ऐपशहर

वैक्सीन ना सही, लेकिन कोरोना के इलाज में इस्तेमाल हो रही ये 10 दवाएं और ट्रीटमेंट

कोरोना वायरस (Coronavirus in india) का प्रकोप हर गुजरते दिन के साथ बढ़ता ही जा रहा है। अब तक इसकी वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) नहीं बन सकी है, लेकिन 10 तरह की दवाइयों (Coronavirus Medicine) या ट्रीटमेंट (Coronavirus Treatment) से कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 9 May 2020, 3:38 pm
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम medicines used for treatment of coronavirus patient
वैक्सीन ना सही, लेकिन कोरोना के इलाज में इस्तेमाल हो रही ये 10 दवाएं और ट्रीटमेंट

भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus in india) फैलने की रफ्तार और तेज हो गई है। हर 10 दिन में अब मामले दोगुने हो रहे हैं। संक्रमण 60 हजार के करीब पहुंच चुका है और मरने वालों की संख्या भी 2000 का आंकड़ा छूने वाली है। इस बीच भारत समेत हर देश कोरोना वायरस से लड़ने की हर कोशिश कर रहा है। वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) तो अभी तक नहीं बनी, लेकिन कोई मलेरिया की दवा (Coronavirus Medicine) का इस्तेमाल रहा है तो कोई एड्स की दवा दे रहा है। वहीं प्लाज्मा थेरपी भी लोगों के लिए जीवन दान बन रही है। आइए आपको बताते हैं वैक्सीन के इंतजार में किन-किन तरीकों से हो रहा है कोरोना मरीजों का इलाज (Coronavirus Treatment)।


1- फेवीपिरवीर दवा

अब फेवीपिरवीर (Favipiravir) दवा के क्लीनिकल ट्रायल की भी मंजूरी मिल गई है। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के महानिदेशक (डीजी) शेखर मांडे ने बताया कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने फेवीपिरवीर के साथ-साथ फाइटोफार्मास्यूटिकल (Phytopharmaceutical) दवा के क्लिनिकल ट्रायल को मंजूरी दे दी है। अगर ट्रायल कामयाब रहा तो कोरोना के इलाज के लिए सस्ते में दवा उपलब्ध हो जाएगी।

2- लोपिनावारी/रिटोनावीर दवा

लोपिनावारी/रिटोनावीर (Lopinavir/ritonavir) एक कॉम्बिनेशन दवा है, जिसका इस्तेमाल एचआईवी (HIV)/एड्स (AIDS) के इलाज में किया जाता है। इस दवा का इस्तेमाल कोरोना परिवार के ही सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिन्ड्रोम (SARS) और मिडल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिन्ड्रोम (MERS) के खिलाफ इस दवा का इस्तेमाल हो चुका है। आईसीएमआर (ICMR) की ओर से भी इसके इस्तेमाल की इजाजत मिली हुई है। हालांकि, इस दवा के इस्तेमाल से पहले मरीज से इसके लिए लिखित इजाजत जरूरी है।

3- इटोलिज़ुमैब दवा

बायोकॉन की इटोलिज़ुमैब (Itolizumab) दवा त्वचा रोगों के इलाज में इस्तेमाल की जाती है। इसका इस्तेमाल सिर्फ उन्हीं कोरोना के मरीजों पर किया जाता है, जो गंभीर श्रेणी में पहुंच चुके होते हैं। इस एंटी-इंफ्लेमेटरी दवा का मुंबई और दिल्ली में ट्रायल चल रहा है।

4- तोसिलिज़ुमैब दवा

कोरोना वायरस के गंभीर मरीजों का इलाज करने के लिए आर्थराइटिस में इस्तेमाल होने वाली दवा तोसिलिज़मैब (Tocilizumab) का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इस दवा से इम्यून सिस्टम बढ़ता है। इस दवा से मरीजों में होने वाले जलन को कम किया जा सकता है।

5- माइसोबैक्टीरियम डब्ल्यू/सेप्सिवेक दवा

लेप्रसी यानी कुष्ठ रोग में माइसोबैक्टीरियम डब्ल्यू (Mycobacterium w)/सेप्सिविक (Sepsivac) दवा का इस्तेमाल किया जाता है। इसका इस्तेमाल गंभीर रक्त संक्रमण जैसे मामलों में इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में भी होता है और अब इस दवा का इस्तेमाल कोरोना के मरीजों पर करने की तैयारी है। अभी पीजीआई चंडीगढ़ और भोपाल एम्स में इनका क्लीनिकल ट्रायल चल रहा है।

6- डायसलफिराम दवा

जिन लोगों को शराब की लत लग जाती है उन्हें डायसलफिराम (Disulfiram) दवा दी जाती है, ताकि उनकी शराब छूट सके। कोविड-19 से पहले कोरोना वायरस के परिवार के ही SARS और MERS के मरीजों को ये दवा दी गई थी, जिसमें पाया गया कि उनकी इम्युनिटी पावर बढ़ी। इसे भी कोविड-19 के मरीजों को देने पर विचार हो रहा है।

7- लोपेरामाइड दवा

डायरिया रोग के मरीजों को लोपेरामाइड (Loperamide) दवा दी जाती है। इस दवा को कोरोना के मरीजों को देने पर विचार चल रहा है। दरअसल, कोरोना के कई मरीजों में आंत में जलन जैसे लक्षण दिख रहे हैं, जिन पर इस दवा को इस्तेमाल करने पर विचार हो रहा है।

8- एजिथ्रोमाइसिन+एंटोवेक्योन दवा

जल्द ही अमेरिकी शोधकर्ता एंटीबायोटिक्स एजिथ्रोमाइसिन (Azithromycin) और निमोनिया की दवा एंटोवेक्योन के कॉम्बिनेशन का ट्रायल कोरोना मरीजों पर करने की योजना बना रही है। रिसर्च से ये साफ हुआ है कि इसका भी मरीजों का फायदा मिल सकता है।

9- एंटी-कोएगुलेंट ट्रीटमेंट

अमेरिकी शोधकर्ताओं के मुताबिक वेंटिलेटर पर मरीजों को दवा देने से उनके बचने की संभावना 130 फीसदी तक बढ़ जाती है। कोरोना के मरीजों में खून के थक्के जमते दिख रहे हैं, जिसकी वजह से उनकी मौत हो जा रही है। ऐसे में डॉक्टर खून पतला करने का ट्रीटमेंट कर रहे हैं, जिसे एंटी-कोएगुलेंट ट्रीटमेंट कहते हैं।

10- प्लाज्मा थेरपी

अमेरिका से लेकर भारत के कई राज्यों में प्लाज्मा थेरपी से कोरोना मरीजों का इलाज किया जा रहा है। कई लोग इससे सही भी हुए हैं। इसमें कोरोना से रिकवर हुए लोगों का प्लाज्मा निकाल कर उसे मरीजों में डाला जाता है। दरअसल, कोरोना से रिकवर हुए व्यक्ति के प्लाज्मा में एंटीबॉडी होती है, जो कोरोना से लड़ने के लिए विकसित हो चुकी होती हैं, जिससे कोरोना के मरीज जल्द ठीक हो जाते हैं।

अगला लेख

Indiaकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर