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30 साल तक 8 प्रतिशत की विकास दर रही तो पहुंच जाएंगे टॉप पर: पीएम मोदी

मोदी ने शनिवार को लोगों से 'सीधी बात' की। राजधानी के इंदिरा गांधी स्‍टेडियम परिसर में आयोजित हुए पहले 'टाउन हॉल' कार्यक्रम में पीएम ने जहां विकास, गुड गवर्नेंस, अर्थव्‍यवस्‍था और स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं सहित तमाम मुद्दों पर बात की वहीं उन्‍होंने बताया कि भारत कैसे दुनिया में टॉप पर पहुंच सकता है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 6 Aug 2016, 7:22 pm
नई दिल्‍ली
नवभारतटाइम्स.कॉम if india gets 8 growth rate for 30 years it will be on top pm narendra modi
30 साल तक 8 प्रतिशत की विकास दर रही तो पहुंच जाएंगे टॉप पर: पीएम मोदी

आम जनता से संवाद के अपने प्रयास को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लोगों से 'सीधी बात' की। राजधानी के इंदिरा गांधी स्‍टेडियम परिसर में आयोजित हुए पहले 'टाउन हॉल' कार्यक्रम में पीएम ने जहां विकास, गुड गवर्नेंस, अर्थव्‍यवस्‍था और स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं सहित तमाम मुद्दों पर बात की वहीं उन्‍होंने बताया कि भारत कैसे दुनिया में टॉप पर पहुंच सकता है। उन्‍होंने कहा कि अगर भारत 30 साल तक 8 फीसदी की दर से विकास करता रहा तो सारी उत्‍तम चीजें हमारे यहां हो सकती हैं।

लोगों से सीधा संपर्क स्‍थापित करने के लिए शुरू की गई MyGov वेबसाइट की लॉन्चिंग के दो साल पूरे होने के मौके पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर जहां नई आइडिया देने वाले लोगों को सम्‍मानित किया गया वहीं पीएम ने लोगों के सवालों का जवाब भी दिया। उन्‍होंने इस दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ऐप को भी लॉन्‍च किया।

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ऐसे टॉप पर पहुंचेगा भारत
मोदी ने कहा, दुनिया में मंदी छाई हुई है और लोगों की खरीदारी की क्षमता कम हो रही है। लेकिन इसके बाद भी हमारी विकास दर 7.6 फीसदी है। अगर हम 30 साल तक 8 फीसदी की दर से विकास करते रहे तो हम दुनिया में टॉप पर होंगे। अगर हम इतना विकास दर हासिल कर लेते हैं तो दुनिया में जो सबसे उत्तम दिख रहा है वह हमारे यहां हो सकता है। उन्‍होंने कहा कि भारत में बनी कार मारुति को जापान आयात करता है तो भारत का विकास होता है।

खेती के विकास की बात
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के दौरान खेती पर काफी जोर दिया। उन्‍होंने कहा कि किसी किसान का बेटा किसान अपनी पसंद से नहीं बल्कि परिस्थितिवश बनता है। उन्‍होंने कहा, हम यह न सोचें कि हमारा कृषि सेक्टर गया-बीता हो गया है। किसानों को अब परंपरागत खेती से आगे बढ़ना होगा। आज भी देश की इकॉनमी को ताकत देने की क्षमता खेती में है पर समस्या यह है कि आज भी हमारे ज्यादातर किसान पारंपरिक तरीके से खेती कर रहे हैं।

गुड गवर्नेंस पर ज्‍यादा जोर
अगर गुड गवर्नेंस पर ध्‍यान नहीं दिया गया तो फिर आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन में बदलाव नहीं आएगा। विकास और गुड गवर्नेंस के बीच संतुलित संबंध होना चाहिए। हम गुड गवर्नेंस को विकसित करना चाहते हैं जहां प्रक्रियाएं कम होंगी और लोगों को आसानी से चीजें हासिल होंगी।

लोकतंत्र सिर्फ वोटिंग नहीं
मोदी ने कहा, अगर लोकतंत्र को वोटिंग और सरकार चुनने तक ही सीमित कर दिया जाए तो फिर लोकतंत्र की भावना का विकास नहीं होगा। चुनाव जीतने के बाद प्राय: सरकारें यह सोचना शुरू कर देती हैं कि अगला चुनाव कैसे जीता जाए या फिर ज्‍यादा वोट कैसे पाया जाए।

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