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चीनी और रूसी विदेश मंत्रियों के साथ 22 जून को बैठक में हिस्सा लेंगे जयशंकर

नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) भारत और चीन की सेनाओं के बीच जारी गतिरोध की पृष्ठभूमि में विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर अपने चीनी और रूसी समकक्षों के साथ डिजिटल माध्यम से 22 जून को आयोजित होने वाले रूस-चीन-भारत त्रिपक्षीय सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं। राजनयिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रूस की पहल पर आहूत इस बैठक में कोविड-19 महामारी से संयुक्त रूप से निपटने के उपायों और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है। सूत्रों ने कहा कि बैठक में भारत और चीन के बीच सीमा पर चल रही

भाषा 15 Jun 2020, 4:40 pm
नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) भारत और चीन की सेनाओं के बीच जारी गतिरोध की पृष्ठभूमि में विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर अपने चीनी और रूसी समकक्षों के साथ डिजिटल माध्यम से 22 जून को आयोजित होने वाले रूस-चीन-भारत त्रिपक्षीय सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं। राजनयिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रूस की पहल पर आहूत इस बैठक में कोविड-19 महामारी से संयुक्त रूप से निपटने के उपायों और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है। सूत्रों ने कहा कि बैठक में भारत और चीन के बीच सीमा पर चल रही तनातनी पर चर्चा होने की उम्मीद नहीं है क्योंकि त्रिपक्षीय बैठकों में सामान्य रूप से द्विपक्षीय मुद्दे नहीं उठाए जाते। नाम उजागर न करने की शर्त पर एक वरिष्ठ राजनयिक ने पीटीआई-भाषा से कहा, “तीनों देशों के लिए यह अच्छा अवसर है ताकि क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की जा सके जिससे क्षेत्रीय स्थायित्व में योगदान देने के लिए हम अपने विचारों में एकरूपता ला सकें।” भारत चीन सीमा गतिरोध के मुद्दे पर रूस पहले ही कह चुका है कि दोनों देश आपसी बातचीत के जरिये विवाद का हल निकालें। त्रिपक्षीय बैठक मार्च में होने वाली थी लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण इसे 22 जून तक टालना पड़ा। बैठक के दौरान अफगानिस्तान में उभरती राजनीतिक स्थिति पर तीनों विदेश मंत्रियों के चर्चा करने की उम्मीद है। अमेरिका और तालिबान के बीच फरवरी में शांति समझौता होने के बाद अफगानिस्तान में नए समीकरण उभरे हैं। रूस-चीन-भारत के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण संपर्क परियोजनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है जिनमें भारत, ईरान, अफगानिस्तान और मध्य एशिया को यूरोप से जोड़ने वाला 7,200 किलोमीटर लंबा अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (आईएनएसटीसी) शामिल है।

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