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रेल टिकट में फिर दलाल कनेक्शन भारी

तकनीक में माहिर एजेंट्स के सॉफ्टवेयर IRCTC पर हावी एजेंसियां, नई दिल्लीटिकट बुकिंग में भले ही आम लोगों के पसीने छूट जाएं, लेकिन दलाल बड़ी आसानी ...

नवभारतटाइम्स.कॉम 27 Nov 2016, 9:00 am

तकनीक में माहिर एजेंट्स के सॉफ्टवेयर IRCTC पर हावी

एजेंसियां, नई दिल्ली

टिकट बुकिंग में भले ही आम लोगों के पसीने छूट जाएं, लेकिन दलाल बड़ी आसानी से कुछ ही सेकंड में थोक के भाव में टिकट बुक कर ले रहे हैं। 80 पर्सेंट से ज्यादा तत्काल रेल टिकट तकनीकी रूप से सक्षम एजेंट बुक कर ले रहे हैं। दलाल हर टिकट पर यात्रियों से 500 से 1000 रुपये ज्यादा वसूल रहे हैं।

दरअसल, इंटरनेट पर तेजी से टिकट बुकिंग के लिए पेड सॉफ्टवेयर मौजूद हैं। एजेंट इन सॉफ्टवेयर्स की मदद ले रहे हैं। उन्हें सिर्फ यात्री और ट्रेन के डिटेल के साथ-साथ पेमेंट का माध्यम भरना होता है, बाकी के काम सॉफ्टवेयर के जरिये अपने आप हो जाता है। आईआरसीटीसी ने वेबसाइट में सिक्युरिटी फीचर के तौर पर कैप्चा कोड का इस्तेमाल किया है, ताकि इंसान ही टिकट बुक कर सके, कोई रॉबट या ऑटोमेटेड कंप्यूटर प्रोग्राम नहीं। लेकिन दलाल इस सिक्युरिटी फीचर को भी धता बताकर टिकट बुक कर ले रहे हैं। इस सिस्टम में कैप्चा कोड जैसे सिक्युरिटी बाइपास की जरूरत नहीं होती, जिससे कुछ सेकंड्स में ही हजारों टिकट कट जाते हैं।

गौरतलब है कि इन सॉफ्टवेयर्स की वजह से रेलवे को तो कोई नुकसान नहीं होता, क्योंकि बुकिंग अमाउंट उसके खाते में तो आती ही है। लेकिन इससे सबसे ज्यादा नुकसान आम यात्री को होता है। लोगों को समय पर टिकट नहीं मिल पाता, वहीं दलाल टिकटों की कालाबाजारी कर उन्हें डेढ़ से दोगुने तक में बेच देते हैं।

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