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सीआरपीएफ संघर्षवाले क्षेत्रों में कार्यरत महिला कर्मियों के लिए लगाएगा सैनेटरी नैपकिन डिस्पेंसर

(नीलाभ श्रीवास्तव) नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) महिलाओं के प्रति संवेदनीशलता प्रदर्शित करने वाली अपने तरह की पहली बजटीय व्यवस्था के तहत सरकार ने संघर्षवाले क्षेत्रों में कार्यरत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की महिला कर्मियों के वास्ते 500 से अधिक सैनेटरी पैड डिस्पेंसर (वितरक मशीनें) और इनसिनेरटर (अपशिष्ट निस्तारण मशीन) लगाने के वास्ते विशेष निधि को मंजूरी प्रदान की है। इन पैडों के वितरण के लिए कुल 288 वितरक मशीनों और इस्तेमाल के बाद उन्हें वैज्ञानिक ढंग से नष्ट करने के वाली उतनी ही इनसनेटर मशीनों की खरीद के लिए पैसा दिया गया है। केंद्रीय रिजर्व

भाषा 21 Jul 2019, 4:55 pm
(नीलाभ श्रीवास्तव) नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) महिलाओं के प्रति संवेदनीशलता प्रदर्शित करने वाली अपने तरह की पहली बजटीय व्यवस्था के तहत सरकार ने संघर्षवाले क्षेत्रों में कार्यरत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की महिला कर्मियों के वास्ते 500 से अधिक सैनेटरी पैड डिस्पेंसर (वितरक मशीनें) और इनसिनेरटर (अपशिष्ट निस्तारण मशीन) लगाने के वास्ते विशेष निधि को मंजूरी प्रदान की है। इन पैडों के वितरण के लिए कुल 288 वितरक मशीनों और इस्तेमाल के बाद उन्हें वैज्ञानिक ढंग से नष्ट करने के वाली उतनी ही इनसनेटर मशीनों की खरीद के लिए पैसा दिया गया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को उसकी सभी छह महिला बटालियनों, त्वरित कार्यबल की 15 विशेष दंगारोधी इकाइयों के लिए और प्रशिक्षण संस्थानों में कपड़े सुखाने के लिए स्टील के 783 फ्रेम स्टैंड खरीदने के लिए भी अधिकृत किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इन कामों के लिए 2,10,69, 000 रूपये मंजूर किये हैं । संबंधित आदेश की प्रति पीटीआई-भाषा के पास है। गृह मंत्रालय के इस आदेश के अनुसार इन वितरक मशीनों पर प्रति मशीन 25000 रूपये, अपशिष्ट निस्तारण मशीनों के लिए 40,000 रूपये प्रति मशीन और कपड़े सुखाने वाले स्टैंड के लिए प्रति स्टैंड 3000 रूपये का खर्च आएगा। यह खर्चा मंजूर बजटीय अनुदान से पूरा किया जाएगा। सीआरपीएफ के प्रवक्ता उपमहानिरीक्षक मौसेस दिनाकर ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘ इस मंजूरी से सीआरपीएफ को संघर्षवाले क्षेत्रों में कार्यरत 8000 से अधिक महिला कर्मियों के लिए बेहतर जीवनस्तर सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘महिला कर्मी देशभर में कानून व्यवस्था बनाए रखने, नक्सलविरोधी अभियानों और अन्य कार्यों, जो पुरूष कर्मी करते हैं, के लिए तैनात की गयी है। उत्तर प्रदेश में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और सशस्त्र सीमा बल में महानिरीक्षक रह चुकीं रेणुका मिश्रा ने कुछ सालों पहले एक अध्ययन में महिला कर्मियों के लिए कार्यस्थल पर पेश आने वाली चुनौतियों का उल्लेख किया था। अध्ययन के दौरान राज्य पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की महिला कर्मियों ने उन्हें बताया था कि कई बार यूरीन से बचने के लिए लंबे वे लंबे समय तक पानी नहीं पीती हैं। उन्हें काम के दौरान अपने कपड़े धोने और अंतवस्त्रों को सुखाने के लिए सही जगह नहीं मिल पाता। ड्यूटी के दौरान उन्हें सैनेटरी पैड खरीदने में बड़ी मुश्किल आती है। साथ ही उन्हें इन नैपकिन को निस्तारित करने में उतनी ही कठिनाई होती है।

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