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Farmers Protest Latest Update: किसानों ने केंद्र सरकार का प्रस्ताव ठुकराया, कहा- बुराड़ी मैदान नहीं ओपन जेल है

Farmers protest Latest Update इससे पहले, किसानों की बैठक में अमित शाह का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। शाह ने प्रस्ताव दिया था कि सरकार किसानों से बातचीत के लिए तैयार है, बशर्ते किसान बॉर्डर से हटकर दिल्ली के बुराड़ी में निरंकारी समागम मैदान में प्रदर्शन करें।

नवभारतटाइम्स.कॉम 29 Nov 2020, 5:58 pm
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम kisan neta

नए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। किसान संघों ने दोपहर दो बजे दोबारा मीटिंग की। इससे पहले पंजाब के 30 किसान संघों की सुबह 11 बजे बैठक हुई। दोपहर की मीटिंग के बाद किसानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सरकार पर हमला बोला। किसानों ने कहा कि सरकार ने हमारे आंदोलन का अनादर किया। हम लोगों ने बुराड़ी मैदान में आंदोलन करने का सरकार का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। किसानों ने कहा कि बुराड़ी मैदान नहीं ओपन जेल है।

किसानों ने प्रस्ताव ठुकराया
किसानों ने कहा कि हम पूरी व्यवस्था के साथ यहां आए हैं। हमारे पास चार महीने का पर्याप्त राशन पानी है। उन्होंने कहा कि हम बुराड़ी मैदान में आंदोलन नहीं करेंगे हमको रामलीला मैदान या फिर जंतर मंतर पर आंदोलन करने की जगह सरकार को देनी चाहिए। गौरतलब है कि शनिवार को गृहमंत्री अमित शाह ने किसानों से अपील की थी कि वो दिल्ली के बुराड़ी इलाके में ही अपना आंदोलन करें और सरकार आपसे बातचीत के लिए तैयार है। जिसे किसान नेताओं से खारिज कर दिया है।

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सरकार द्वारा बातचीत के लिए जो कंडीशन थी हम उसे किसान संगठनों का अपमान मानते हैं। अब हम बुराड़ी पार्क में बिलकुल नहीं जाएंगे। हमें पता चला है कि वो पार्क नहीं ओपन ज़ेल है। हम ओपन ज़ेल में जाने की बजाय 5 मेन मार्ग जाम कर दिल्ली की घेराबंदी करेंगे:
दिल्ली, सिंघु बॉर्डर पर किसान नेता

कृषि मंत्री ने की अपील
किसानों के कॉन्फ्रेंस करने के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी प्रतिक्रिया दी है। तोमर ने कहा है कि भारत सरकार किसानों से तीन दौर की वार्ता कर चुकी है, चौथी बार तीन दिसंबर को मिलने का प्रस्ताव दिया था। सरकार हर स्तर पर खुले मन से बातचीत करने को तैयार है पर किसान यूनियन को बातचीत का माहौल बनाना चाहिए। उन्हें आंदोलन का रास्ता छोड़ चर्चा का रास्ता अपनाना चाहिए

सभी खाप पंचायतों ने आज बैठक में फैसला लिया कि वो तन-मन-धन से देश के किसानों के साथ है। सभी खापें किसानों के सहयोग के लिए कल दिल्ली कूच करेंगी:
हरियाणा, रोहतक से MLA सोमबीर सांगवान

गृहमंत्री अमित शाह की भी नहीं सुनी
किसान नेताओं ने कहा था कि गृहमंत्री अमित शाह को बातचीत के साथ शर्त नहीं रखनी चाहिए थी। हम बिना शर्त सरकार से बात रखना चाहते हैं। इसके बाद गृहसचिव अजय भल्ला ने मोर्चा संभाला है और किसानों से बातचीत का ऑफर दिया है। अब इस पर किसानों का क्या रुख होएगा ये देखने वाली बात होगी।

किसान ठिठुरती ठंड में सड़कों पर बैठे हैं लेकिन गृहमंत्री कहते हैं कि उनके पास बतचीत का समय नहीं पहले बुराड़ी आओ। अगर आप 1200 कि.मी. दूर हैदराबाद में जनसभा को संबोधित करने जा सकते हैं तो 15 कि.मी. दूर शंभू बॉर्डर पर किसानों से बातचीत करने क्यों नहीं:
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला

2.30 घंटे की बैठक में शाह का प्रस्ताव खारिज
इससे पहले, किसानों की बैठक में अमित शाह का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। शाह ने प्रस्ताव दिया था कि सरकार किसानों से बातचीत के लिए तैयार है, बशर्ते किसान बॉर्डर से हटकर दिल्ली के बुराड़ी में निरंकारी समागम मैदान में प्रदर्शन करें। दिन के 11 बजे शुरू हुई बैठक करीब 2.30 घंटे चली। इस बैठक में गृह मंत्रालय की शर्त नहीं मानने का फैसला हुआ। किसानों का कहना है कि वो केंद्र सरकार से बिना किसी शर्त के साथ बातचीत चाहते हैं।

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