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रिटायर जजों को बनाया जाएगा न्यायमित्र

कानून मंत्री ने लीगल एड के लिए नई स्कीम लॉन्च कीविशेष संवाददाता, नई दिल्लीः कानून मंत्री ने गरीबों को न्याय दिलाने के लिए लीगल एड के लिए कई ...

नवभारतटाइम्स.कॉम 21 Apr 2017, 9:00 am

कानून मंत्री ने लीगल एड के लिए नई स्कीम लॉन्च की

विशेष संवाददाता, नई दिल्लीः

कानून मंत्री ने गरीबों को न्याय दिलाने के लिए लीगल एड के लिए कई स्कीमें लॉन्च की हैं। इसके तहत टेलि-लॉ ई गवर्नेंस स्कीम लॉन्च की गई है। इसके जरिये दूरदराज बैठे लोग वकीलों से कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ सकेंगे और कानूनी सहायता ले सकेंगे। रिटायर जजों को न्याय मित्र बनाया जाएगा।

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि रिटायर जूडिशियल ऑफिसरों को न्याय मित्र के तौर पर नियुक्त किया जाएगा ताकि गरीब लिटिगेंट्स की मदद की जा सके। कानून मंत्री ने केंद्र सरकार की फ्री लीगल एड मूवमेंट के लिए तीन स्कीमों को लॉन्च किया। इसके तहत जो वकील भी सेवा देना चाहते हैं, वे डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस में ऑनलाइन रजिस्टर्ड करा सकते हैं। लिटिगेंट्स ऑनलाइन लॉयर के लिए सहायता मांग सकते हैं और उनकी राय ले सकते हैं।

अन्य स्कीमों में टेलि-लॉ ई गवर्नेंस को लॉन्च किया गया है। इसके तहत दूर दराज में रहने वाले लोगों को सहायता दी जाएगी। स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी के वकील से ऐसे लोग टेलिकॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जुड़ सकते हैं। सभी जिलों में कॉमन सर्विस सेंटर ओपन किया गया है। पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया है। यूपी, बिहार और नॉर्थ ईस्ट के साथ-साथ जम्मू कश्मीर में 1800 पंचायत में शुरुआत की गई है। इसके तहत 227 जिलों में स्कीम लॉन्च की गई है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वकीलों को जज बनाए जाने के लिए जो सिफारिशें होती हैं, उसमें उन वकीलों के नाम पर विचार होगा जो फ्री में सर्विस देते हैं। साथ ही कहा कि गरीबों को न्याय दिलाने के वास्ते फ्री लीगल एड के लिए रिटायर जजों की सेवा ली जाएगी। कानून मंत्री ने कहा कि लीगल एड को ट्रांसपैरेंट किया जाएगा।

ट्रिपल तलाक जेंडर जस्टिस से जुड़ा मामला

मीडिया कर्मियों से बातचीत में रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ट्रिपल तलाक का मामला धार्मिक नहीं है। इसका धार्मिक आस्था से कोई लेना-देना नहीं है। यह जेंडर जस्टिस से संबंधित है। हमने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट दाखिल कर अपना स्टैंड साफ कर दिया है। कानून मंत्री ने कहा है कि भारत में बड़ी संख्या में महिलाएं इस खतरे वाली स्थिति में रह रही हैं। महिलाएं ऐसी स्थिति में क्यों रहने पर मजबूर हों। हम धर्म और आस्था का सम्मान करते हैं लेकिन प्रत्येक पीड़ादायक प्रैक्टिस आस्था का विषय नहीं हो सकता। क्या एक हिंदू धर्म के नाम पर छुआछूत की बात कर सकता है। बिल्कुल नहीं, क्योंकि यह असंवैधानिक है।

बाबरी विवाद पर भी बयान

इस दौरान उन्होंने कहा कि उनका विश्वास है कि बीजेपी नेता लालकृष्ण अडवाणी समेत अन्य नेता बाबरी मामले में निर्दोष हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला कोई नया नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने दो मामलों को साथ कर दिया है। बीजेपी नेता कानून के तहत ट्रायल फेस करेंगे।

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