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ट्विटर पर बरसे कानून मंत्री, कहा- दोहरे मानदंड नहीं चलेंगे, कैपिटल हिल अमेरिका का गौरव है, तो लाल किला भारत का

रविशंकर प्रसाद ने ट्विटर को जमकर लताड़ लगाई है। उन्‍होंने कहा है कि कंपनी को दोहरे मानदंड अपनाने से बाज आना चाहिए। वह कहीं के लिए अलग और भारत के लिए अलग पैरामीटर नहीं अपना सकती है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 17 Jun 2021, 4:22 pm
नई दिल्‍ली
नवभारतटाइम्स.कॉम केंद्रीय कायदेमंत्री रविशंकर प्रसाद
केंद्रीय कायदेमंत्री रविशंकर प्रसाद (फाईल फोटो)

माइक्रोब्‍लॉगिंग साइट ट्विटर पर सरकार ने तीखे तेवर अपना लिए हैं। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ट्विटर को चेतावनी दी है। उन्‍होंने कहा है कि वह भारत को अलग तरह से नहीं ले सकती है। अगर कैपिटल हिल अमेरिका का गौरव है, तो लाल किला भारत का है जहां पीएम तिरंगा फहराते हैं। वह लद्दाख के कुछ हिस्सों को चीन के हिस्से के रूप में दिखाती है। इसे हटाने में एक पखवाड़े का समय लग जाता है। यह उचित नहीं है। लोकतंत्र के रूप में भारत अपनी डिजिटल संप्रभुता की रक्षा करने का समान रूप से हकदार है।

प्रसाद ने कहा कि जब वॉशिंगटन में कैपिटल हिल पर हमला हुआ, तो तत्कालीन राष्ट्रपति सहित सभी के ट्विटर अकाउंट को ब्लॉक कर दिया गया। किसानों की हड़ताल के दौरान लाल किले पर आतंकवादी समर्थकों की ओर से नंगी तलवारें दिखाकर, पुलिसकर्मियों को घायल कर उन्हें खाई में धकेल दिया जाता है, तो यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। इस तरह के दोहरे मानदंड नहीं चलेंगे।

जानबूझकर नियमों को नहीं मान रहा ट्विटर, प्रसाद बोले- यह आश्चर्यजनक है
प्रसाद बोले कि अगर ट्विटर के एक ट्वीट को मैनिपुलेटेड या अनमैनिपुलेटेड ट्वीट घोषित करने के लिए नियम हैं तो ये गाजियाबाद मामले में लागू क्यों नहीं हुआ।

उन्‍होंने कहा कि जब भारतीय कंपनियां अमेरिका या दूसरे देशों में आईटी बिजनेस करने जाती हैं तो वे अमेरिका या दूसरे देशों के कानूनों का पालन करती हैं या नहीं? आपको भारत में व्यापार करना है, पीएम और हम सबकी आलोचना करने के लिए आपका स्वागत है। लेकिन भारत के संविधान, नियमों का पालन करना होगा।

गाजियाबाद केस का जिक्र कर भारत सरकार की ट्विटर को चेतावनी- फ्री स्‍पीच का झंडा उठाकर कानून से नहीं बच पाओगे
इसके पहले केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि भारत की संस्‍कृति काफी अलग है। तमाम बार सोशल मीडिया पर छोटी सी चिंगारी से बड़ी आग सकती है। उन्‍होंने हैरानी जताई थी कि आखिर ट्विटर क्‍यों यूजरों की शिकायतें दूर करने के लिए व्‍यवस्‍था तैयार नहीं करना चाहती है। क्‍यों खुद किसी को मैनिपुलेटेड और अनमैनिपुलेटेड तमगा देना चाहती है। उसे भारत में कारोबार करने के लिए भारतीय नियमों को मानना होगा। वह अपने मनमाने तौर-तरीकों से कारोबार नहीं कर सकती है।

केंद्रीय कानून मंत्री ने ट्विटर पर नए आईटी कानूनों का जानबूझकर पालन नहीं करने का आरोप लगाया था। ये कानून 25 से लागू हो गए हैं। इसके चलते कंपनी ने भारत में मिली कानूनी सुरक्षा का आधार गंवा दिया है।

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