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International Yoga Day 2020: कैंसर से लड़ने की ताकत दे सकता है योग

योग करना शरीर के लिए फायदेमंद है। डॉ. हर्षा अग्रवाल मानती हैं कि कैंसर से लड़ने में भी योग मदद कर सकता है। हालांकि, वह साफ कहती हैं कि योग करते वक्त कुछ सावधानियां बरतनी बेहद जरूरी हैं।

नवभारतटाइम्स.कॉम 21 Jun 2020, 12:45 pm
नई दिल्ली
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International Yoga Day 2020: कैंसर से लड़ने की ताकत दे सकता है योग

योग बेशक मानवजाति को हमारी प्राचीन परंपरा से मिली महान धरोहर है। तन और मन को स्वस्थ रखने में योग की भूमिका बहुत बार सामने आ चुकी है। यही वजह है कि आज पूरी दुनिया योग की मुरीद होकर योग दिवस मना रही है। योग दिवस से एक दिन पहले ही राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर (आरजीसीआईआरसी) की साइको ओंकोलॉजी प्रमुख डॉ. हर्षा अग्रवाल ने कहा कि योग कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने और लड़ने में भी कारगर साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस बात के वैज्ञानिक प्रमाण भले ही नहीं मिले हैं, लेकिन कई बार देखा गया है कि योग और ध्यान से कैंसर के मरीजों को तनाव, अवसाद और थकान से राहत मिलती है।

हर्षा अग्रवाल मानती हैं कि इससे जीवनस्तर सुधरता है और मरीज के शरीर का इम्यून सिस्टम भी बेहतर होता है। यह भी देखा गया है कि योग से कैंसर मरीज की इच्छाशक्ति मजबूत होती है और वह बीमारी से ज्यादा बेहतर तरीके से लड़ने में सक्षम होता है।

डॉ. अग्रवाल का कहना है कि कैंसर के इलाज के दौरान मरीजों में कुछ साइड इफेक्ट देखने को मिलते हैं। ऐसा पाया गया है कि योग इनसे बचने में मदद करता है। प्राणायाम सांसों को नियमित करने में मदद करता है तो कई अलग-अलग आसन शरीर की क्षमता और लचीलापन बढ़ाते हैं। इनसे मरीज की थकान भी मिटती है। इन सबसे बड़ी बात, कि योग मानसिक रूप से मजबूती देता है। योग की ये सभी खूबियां मिलकर उसे कैंसर मरीजों के लिए बेहतर बना देती हैं। कैंसर के कई मरीज योग से फायदा होने की बात कह चुके हैं।


डॉ. अग्रवाल ने कहा कि योग के अलग-अलग प्रकार अलग-अलग तरीके से असर डालते हैं। पवनमुक्तासन और उत्तान पादासन के साथ शीतली, शीतकारी और सदन्त प्राणायाम को कीमोथेरेपी के कारण आने वाले चक्कर और उल्टी की समस्या से निजात दिलाने वाला पाया गया है। कुछ सामान्य आसन और सुदर्शन क्रिया आदि से थकान, दर्द और नींद की समस्या से राहत मिल सकती है। वहीं ओंकार के मंत्रोच्चार और ध्यान से भय और अवसाद खत्म होता है और मन शांत होता है।

योग करते वक्त कुछ बातों का रखें ध्यान
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि वैसे तो योग सेफ है, लेकिन किसी प्रशिक्षक की मदद से ही इसे करना चाहिए। किसी तरह की दिक्कत नहीं हो, इसके लिए जरूरी है कि कुछ बातों का ध्यान रखा जाए। उदाहरण के तौर पर खाने के कम से कम दो घंटे बाद ही योग की कोई क्रिया करनी चाहिए। किसी प्रशिक्षक से सीखे बिना ही घर पर कोशिश नहीं करनी चाहिए। प्रशिक्षक को अपने स्वास्थ्य एवं बीमारियों के बारे में सारी बात बता देनी चाहिए। अगर पीठ या जोड़ों में दर्द जैसी कोई समस्या है तो उससे भी प्रशिक्षक को अवगत कराएं। बिना प्रशिक्षण के कोई जटिल आसन करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। गर्भावस्था या मासिक धर्म के दौरान भी कुछ योग क्रियाओं की मनाही हैं, उनके बारे में भी प्रशिक्षक से जानकारी लेनी चाहिए। डॉक्टर अग्रवाल ने कहा कि इन बातों को ध्यान में रखते हुए कैंसर के मरीज योग से बहुत लाभ ले सकते हैं।

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