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हर मिनट 30 लोग छोड़ रहे गांव : पूर्व DRDO चीफ

डीआरडीओ के पूर्व महानिदेशक, नीति आयोग के सदस्य और अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिक डॉ.वी.के. सारस्वत ने कहा है कि हर मिनट 30 लोग गांव छोड़कर शहरों का रुख कर रहे हैं।

नवभारत टाइम्स 9 Sep 2017, 6:31 pm
इलाहाबाद
नवभारतटाइम्स.कॉम VILLAGE
गांवों में हो रहा तेजी से पलायन

डीआरडीओ के पूर्व महानिदेशक, नीति आयोग के सदस्य और अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिक डॉ.वी.के. सारस्वत ने कहा है कि हर मिनट 30 लोग गांव छोड़कर शहरों का रुख कर रहे हैं। यदि इसी तेजी से पलायन चलता रहा तो 2050 तक देश की आधी आबादी शहरों में बसेगी। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद (IIIT-A) में शनिवार को आयोजित 12वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए डॉ. सारस्वत ने कहा कि जीडीपी में कृषि का योगदान 14 से 15 प्रतिशत है और 260 मीट्रिक टन खाद्यान्न के भंडारण के बावजूद हमारे किसान भूखे हैं। गांव में रहने वाली 83 करोड़ जनसंख्या में से 30 करोड़ गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रही है। 5 साल से कम आयु के 42 प्रतिशत बच्चे कुपोषित हैंऔर उनका वजन कम है।

डॉ. सारस्वत ने टेक्नोक्रैट्स से इन चुनौतियों का सामना करने का आह्वान किया। युवाओं से सवाल किया कि क्या वे अपने आप को विक्रम साराभाई, होमी भाभा, सतीश धवन और एपीजे अब्दुल कलाम जैसी शख्सियत के रूप में याद होते देखना चाहेंगे। गांवों में शहर जैसी सुविधाएं देकर गांवों को स्मार्ट बनाना चाहेंगे या द्वितीय हरित क्रांति को जन्म देने के लिए या फिर किसी और बड़े काम के लिए याद होते देखना चाहेंगे? उन्होंने कहा कि देश में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 2025 तक 700 से 900 मिलियन तक पहुंचने की संभावना है।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए IIIT के चेयरमैन रविकांत ने संस्थान की आर्थिक स्वतंत्रता पर जोर दिया। टाटा मोटर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहे रविकांत ने कहा कि रोबोटिक्स प्रोसेस ऑटोमेशन के कारण आने वाले तीन साल में 10 लाख से अधिक रोजगार खत्म हो जाएंगे। भविष्य में रोजगार की कमी से असमानता बढ़ेगी। ऐसे में IIIT के पास रोबोटिक्स जैसे क्षेत्र में बहुत कुछ करने का अवसर है तो वहीं दूसरी ओर तकनीकी का लाभ समान रूप से हर वर्ग तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी है।

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