ऐपशहर

आईसीएमआर ने कहा, उनकी भूमिका वर्ल्ड लेवल नॉमर्स के आधार पर कोरोना की वैक्सीन तैयार करने की है

आईसीएमआर ने शनिवार को कोरोना वायरस के स्वदेशी टीके पर बयान जारी कर कहा हैै कि ICMR की प्रक्रिया विश्व स्तर पर स्वीकृत मानदंडों के अनुसार, कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए टीके को तेजी से विकसित करने के लिए है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 4 Jul 2020, 5:34 pm

हाइलाइट्स

  • ICMR का दावा है कि 15 अगस्त तक कोविड-19 का स्वदेशी टीका होगा लांच
  • भारत बॉयोटेक के सहयोग से तैयार हो रहा है कोरोना वायरस का टीका
  • सीताराम येचुरी ने आईसीएमआर की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए
सारी खबरें हाइलाइट्स में पढ़ने के लिए ऐप डाउनलोड करें
नई दिल्ली
कोरोना वायरस की रोकथाम के मद्देनजर आईसीएमआर का दावा है कि 15 अगस्त तक कोविड-19 का स्वदेशी टीका इस्तेमाल में लाया जा सकेगा। इस बाबत आईसीएमआर ने चुनिंदा अस्पतालों से कहा है कि वे भारत बॉयोटेक के सहयोग से विकसित किए जा रहे संभावित टीके ‘कोवैक्सीन’ को परीक्षण के लिए मंजूरी देने की प्रक्रिया तेज करें।
आईसीएमआर ने शनिवार को एक बयान जारी कर रहा है कि ICMR की प्रक्रिया विश्व स्तर पर स्वीकृत मानदंडों के अनुसार, कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए तेजी से टीका विकसित करने के लिए है, जिसका मानव और पशुओं पर समान रूप से परीक्षण किया जा सकें।


आईसीएमआर की भूमिका पर सीताराम येचुरी ने उठाए सवाल
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने शनिवार को आरोप लगाया कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) कोरोना वायरस का टीका बनाने की प्रक्रिया तेज करने की कोशिश कर रही है, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस पर इसके संबंध में घोषणा कर सकें।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान 'आदेश के अनुसार' नहीं किया जा सकता। आईसीएमआर ने कोविड-19 का स्वदेशी टीका चिकित्सकीय उपयोग के लिए 15 अगस्त तक उपलब्ध कराने के मकसद से चुनिंदा चिकित्सकीय संस्थाओं और अस्पतालों से कहा है कि वे भारत बॉयोटेक के सहयोग से विकसित किए जा रहे संभावित टीके ‘कोवैक्सीन' को परीक्षण के लिए मंजूरी देने की प्रक्रिया तेज करें।

आईसीएमआर पर चिकित्सक संस्थाओं को धमकाने का आरोप
येचुरी ने आईसीएमआर पर ‘संस्थाओं से अपने अनुसार काम कराने के लिए धमकियों का इस्तेमाल’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हैदराबाद में निम्स जैसे कुछ संस्थान राज्य सरकार के संस्थान हैं। येचुरी ने कहा, ‘क्या तेलंगाना सरकार ने अनुमति दी।’ परीक्षणों के संबंध में कई सवाल पूछते हुए येचुरी ने कहा, ‘इस परीक्षण में कितने लोगों पर अध्ययन किया जाएगा? क्या 14 अगस्त तक पहले, दूसरे और तीसरे चरण के परीक्षण पूरे कर लिए जाएंगे और उनका विश्लेषण पूरा कर लिया जाएगा। स्वतंत्र डेटा सुरक्षा निगरानी समिति (डीएसएमसी) के सदस्य कौन हैं? कुछ गंभीर सवालों के जवाब दिए जाने की आवश्यकता है।’

अगला लेख

Indiaकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर