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राजनाथ सिंह ने सैनिकों से कहा, पाकिस्तान को जवाब देना हो तो गोलियां मत गिनना

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि पाकिस्तान को जवाब देते समय हम गोलियों का हिसाब नहीं रखेंगे। राजनाथ का यह बयान शनिवार को जम्मू एवं कश्मीर में सीआरपीएफ के जवानों की आतंकवादियों से मुठभेड़ के बाद आया है।

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 26 Jun 2016, 10:42 pm

हाइलाइट्स

• केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पहले हमला नहीं करेंगे, लेकिन पाक ने गोली चलाई तो रुकेंगे नहीं।
• राजनाथ सिंह ने रांची में कहा, पाकिस्तान को जवाब देते वक्त गोलियों की गिनती नहीं करेंगे।
• गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर भारत को अस्थिर करने का आरोप लगाया।
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राजनाथ सिंह ने सैनिकों से कहा, पाकिस्तान को जवाब देना हो तो गोलियां मत गिनना
नई दिल्ली
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि पाकिस्तान को जवाब देते समय हम गोलियों का हिसाब नहीं रखेंगे। राजनाथ सिंह का यह बयान शनिवार को जम्मू एवं कश्मीर में सीआरपीएफ के जवानों की आतंकवादियों से मुठभेड़ के बाद आया है। इस आतंकवादी हमले में आठ जवान शहीद हो गए थे, जबिक कई अन्य घायल हुए थे।

गृहमंत्री ने कहा, 'हम पहले गोली नहीं चलाएंगे, लेकिन अगर पाकिस्तान की ओर से गोली चली तो फिर हम अपनी गोलियों की गिनती नहीं करेंगे।' उन्होंने इससे पहले किसी देश का नाम लिए बगैर कहा, 'आतंकवादियों और पड़ोसी मुल्क की ओर से भारत को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है। हमें अपने सुरक्षा कर्मियों की बहादुरी का सम्मान करना चाहिए। वे बहादुरी और हिम्मत के साथ काम कर रहे हैं।'

जम्मू एवं कश्मीर में शनिवार सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने ली है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस हमले में हुई चूक का पता लगाने के लिए दो सदस्यीय दल को पंपोर भेजेगी। राजनाथ दो दिवसीय रांची दौरे पर हैं। वह रविवार को आपातकाल की 41वीं वर्षगांठ पर हरमू ग्राउंड में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए।

उन्होंने कहा, 'हमारे सभी सुरक्षाबल बहादुरी और कुशलता के साथ लड़ रहे हैं। इतने कम समय में आतंकवादियों को मार गिराना वाकई तारीफ के काबिल है।' बता दें कि जम्मू एवं कश्मीर में सुरक्षा बलों पर इस माह में यह चौथा हमला था। इस दौरान हुए तीन बड़े आतंकवादी हमलों में 17 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।

अधिकारियों ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले इस साल घुसपैठ बढ़ी है। पिछले पांच माह में 50 से अधिक आतंकवादी सीमा पार से घुसपैठ कर चुके हैं, जबकि पिछले साल शुरुआत के चार माह में घुसपैठ का एक भी मामला सामने नहीं आया था।

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