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सभी पांच राज्यों में चुनाव फरवरी-मार्च में, आचार संहिता से नहीं पड़ेगा बजट को फर्क

इस पर कोई दोराय नहीं कि इस बार यूपी के विधान सभा चुनाव 'गेम चेंजर' साबित होने जा रहे हैं। इसी के साथ चार अन्य राज्यों के चुनाव भी साथ-साथ हो सकते हैं। खबर है कि फरवरी-मार्च में ही इन राज्यों में चुनाव हो सकते हैं। 1 फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा, जिसके बाद चुनाव की तारीखें तय की जा सकती हैं।

पीटीआई 23 Oct 2016, 5:23 pm
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम polls likely in uttar pradesh punjab goa uttarakhand manipur in february march
सभी पांच राज्यों में चुनाव फरवरी-मार्च में, आचार संहिता से नहीं पड़ेगा बजट को फर्क

इस पर कोई दो राय नहीं कि इस बार यूपी के विधान सभा चुनाव 'गेम चेंजर' साबित होने जा रहे हैं। इसी के साथ चार अन्य राज्यों के चुनाव भी साथ-साथ हो सकते हैं। खबर है कि फरवरी-मार्च में ही इन राज्यों में चुनाव हो सकते हैं। 1 फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा, जिसके बाद कभी भी चुनाव की तारीखें तय की जा सकती हैं।

चुनाव आयोग के सूत्रों से पता चला है कि पंजाब, गोवा, उत्तराखंड व मणिपुर में जहां एक दिन में ही चुनाव संपन्न करवाए जाएंगे, वहीं यूपी चुनाव ज्यादा से ज्यादा सात चरणों में निपटाए जाएंगे। यूपी में बीजेपी वापसी के इंतजार में है। बहुजन समाज पार्टी भी बीजेपी, समाजवादी पार्टी को कड़ी टक्कर देने के मूड में दिख रही है।

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पंजाब में दो सफल कार्यकालों के बाद एसएडी-बीजेपी को जहां कांग्रेस से कड़ी टक्कर मिल रही है, वहीं आम आदमी पार्टी वोटर्स को लुभाने में कोई कमी नहीं छोड़ रही है। उत्तराखंड में कांग्रेस सत्ता में जरूर है, लेकिन तमाम मुद्दों के चलते बीजेपी से उसे कड़ी टक्कर मिलने की संभावना है।

गोवा में बीजेपी को कांग्रेस से टक्कर मिलती दिख रही है तो मणिपुर में कांग्रेस अपनी कुर्सी बचाने की जद्दोजहद करती नजर आएगी। सावधानी बरतते हुए सरकार ने चुनाव आयोग को 1 फरवरी को आम बजट पेश करने का रास्ता साफ करने के लिए पत्र लिखा है व कहा है कि इसमें चुनाव आचार संहिता को तोड़ने वाला नहीं माना जाना चाहिए।

सूत्रों ने यह भी बताया कि आयोग को बजट पेश करने से किसी भी तरह की कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि बजट पूरे देश के लिए है, न कि सिर्फ वहां के लिए जहां चुनाव हैं। आयोग अभी चुनाव तारीखों के लेखे-जोखे पर काम कर रहा है, जिससे चुनाव वाले राज्यों की सरकारों का कार्यकाल खत्म होने से पहले काम पूरा हो सके। आयोग उन तमाम सुरक्षा पहलुओं का भी खाका तैयार कर रहा है, जिनकी मदद से राज्यों में स्वतंत्र एवं साफ-सुथरे ढंग से चुनाव करवाए जाएंगे।

बूथ कैप्चरिंग जैसी घटनाएं न हों, इसके लिए करीब राज्य व केंद्र के करीब 1 लाख सशस्त्र पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे। बता दें कि यूपी विधान सभा का कार्यकाल 27 मई 2017 को व गोवा, मणिपुर और पंजाब का 18 मार्च को पूरा हो रहा है। इसी के साथ उत्तराखंड विधान सभा का कार्यकाल 27 मार्च को खत्म हो रहा है।

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