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नोटबंदी के 3 साल: 'आतंकी हमला, तुगलकी कदम...' विपक्ष बोला-केंद्र की सबसे बड़ी भूल

राहुल गांधी ने ट्वीट किया ,'यह नोटबंदी के आतंकी हमले का तीसरा साल है, जिसने भारतीय अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर दिया। कई लोगों की जान गई, लाखों छोटे कारोबार बंद हुए और लाखों भारतीय बेरोजगार हुए। इस हमले के पीछे जो भी लोग हैं उन्हें अभी सजा मिलना बाकी है।'

नवभारतटाइम्स.कॉम 8 Nov 2019, 12:53 pm
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम demonetisation 3 years
विपक्ष का केंद्र पर प्रहार

नोटबंदी के तीन साल पूरे होने पर विपक्ष ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नोटबंदी को मोदी सरकार की बड़ी भूल बताया है। राहुल गांधी ने इसे आतंकी हमला करार देते हुए कहा कि इसके दोषियों को सजा मिलना बाकी है।

नोटबंदी के तीन साल पूरे होने पर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे आतंकी हमले की तरह बताया और कहा कि इस फैसले ने भारतीय अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया। राहुल गांधी ने ट्वीट किया ,'यह नोटबंदी के आतंकी हमले का तीसरा साल है, जिसने भारतीय अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर दिया। कई लोगों की जान गई, लाखों छोटे कारोबार बंद हुए और लाखों भारतीय बेरोजगार हुए। इस हमले के पीछे जो भी लोग हैं उन्हें अभी सजा मिलना बाकी है।'


प्रियंका बोलीं- तुगलकी फरमान की जिम्मेदारी किसकी?
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने नोटबंदी को तुगलकी फरमान बताते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने ट्वीट किया, 'नोटबंदी को तीन साल हो गए। सरकार और इसके नीमहकीमों द्वारा किए गए नोटबंदी सारी बीमारियों का शर्तिया इलाज के सारे दावे एक-एक करके धराशायी हो गए। नोटबंदी एक आपदा थी जिसने हमारी अर्थव्यवस्था नष्ट कर दी। इस तुगलकी कदम की जिम्मेदारी अब कौन लेगा? इससे पहले गुरुवार को प्रियंका ने ट्वीट किया था, 'देश में अर्थव्यवस्था की हालत एकदम पतली है। सेवा क्षेत्र औंधे मुंह गिर चुका है। रोजगार घट रहे हैं। शासन करने वाला अपने में ही मस्त है, जनता हर मोर्चे पर त्रस्त है।'


नोटबंदी के बाद से शुरू हुई आर्थिक आपदा-ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी नोटबंदी को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट किया, 'आज नोटबंदी को तीन साल पूरे हो गए। मैंने नोटबंदी की घोषणा के तुरंत बात ही कह दिया था कि यह अर्थव्यवस्था और लाखों लोगों के लिए विनाशकारी होगी। नामी अर्थशास्त्रियों, आम लोग और सभी विशेषज्ञ भी अब इस बात से सहमत हैं। आरबीआई के आंकड़ों ने भी यही बताया। नोटबंदी के बाद से ही आर्थिक आपदा शुरू हो गई थी। किसान, युवा, कर्मचारी, गृहणी और व्यापारी सभी इससे प्रभावित हुए।'


मूडीज ने घटाई भारत की रेटिंगजानी-मानी रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की क्रेडिट रेटिंग को स्टेबल से घटाकर नेगेटिव कर दिया है। मूडीज का मानना है कि आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ पहले के मुकाबले धीमी रह सकती है, जिसका कारण सरकार के प्रयासों का कम प्रभावी होना है।

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