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चुनावी घोषणा पत्र का विरोध करने वाली याचिका में उच्च न्यायालय ने भाजपा, कांग्रेस को प्रतिवादी बनाने की मंजूरी दी

अहमदाबाद, 19 जुलाई भाषा सियासी दलों को घोषणा पत्र जारी करने से रोकने और चुनाव पूर्व किए गए वादों के लिए जवाबदेह ठहराए जाने का निर्देश चुनाव आयोग को देने की मांग करने वाली जनहित याचिका पर भाजपा और कांग्रेस को प्रतिवादी बनाए जाने को गुजरात उच्च न्यायालय ने आज मंजूरी दे दी।

भाषा 19 Jul 2017, 3:50 pm
अहमदाबाद, 19 जुलाई भाषा सियासी दलों को घोषणा पत्र जारी करने से रोकने और चुनाव पूर्व किए गए वादों के लिए जवाबदेह ठहराए जाने का निर्देश चुनाव आयोग को देने की मांग करने वाली जनहित याचिका पर भाजपा और कांग्रेस को प्रतिवादी बनाए जाने को गुजरात उच्च न्यायालय ने आज मंजूरी दे दी। मुख्य न्यायाधीश आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्त िवी एम पंचोली की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता जयेश शाह, जो कांग्रेस के सदस्य और सेवा ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी भी हैं, को साारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस को याचिका में प्रतिवादी बनाने की इजाजत दे दी। याचिकाकर्ता अपने तर्क के पक्ष में दोनों राजनैतिक दलों द्वारा वर्ष 2014 के आम चुनाव से पहले जारी किए गए घोषणा पत्रों को भी जनहित याचिका में जोड़ेगा ताकि यह बता सके कि साारूढ़ दल ने जो भी वादे किए थे उनमें से ज्यादातर पूरे नहीं किए गए। कांग्रेस का घोषणा पत्र भी अदालत के ध्यानार्थ रखा जाएगा। इस मामले में चुनाव आयोग पहले से एक प्रतिवादी है। याचिकाकर्ता ने आज उच्च न्यायालय से अनुरोध किया था कि वह जनहित याचिका में दोनों दलों के घोषणा पत्रों को रखने की इजाजत दे। याचिकाकर्ता ने कहा कि उसने इस मामले में अदालत से दखल देने का अनुरोध इसलिए किया क्योंकि चुनाव आयोग ने घोषणा पत्रों में बड़े-बड़े वादे करने वाली राजनीतिक पार्टयिों के खिलाफ कोई कार्वाई नहीं की। भाषा

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