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अगुस्टा वेस्टलैंड पर मोदी सरकार ने दिखाए सख्त तेवर, बयान जारी कर कहा - बख्शे नहीं जाएंगे दोषी

अगुस्टा वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर डील में हुए घोटाले पर पार्टी के बाद अब बीजेपी सरकार भी कड़े...

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 30 Apr 2016, 8:02 am
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम governments statement on chopper deal key highlights
अगुस्टा वेस्टलैंड पर मोदी सरकार ने दिखाए सख्त तेवर, बयान जारी कर कहा - बख्शे नहीं जाएंगे दोषी


यूपीए सरकार के शासनकाल में अगुस्टा वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर डील में हुए घोटाले पर पार्टी के बाद अब बीजेपी सरकार भी कड़े रुख अख्तियार करने के संकेत दे रही है। सरकार ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि इस डील के बदले दी गई दलाली की जांच को वह मुकाम तक पहुंचाएगी और दोषी लोग बख्शे नहीं जाएंगे।

सरकार ने इस आरोप का भी खंडन किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली से अगुस्टा वेस्टलैंड को लेकर कोई डील हुई है। सरकारी बयान में कहा गया है कि सरकार और प्रधानमंत्री पर हमले करके कुछ लोगों ने वांछित अपराधी तक को मदद पहुंचाने की कोशिश की है।

गौरतलब है कि 3546 करोड़ रुपये के 12 अगुस्टा वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर खरीद के मामले में इटली की अदालत ने अपने फैसले में माना है कि डील के लिए भारत में कुछ लोगों को सवा सौ करोड़ रुपये तक की रिश्वत दी गई। अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और यूपीए के समय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन का भी उल्लेख किया।

सोनिया गांधी का जिक्र इस डील को मुकाम तक पहुंचाने में ड्राइविंग फोर्स के तौर पर ही किया गया है, लेकिन इटली की अदालत का फैसला सामने आने के बाद से हमलावर बीजेपी कांग्रेस को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। कांग्रेस ने एनडीए सरकार पर आरोप लगाया कि यूपीए की सरकार ने अगुस्टा वेस्टलैंड कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया था, लेकिन बाद में मोदी सरकार ने बैन हटाकर नेवी के लिए हेलिकॉप्टर खरीदा। कांग्रेस ने यह सवाल भी किया कि क्या भारत सरकार की इटली से कोई डील हुई है।

'प्रधानमंत्री ने नहीं किया है कोई सौदा'
बयान में कांग्रेस के आरोपों का मजबूती से जवाब देते हुए सरकार की तरफ से कहा गया है, 'जो प्रधानमंत्री को सफल होते नहीं देख सकते वे उनपर सौदेबाजी करने का आरोप लगा रहे हैं। यह झूठ के सिवा कुछ नहीं हो सकता। प्रधानमंत्री किसी तरह की सौदेबाजी नहीं करते। उनका एकमात्र लक्ष्य और प्राथमिकता सबका विकास और जनता का सशक्तीकरण है।'

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मौजूदा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्रा के संपर्क अगुस्टा वेस्टलैंड मामले आरोपियों से जोड़ने के प्रयासों पर बयान में कहा गया है कि ये पूरी तरह से निराधार बातें हैं। सरकारी सूत्रों ने कहा कि आरोप निराधार, तर्क से परे हैं और दुर्भावनापूर्ण इरादे को बताने के लिए पर्याप्त हैं।

'करप्शन मूल मुद्दा है'
जारी बयान में जोर देकर कहा गया है कि अगुस्टा वेस्टलैंड खरीद मामले में निर्विवाद रूप से करप्शन केंद्रीय मुद्दा है, खासकर रिश्वतखोरी। कुछ हलकों से इस मामले को दूसरा रंग देने की जो कोशिश की जा रही है वह भ्रामक है और दोषियों को बचाने की कोशिश है। सरकारी सूत्र ने कहा कि करप्शन के मुद्दे पर सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाइयों का घटनाक्रम साफ तौर पर बता रहा है कि तीन विदेशी नागरिकी की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण समेत जांच के सभी पहलुओं दृढ़ता से काम आगे बढ़ रहा है।

'मुद्दे को भटकाने की कोशिश'
सरकार का मानना है कि राजनीति का एक छोटा-सा वर्ग पूरे मामले में बहस को गलत दिशा में मोड़ने और खत्म करने का असफल प्रयास कर रहा है। बयान में कहा गया है, 'वे सरकारी प्रक्रियाओं खासकर जांच की स्पीड को लेकर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन यह सवाल नहीं पूछ रहे हैं कि किस तरह से करप्ट लोगों ने खरीद की प्रक्रिया को प्रभावित किया और देश के खजाने को लूटा। वे करप्शन नहीं कबूल रहे हैं बल्कि सीना ठोककर कह रहे हैं कि पकड़ सकते हो तो पकड़ के दिखाओ।'

'सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी'
बयान में कहा गया कि मौजूदा सरकार ने सच को सामने लाने के लिए प्रभावकारी कदम उठाए हैं और भ्रष्टाचारियों व गलत करने वालों के खिलाफ जब तक न्याय नहीं हो जाता कोई कसर नहीं छोड़ेगी। जांच एजेंसियां देश के भीतर और बाहर मौजूद दोषियों को न्यायलय की दहलीज तक लाने के लिए दृढ़संकल्प हैं। सरकार ने कहा कि इस मामले में उसने सक्रियता दिखाते हुए अगुस्टा वेस्टलैंड और फिनमेकेनिका के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की। बयान मे कहा कि इस सरकार ने 3 जुलाई 2014 को आदेश जारी कर उन सभी छह कंपनियों से प्रस्तावित खरीदारी को रद्द कर दिया जिनके नाम सीबीआई की एफआईआर में थे।

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'बिचौलिये पर रहम नहीं'
अगुस्टा वेस्टलैंड डील में फरार बिचौलिये क्रिस्चियन जेम्स मिशेल ने हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी थी, जिसको लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधने की कोशिश की है। इसके जवाब में सरकार का कहना है कि मिशेल के खिलाफ 24 सितंबर, 2015 को गैर-जमानती वॉरंट जारी हो चुका है। इसके बाद दिसंबर 2015 और जनवरी 2016 में इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है।

सरकार ने कहा कि इसी साल जनवरी में ग्रेट ब्रिटेन से मिशेल को गिरफ्तार करके भारत प्रत्यर्पित करने का भी अनुरोध किया जा चुका है। सरकारी सूत्रों ने कहा कि सीबीआई 100 से ज्यादा गवाहों की जांच कर चुकी है और नवंबर 2014 में दो आरोपियों को गिरफ्तार करके उनकी संपत्तियों को जब्त भी किया जा चुका है। इसके अलावा जांच में तेजी लाने के लिए ईडी और सीबीआई ने संबंधित देशों को सहयोग के लिए पत्र भेजे हैं।

खबर अंग्रेजी में - Government's statement on chopper deal: Key highlights

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