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डीजल टैक्सी बैन: सुप्रीम कोर्ट से फैसले की समीक्षा करने को कहेगा केंद्र

सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली और NCR में 30 अप्रैल के बाद डीजल टैक्सियों पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद केंद्र सरकार चाहती है कि कोर्ट अपने इस फैसले की फिर से समीक्षा करे। नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट से निवेदन करेगी कि वह डीजल कारों पर बैन के अपने फैसले की समीक्षा करे।

नवभारतटाइम्स.कॉम 2 May 2016, 7:26 pm
नई दिल्‍ली
नवभारतटाइम्स.कॉम government to request supreme court to reconsider its decision to ban diesel cabs gadkari
डीजल टैक्सी बैन: सुप्रीम कोर्ट से फैसले की समीक्षा करने को कहेगा केंद्र

सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR)में 30 अप्रैल के बाद डीजल टैक्सियों के परिचालन पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद केंद्र सरकार चाहती है कि कोर्ट अपने इस फैसले की फिर से समीक्षा करे। केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट से निवेदन करेगी कि वह डीजल कारों पर बैन के अपने फैसले की समीक्षा करे।

यह भी पढ़ें: बैन के खिलाफ सड़क पर उतरे डीजल टैक्सी वाले, लगाया जाम

इससे पहले सोमवार को इस बैन के खिलाफ डीजल टैक्सी वाले सड़क पर उतर आए थे और उन्‍होंने राजधानी में जगह-जगह जाम लगाया था। जो जगह जाम से सबसे ज्‍यादा प्रभावित हुए उनमें धौलाकुंआ से गुड़गांव, आईटीओ और डीएनडी फ्लाईओवर थे। टैक्‍सी यूनियनों का आरोप है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में उनका पक्ष सही से नहीं रखा।

यह भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी राहत, 1 मई से दिल्ली-NCR में नहीं चलेंगी डीजल टैक्सी

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को डीजल वाहनों पर ग्रीन सेस लगाने संबंधित सुनवाई के दौरान आदेश दिया थी कि दिल्‍ली और NCR में 30 अप्रैल के बाद से डीजल टैक्सी नहीं चलेंगी। कोर्ट ने इन कारों को 30 अप्रैल तक CNG कारों में कन्वर्ट करने की समयसीमा तय की थी, जिसे बढ़ाने का अनुरोध उसने टाल दिया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई 9 मई तक स्थगित कर दी है।

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