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रवीश कुमार ने छोड़ा NDTV, अडानी की एंट्री के बाद प्रणय-राधिका रॉय भी हुए बाहर

Ravish Kumar Resigns from NDTV: अडानी ग्रुप की ओर से एनडीटीवी के प्रमोटर कंपनी के टेकओवर के साथ ही पत्रकार रवीश कुमार ने इस्तीफा दे दिया है। एनडीटीवी ग्रुप की प्रेसिडेंट सुपर्णा सिंह की ओर से सभी कर्मचारियों को भेजे एक मेल में बताया गया है कि रवीश ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले मंगलवार को प्रणय रॉय और राधिका रॉय ने एनडीटीवी की प्रमोटर कंपनी आरआरपीआर के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था।

Curated byअशोक उपाध्याय | नवभारतटाइम्स.कॉम 30 Nov 2022, 11:41 pm

हाइलाइट्स

  • रवीश को जनता को प्रभावित करने वाले जमीनी मुद्दों की कवरेज के लिए जाना जाता है
  • रविश कुमार रामनाथ गोयनका और रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं
  • रविश कुमार की पहचान देश में मोदी सरकार के प्रखर आलोचक के तौर पर होती है
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नवभारतटाइम्स.कॉम Ravish Kumar
नई दिल्ली: अडानी की एंट्री के बाद NDTV में इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। आरआरपीआर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड (RRPRH) से प्रणय रॉय (Prannoy Roy) और राधिका रॉय के इस्तीफे के बाद बुधवार देर शाम चैनल के वरिष्ठ कार्यकारी संपादक और प्राइम टाइम एंकर रवीश कुमार (Ravish kumar) ने भी इस्तीफा दे दिया। कुमार चैनल के प्रमुख शो हम लोग, रवीश की रिपोर्ट, देश की बात और प्राइम टाइम सहित कई कार्यक्रमों में एंकरिंग किया करते थे। रवीश कुमार देश की आम जनता को प्रभावित करने वाले जमीनी मुद्दों की कवरेज के लिए जाने जाते हैं। रविश कुमार दो बार रामनाथ गोयनका उत्कृष्टता और 2019 में रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार NDTV ग्रुप की प्रेसिडेंट सुपर्णा सिंह ने इस मेल में लिखा है कि 'रवीश ने NDTV से इस्तीफा दे दिया है और कंपनी ने उनके इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। रविश जितना लोगों को प्रभावित करने वाले कुछ ही पत्रकार हैं। यह उनके बारे में मिलने वाली अपार प्रतिक्रिया में दिखता है, वो भीड़ जिन्हें वे अपने इर्द-गिर्द जमा करते हैं, भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें मिले प्रतिष्ठित पुरस्कारों और पहचान में दिखता है; और उनकी हर दिन की रिपोर्ट में, जो उन लोगों के अधिकारों और जरूरतों को पूरा करता है जो सेवा से वंचित हैं। रवीश दशकों से NDTV का एक अभिन्न हिस्सा रहे हैं और उनका योगदान बहुत अधिक रहा है, हम जानते हैं कि जब वह एक नई शुरुआत कर रहे हैं, वे बेहद सफल होंगे।'

मोदी सरकार के प्रखर आलोचक हैं रविश
रविश कुमार की पहचान देश में मोदी सरकार के प्रखर आलोचक के तौर पर होती है। रविश कुमार अपने प्राइम शो के दौरान सबसे ज्यादा मोदी सरकार और बीजेपी की आलोचना करते दिखाई देते थे। रविश के विरोधियों को इस बात की सबसे ज्यादा शिकायत है कि वह बीजेपी और मोदी सरकार के अलावा अन्य किसी सियासी दल और सरकार के खिलाफ आलोचनात्मक रुख नहीं रखते हैं। रविश कुमार मोदी सरकार की प्रशंसा करने वाले मीडिया संस्थानों को गोदी मीडिया कहकर बुलाते हैं। रविश की इस टिप्पणी की वजह से भी वह सोशल मीडिया में आए दिन आलोचना का शिकार होते रहते हैं।
लेखक के बारे में
अशोक उपाध्याय
"नवभारत टाइम्स डॉट कॉम में सीनियर ड‍िज‍िटल कंटेंट प्रोड्यूसर। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया एंड मैनेजमेंट, नोएडा से 2013 में पासआउट। पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है। साल 2013 में एनबीटी अखबार से पत्रकारिता के सफर की शुरुआत की थी। राजनीति, क्राइम समेत कई बीटों पर काम करने का अनुभव है। अमर उजाला देहरादून में भी सेंट्रल डेस्क पर काम किया। साल 2020 में डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा। मीडिया के बदलते स्वरूप के साथ खुद को बदलने का प्रयास जारी है।"... और पढ़ें

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