ऐपशहर

अनुसंधान एवं विकास में भारत के लिए अपार संभावनाएं, सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं : अंसारी

नयी दिल्ली, 29 जुलाई भाषा उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा है कि अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में भारत के लिए अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इस दिशा में सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं रहे हैं।

भाषा 29 Jul 2017, 2:20 pm
नयी दिल्ली, 29 जुलाई भाषा उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा है कि अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में भारत के लिए अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इस दिशा में सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं रहे हैं। वह यहां संसद सौध में विग्यान एवं प्रौद्योगिकी नवोन्मेष पर आयोजित प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत को प्राचीन समय से ही विग्यान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति जुनून रहा है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि अनुसंधान एवं विकास क्षेत्र में भारत के लिए अपार संभावनाएं हैं, लेकिन सच यह है कि इस दिशा में सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के 70 साल बाद हम अब भी अपनी रक्षा जरूरतों का 60 प्रतिशत आयात करते हैं। संविधान वैग्यानिक भाव के विकास को प्रोत्साहित करता है, लेकिन इस दिशा में बहुत कम प्रयास किए गए हैं। समय के साथ वैग्यानिक चेतना विकसित किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में हमने बहुत अच्छा काम किया है। परमाणु उुर्जा और अंतरिक्ष जैसे विभाग अच्छा काम कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि अन्य क्षेत्रों में हम काफी पीछे क्यों हैं यदि हम इन सवालों का जवाब ढूंढ़ सकते हैं तो हम जान पाएंगे कि हमें किस दिशा में जाना है। विग्यान एवं प्रौद्योगकी, पर्यावरण और वन मामलों की संसदीय स्थाई समिति एवं राज्यसभा द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी 11 अगस्त तक चलेगी। इसमें परमाणु उुर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, वैग्यानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद तथा अन्य विग्यान विभागों ने अपनी उपलब्धियों को दर्शाया है। भाषा

अगला लेख

Indiaकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर