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थानगढ़ गोलीबारी कांड में मारे गये युवकों के परिजन एसआईटी के खिलाफ, सीबीआई जांच की मांग

अहमदाबाद, 21 अगस्त :भाषा: साल 2012 में थानगढ़ में हुई पुलिस गोलीबारी के मामले में जांच के लिए एसआईटी गठित करने के गुजरात सरकार के फैसले को खारिज करते हुए घटना में मारे गये तीन दलित युवकों के परिवारों ने आज सीबीआई जांच की मांग की।

नवभारतटाइम्स.कॉम 21 Aug 2016, 9:27 pm
अहमदाबाद, 21 अगस्त :भाषा: साल 2012 में थानगढ़ में हुई पुलिस गोलीबारी के मामले में जांच के लिए एसआईटी गठित करने के गुजरात सरकार के फैसले को खारिज करते हुए घटना में मारे गये तीन दलित युवकों के परिवारों ने आज सीबीआई जांच की मांग की। सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए परिजनों ने अनुसूचित जाति एकता मंच के बैनर तले गांधीनगर में आयोजित एक रैली में भाग लिया। परिजनों ने यह ऐलान भी किया कि गांधीनगर शहर के सत्याग्रह छावनी इलाके में उनका धरना प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता। गोलीबारी में मारे गये युवक प्रकाश की मां मंजू परमार ने रैली से पहले संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उन्हें एसआईटी पर कोई भरोसा नहीं है। परमार ने कहा, हमें सरकार की बनाई एसआईटी पर कोई भरोसा नहीं है। हम चाहते हैं कि सीबीआई पूरे मामले की जांच करे और गोलीबारी में शामिल सभी पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज किया जाए। मुझे लगता है कि एसआईटी गठन का फैसला करके सरकार ने केवल ढकोसला किया है। 22 और 23 सितंबर, 2012 की दरमियानी रात को तीन दलित युवक - पंकज सुमरा, प्रकाश परमार और मेहुल राठौड़ पुलिस की गोली से मारे गये थे। पुलिस ने सुरेंद्रनगर जिले के थानगढ़ कस्बे में दलितों और अन्य पिछड़ा वर्ग के भारवाड़ समुदाय के बीच संघर्ष के दौरान भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोली चलाई थी। मेहुल की मां जयश्रीबेन राठौड़ ने कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिलता है तो वह इस लड़ाई को दिल्ली ले जाएंगी।

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