ऐपशहर

सर्जिकल स्ट्राइक का जवाब साइबर वॉर से दे रहे पाकिस्तान, चीन?

सर्जिकल स्ट्राइक से तिलमिलाया पाक आतंकी घुसपैठ और सीजफायर उल्लंघन जैसी हरकतों के अलावा अब 'साइबर वॉर' के जरिए भी भारत को जवाब देने की कोशिश में है। रक्षा सूत्रों ने शक जताया है कि चीन और पाक में इसकी साजिश रची जा रही है। इस 'साइबर वॉर' के तहत सुरक्षा बलों से जुड़े लोगों को टारगेट किया जा रहा है।

रमेश तिवारी | नवभारत टाइम्स 21 Oct 2016, 8:05 pm
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम pakistan trying to retaliate surgical strike through cyber war
सर्जिकल स्ट्राइक का जवाब साइबर वॉर से दे रहे पाकिस्तान, चीन?

भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक से तिलमिलाया पाकिस्तान आतंकवादियों की घुसपैठ और सीजफायर उल्लंघन जैसी हरकतों के अलावा अब 'साइबर वॉर' के जरिए भी भारत को जवाब देने की कोशिश कर रहा है। रक्षा सूत्रों ने शक जताया है कि चीन और पाकिस्तान से इसकी साजिश रची जा रही है। इस 'साइबर वॉर' के तहत कई फर्जी ई-मेल भेज कर सुरक्षा बलों से जुड़े लोगों को टारगेट किया जा रहा है।

पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक की असल कहानी, यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर इन दिनों हर कोई ज्यादा से ज्यादा जानकारी पाना चाहता है। यहां तक कि सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े लोगों के लिए भी यह दिलचस्पी का विषय है। इसी को देखते हुए हैकरों ने भारतीय सुरक्षा बलों से जुड़े लोगों के पास ऐसे ई-मेल भेजने शुरू किए हैं, जिनके सब्जेक्ट में लिखा होता है - सर्जिकल स्ट्राइक की असल कहानी। इन ई-मेल को खोलते ही हाइपर लिंक या डॉक्युमेंट मिलता है, जिसके क्लिक करते ही कोई भी सुरक्षाकर्मी हैकरों की साजिश का शिकार हो सकता है।

रक्षा सूत्रों के मुताबिक, ऐसा मुमकिन है कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान और चीन में भारत की सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियों का जायजा लेने की बेचैनी बढ़ी हो। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ऐसे ई-मेल की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखी गई है।

फिशिंग के जरिये हैकर ऑफिशल ई-मेल आईडी में कहीं भी a लेटर जोड़कर ई-मेल आईडी क्रिएट करते हैं। यह ई-मेल अड्रेस पहली नजर में ऑफिशल ई-मेल आईडी जैसा ही लगता है। अंदर का कॉन्टेंट भी देखने में सर्जिकल स्ट्राइक पर आधिकारिक बयान जैसा ही लगता है। लेकिन ई-मेल में एक फाइल होती है, जिसमें मालवेयर छुपा होता है। फाइल पर क्लिक करते ही मालवेयर कंप्यूटर पर अपना कब्जा जमा लेता है और कंप्यूटर की गतिविधियों पर हैकर की नजर होती है। इससे कंप्यूटर का डेटा चुराया जा सकता है, यूजर की पहचान उजागर की जा सकती है और कॉन्टेंट हैक किया जा सकता है।

ऐसे ई-मेल सिर्फ सर्जिकल स्ट्राइक के ही विषय पर नहीं होते। सेना में सातवें वेतन आयोग को लागू करने की स्थिति का दावा करने वाले ई-मेल भी भेजे जा रहे हैं। गौरतलब है कि सेना ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में विसंगतियों पर अपना ऐतराज सरकार के सामने रखा है। फिशिंग के जरिये ऐसे ई-मेल भी भेजे जा रहे हैं, जिनमें रक्षाकर्मियों को सातवें वेतन आयोग का फाइनल डॉक्युमेंट दिखाने का झांसा दिया जाता है। ई-मेल में अटैच फाइल खोलते ही मालवेयर इन्स्टॉल हो सकते हैं।

ये ईमेल नीदरलैंड, जर्मनी, फिनलैंड आदि में स्थित सर्वर से भेजे जान पड़ते हैं, जिससे यूजर का पता लगाना आसान नहीं होता है। यहां बता दें कि प्रिंसिपल कंट्रोलर ऑफ डिफेंस अकाउंट (ऑफिसर्स) के ऑफिस की वेबसाइट पिछले साल हैक होने की खबर आई थी। तब इस बात की शंका जताई गई थी कि लॉग इन और पासवर्ड में सेंध मुमकिन है। तब भी रक्षाकर्मियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई थी। एक बार फिर दुश्मनों के ई-मेल अटैक के बारे में चेतावनी जारी करते हुए कहा गया है कि अनजान सोर्स से जम्मू-कश्मीर के हालात पर मिलने वाले ई-मेल के सिलसिले में सावधानी बरती जानी चाहिए। ऑपरेटिंग सिस्टम को हमेशा अपडेट रखा जाना चाहिए।
लेखक के बारे में
रमेश तिवारी

अगला लेख