ऐपशहर

नोटबंदी पर चर्चा का जवाब प्रधानमंत्री द्वारा देने की मांग सरकार ने खारिज की

नयी दिल्ली, 17 नवंबर :भाषा: नोटबंदी के मुद्दे पर संसद में चर्चा पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जवाब देने की विपक्ष की मांग आज सरकार ने खारिज कर दी और आरोप लगाया कि विपक्षी दल इस विषय पर चर्चा को बाधित करने के बहाने तलाश रहे हंै

नवभारतटाइम्स.कॉम 17 Nov 2016, 5:30 pm
नयी दिल्ली, 17 नवंबर :भाषा: नोटबंदी के मुद्दे पर संसद में चर्चा पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जवाब देने की विपक्ष की मांग आज सरकार ने खारिज कर दी और आरोप लगाया कि विपक्षी दल इस विषय पर चर्चा को बाधित करने के बहाने तलाश रहे हंै क्योंकि यह उनके खिलाफ जा रहा है। नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे और प्रधानमंत्री के मौजूद रहने की मांग के कारण दोनों सदनों में कार्यवाही नहीं चलने के बाद सूचना प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सदन के नियमों और स्थापित चलन के मुताबिक सरकार की ओर से चर्चा का जवाब संबंधित मंत्री या कोई अन्य व्यक्ति देंगे। राज्यसभा में नोटबंदी के मुद्दे पर कल शुरू हुई चर्चा विपक्षी दलों के शोर शराबे के कारण आज आगे नहीं बढ़ सकी। विपक्षी दल प्रधानमंत्री के मौजूद रहने और जवाब देने की मांग कर रहे थे। वहीं लोकसभा में मतदान के प्रावधान वाले नियम के तहत चर्चा कराने की मांग पर विपक्षी दलों के हंगामे के कारण निचले सदन की कार्यवाही नहीं चल सकी। सरकार हालांकि नियम 193 के तहत चर्चा कराने को तैयार थी। वेंकैया नायडू ने कहा, :राज्यसभा में: चर्चा आधी गुजरने के बाद उन्हें लगा कि इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और उल्टा पड़ने जा रहा है। अब मुझो लगता है कि क्या वे इससे बाहर आने के लिए रास्ते तलाश रहे हैं और इसके मद्देनजर चर्चा बाधित कर रहे हैं। कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों के हंगामे को चर्चा बाधित करने का बहाना करार देते हुए वेंकैया नायडू ने आरोप लगाया कि इसके पीछे कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि चीजें नियमों और सदन की प्रक्रियाओं के तहत होती हैं। उन्होंने आग्रह किया कि चर्चा नियमों, प्रक्रियाओं के तहत हो रही है और आसन सभी बातों का ध्यान रखता है। वेंकैया ने कहा, मुझो लगता है कि जिन लोगों ने चर्चा शुरू की, उन्हें अब समझा आ गया है कि इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। और इसलिए वे चर्चा नहीं होने देने के लिए बहाने तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा, वे अब दो स्वर में और अलग अलग आवाजों में बातें कर रहे हैं। वे स्पष्ट तौर पर न तो इसके पक्ष में आ रहे हैं और न ही इसका विरोध कर रहे हैं। वे दुविधा में है और उनकी दुविधा जारी रहेगी।

अगला लेख

Indiaकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर