ऐपशहर

कनिमोझी से पूछा आप भारतीय हैं? अब चिदंबरम और कुमारस्वामी बोले- हिंदी के कारण हमसे भी हुई बदसलूकी

kanimozhi cisf tweet: सांसद कनिमोझी के भाषा के आधार पर भेदभाव के आरोपों के बाद कुमारस्वामी और चिंदबरम ने भी कहा है कि दक्षिण भारत के नेताओं और लोगों के साथ इस तरह का भेदभाव किया जाता है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 10 Aug 2020, 4:52 pm

हाइलाइट्स

  • चेन्नै एयरपोर्ट पर भाषा की वजह से सांसद कनिमोझी से बदसलूकी के बाद खड़ा हुआ विवाद
  • कुमारस्वामी ने कनिमोझी के समर्थन में कहा- दक्षिण के लोग हिंदी पॉलिटिक्स का शिकार
  • चिदंबरम ने कहा कि वह भी अकसर इस तरह के तंज का सामना करते रहते हैं
  • कनिमोझी ने कहा था कि सीआईएसएफ अधिकारी ने उनसे पूछा कि क्या वह भारतीय हैं
सारी खबरें हाइलाइट्स में पढ़ने के लिए ऐप डाउनलोड करें
चेन्नै/ नई दिल्ली
द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) सांसद कनिमोझी से कथित तौर पर भाषा के चलते हुई बदसलूकी का मामला आग की तरह फैल रहा है। अब कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने भी कहा है कि हिंदी भाषा को लेकर उनसे भी भेदभाव किया गया। कुमारस्वामी ने लिखा कि हिंदी पॉलिटिक्स के चलते दक्षिण भारत के नेताओं से मौके छीने गए। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि हिंदी बोलने को लेकर वह कई सरकारी अधिकारियों और आम लोगों के भी तंज झेलते रहे हैं।
कनिमोझी की शिकायत के बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही भाषायी भेदभाव को लेकर एक बहस भी शुरू हो गई। इस बहस में कनिमोझी के समर्थन में कुमारस्वामी और चिदंबरम सरीखे नेताओं के उतरने से मामला चर्चा में है। दरअसल, एक लंबे समय से भाषा के आधार पर भेदभाव को लेकर अकसर विवाद होते रहे हैं। दक्षिण भारत के कई नेता अकसर हिंदी थोपने का भी आरोप लगाते रहे हैं।

कनिमोझी की शिकायत- CISF अधिकारी ने मुझसे पूछा कि क्या मैं भारतीय हूं, जांच के आदेश

क्या है कनिमोझी का विवाद?
रविवार को सांसद कनिमोझी ने एक ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि जब एयरपोर्ट पर उन्होंने सीआईएसएफ अधिकारी से कहा कि वह अंग्रेजी या तमिल में बात करें तो अधिकारी ने पलटकर पूछा कि क्या आप भारतीय हैं? इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीआईएसएफ ने तुरंत जांच के आदेश दिए। सीआईएसएफ ने स्पष्ट किया कि भाषा के आधार पर कोई उंगली उठाना नीति के खिलाफ है।


लंबे समय से राजनीति का केंद्र रहे भाषा विवाद पर एक बार फिर माहौल गरमा गया है। जनता दल सेक्युलर के नेता एच डी कुमारस्वामी ने लिखा, 'हिंदी पॉलिटिक्स ने दक्षिण भारत के कई नेताओं को प्रधानमंत्री बनने से रोका। करुणानिधि, एच डी देवगौड़ा और कामराज इसमें प्रमुख हैं। हालांकि, देवगौड़ा इस बाधा को पार तो कर गए लेकिन भाषा के कारण कई मौकों पर उनकी आलोचना की गई।'

'पॉलिटिक्स के कारण देवगौड़ा को हिंदी में देना पड़ा था भाषण'
कुमारस्वामी ने लिखा, 'हिंदी पॉलिटिक्स के कारण ही स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा को हिंदी में भाषण देना पड़ा। वह उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों के कारण इसपर भी राजी हो गए। देश में हिंदी पॉलिटिक्स इस स्तर तक काम करती है।' कुमारस्वामी ने सिलसिलेवार कई ट्वीट्स में यह भी लिखा कि कनिमोझी के साथ हुई इस अपमानजनक घटना के खिलाफ वह अपनी आवाज उठाते हैं। उन्होंने लिखा कि यह बहस का विषय है।


चिदंबरम बोले- अकसर सहता हूं तंज
वहीं, पी चिदंबरम ने अपने ट्वीट में लिखा, 'चेन्नै एयरपोर्ट पर डीएमके सांसद कनिमोझी के साथ हुई यह घटना कोई नई बात नहीं है। मैंने खुद कई सरकारी अधिकारियों और आम लोगों के तंज सहे हैं। वे चाहते हैं कि फोन पर या कई बार आमने-सामने भी मैं हिंदी में ही बात करूं।' कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने इस पर कहा है कि यह बहुत निंदनीय है। अभी भाषा का टेस्ट हो रहा है? आगे क्या होगा? इसपर सीआईएसएफ को जवाब देना चाहिए।

अगला लेख

Indiaकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर