, लेकिन यह दोनों देशों के बीच उस अग्रीमेंट के बाद पहला अभ्यास होगा, जिसमें इनकी सेनाएं कुछ विशेष मामलों में एक-दूसरे के बेस का इस्तेमाल कर सकती हैं। 'युद्ध अभ्यास' 14 से 27 सितंबर तक उत्तराखंड में रानीखेत के पास चौबटिया में होगा। भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच रणनीतिक और सैन्य संबंध तेजी से गहरे हो रहे हैं।

अगस्त में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर के बीच वॉशिंगटन में लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरंडम ऑफ अग्रीमेंट (LEMOA) पर साइन हुए थे। इस अग्रीमेंट के मुताबिक रिपेयर और सप्लाई के लिए एक-दूसरे के बेस का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा ईंधन लेने, संयुक्त अभ्यास, ट्रेनिंग, मानवीय मदद और आपदा राहत के मामले में भी एक-दूसरे की सुविधाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है।

दोनों देशों के बीच 12वें अभ्यास में अमेरिका की लगभग 225 सैन्यकर्मियों की एक टुकड़ी और इतने ही सैन्यकर्मियों की एक टुकड़ी भारतीय सेना की ओर से भाग लेगी। भारतीय सैनिकों के पास कश्मीर के जटिल हालात से निपटने का अनुभव होगा, जबकि अमेरिकी सैनिकों के पास इराक और अफगानिस्तान का। दोनों सेनाएं मिलकर उग्रवादियों की घुसपैठ और आतंकवाद से मुकाबले के लिए एक साथ लड़ने का अभ्यास करेंगी।

इससे पहले जून में मालाबार अभ्यास में भारत, अमेरिका, जापान की सेनाओं ने मिलकर दक्षिण चीन सागर के पास अभ्यास किया था। माना जाता है कि इससे चीन को संदेश दिया गया, जो दक्षिण चीन सागर पर अपना हक जता रहा है।
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रमेश तिवारी

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