ऐपशहर

इशरत जहां एनकाउंटर केस: 3 पुलिस अफसरों की आरोपमुक्ति की गुजारिश वाली याचिकाएं सीबीआई कोर्ट ने की खारिज

Ishrat Jahan encounter case: गुजरात के इशरत जहां एनकाउंटर केस में 3 पुलिस अफसरों की तरफ से खुद को आरोपमुक्त किए जाने की गुजारिश को सीबीआई कोर्ट ने ठुकरा दिया है। पुलिस अफसरों ने दलील दी थी कि राज्य सरकार ने उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं दी है।

भाषा 23 Oct 2020, 11:09 pm
अहमदाबाद
नवभारतटाइम्स.कॉम ishrat-jahan
इशरत जहां (फाइल फोटो)

स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने इशरत जहां कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में 3 पुलिस अधिकारियों की उन याचिकाओं को शुक्रवार को खारिज कर दिया जिनमें उन्होंने खुद को आरोपमुक्त किए जाने की गुजारिश की थी।

मामले में आरोपी आईपीएस अधिकारी जी. एल. सिंघल, सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक तरुण बरोट और उपनिरीक्षक अनाजू चौधरी ने याचिका दायर कर गुजारिश की थी कि उन्हें इस मामले में आरोपमुक्त किया जाना चाहिए। आरोपमुक्ति की गुजारिश करनेवाले एक अन्य आरोपी सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक जे. जी. परमार का हाल में निधन हो गया था।

स्पेशल सीबीआई कोर्ट के जज वी. आर. रावल ने शुक्रवार को तीनों आरोपियों को आरोपमुक्त करने से इनकार कर दिया और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को मुकदमा चलाने के लिए गुजरात सरकार से दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 197 के तहत मंजूरी लेने का निर्देश दिया। कोर्ट ने जिक्र किया कि सीबीआई ने मुकदमा चलाने की स्वीकृति लेने के लिए कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की है।

इसने कहा कि जब यह स्थापित हो गया कि आरोपियों ने आधिकारिक दायित्व निभाते समय कथित फर्जी मुठभेड़ को अंजाम दिया तो सीबीआई को उनपर मुकदमा चलाने के लिए जरूरी अनुमति लेनी चाहिए थी। सीबीआई को स्वीकृति लेने या इस संबंध में घोषणा करने का निर्देश दिया जाना चाहिए।

आरोपियों ने खुद को आरोपमुक्त करने का आग्रह करते हुए कहा था कि जांच एजेंसी ने सरकार से मुकदमे के लिए आवश्यक स्वीकृति नहीं ली है और इसी तरह के आधार पर पिछले साल अन्य आरोपियों को तब आरोपमुक्त कर दिया गया था जब राज्य सरकार ने सीबीआई को उनपर मुकदमा चलाने की मंजूरी देने से इनकार कर दिया।

पिछले साल, विशेष सीबीआई अदालत ने पूर्व पुलिस अधिकारियों- डी. जी. वंजारा और एन. के. अमीन के खिलाफ कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में कार्यवाही निरस्त कर दी थी क्योंकि गुजरात सरकार ने उनपर मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं दी थी। अदालत ने 2018 में गुजरात के पूर्व पुलिस महानिदेशक पी. पी. पांडेय को आरोपमुक्त कर दिया था।

अहमदाबाद के बाहरी इलाके में 15 जून 2004 को गुजरात पुलिस के साथ कथित फर्जी मुठभेड़ में इशरत जहां, जावेद शेख उर्फ प्रणेश पिल्लै, अमजदअली अकबरअली राणा और जीशान जौहर मारे गए थे। पुलिस ने दावा किया था कि ये चारों गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने की आतंकी साजिश रच रहे थे।

हाई कोर्ट की तरफ से गठित विशेष जांच टीम ने मुठभेड़ को फर्जी करार दिया था। इसके बाद सीबीआई ने कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

अगला लेख

Indiaकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर