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ट्विटर ने सरकार के आदेश के बाद भारत में कुछ अकाउंट पर रोक लगायी

नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) ट्विटर ने बुधवार को कहा कि किसानों के प्रदर्शन को लेकर भ्रामक और भड़काऊ विषयवस्तु का प्रसार रोकने के सरकार के निर्देश के तहत उसने 500 से ज्यादा अकाउंट पर रोक लगा दी है और कुछ को ब्लॉक कर दिया है। ट्विटर ने एक ब्लॉगपोस्ट में कहा कि भारत सरकार द्वारा देश में कुछ अकाउंट को बंद करने के निर्देश के तहत उसने कुछ अकाउंट पर रोक लगायी है। नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं, राजनीतिज्ञों एवं मीडिया के ट्विटर हैंडल को ब्लॉक नहीं किया है क्योंकि ऐसा करने से अभिव्यक्ति की आजादी के मूल अधिकार का उल्लंघन

भाषा 10 Feb 2021, 5:02 pm
नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) ट्विटर ने बुधवार को कहा कि किसानों के प्रदर्शन को लेकर भ्रामक और भड़काऊ विषयवस्तु का प्रसार रोकने के सरकार के निर्देश के तहत उसने 500 से ज्यादा अकाउंट पर रोक लगा दी है और कुछ को ब्लॉक कर दिया है। ट्विटर ने एक ब्लॉगपोस्ट में कहा कि भारत सरकार द्वारा देश में कुछ अकाउंट को बंद करने के निर्देश के तहत उसने कुछ अकाउंट पर रोक लगायी है। नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं, राजनीतिज्ञों एवं मीडिया के ट्विटर हैंडल को ब्लॉक नहीं किया है क्योंकि ऐसा करने से अभिव्यक्ति की आजादी के मूल अधिकार का उल्लंघन होगा। हालांकि, सरकार ने मुद्दे पर सूचना प्रौद्योगिकी सचिव के साथ वार्ता के पहले ब्लॉगपोस्ट प्रकाशित करने के ट्विटर के कदम को ‘‘असामान्य’’ कदम बताया। सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने देश में विकसित सोशल नेटवर्किंग साइट ‘कू’ पर अपने जवाब में कहा, ‘‘सरकार के साथ बैठक के लिए ट्विटर के अनुरोध पर सूचना और प्रोद्यौगिकी, सचिव ट्विटर के वरिष्ठ प्रबंधकों के साथ बातचीत करने वाले थे। इस आलोक में वार्ता के पहले ब्लॉगपोस्ट प्रकाशित करना असामान्य कदम है।’’ ‘कू’ पर पोस्ट में कहा गया है कि सरकार जल्द ही अपना जवाब साझा करेगी। ट्विटर को टक्कर देने के लिए ‘कू’ की शुरुआत की गयी है। ट्विटर ने बुधवार को ब्लॉगपोस्ट में कहा कि वह अपने उपयोगकर्ताओं की अभिव्यक्ति की आजादी अधिकार का समर्थन करना जारी रखेगी और इसके लिए वह ‘‘भारतीय कानून के तहत ट्विटर एवं प्रभावित खातों, दोनों के लिए विकल्प तलाश करने की सक्रियता से कोशिश कर रही है।’’ सरकार ने चार फरवरी को ट्विटर से ऐसे 1178 अकाउंट पर रोक लगाने को कहा जिनका जुड़ाव पाकिस्तानी और खालिस्तानी समर्थकों के साथ पाया गया है और जिनसे किसानों के प्रदर्शन के संबंध में भ्रामक और भडकाऊ सामग्री साझा की गयी। कुल मिलाकर ट्विटर ने 1,000 से ज्यादा अकाउंट पर कार्रवाई की है। इनमें से 500 पर सरकार ने रोक लगाने की मांग की थी। कंपनी ने बाकी 500 पर भ्रामक विषयवस्तु प्रसारित करने वाला अकाउंट मानकर कार्रवाई की है। सरकार ने पिछले महीने किसानों के आंदोलन के संबंध में ट्वीट को लेकर 257 अकाउंट पर रोक लगाने के लिए कहा था। इस पर कदम उठाते हुए ट्विटर ने कुछ घंटे के लिए रोक लगाकर फिर से इसे बहाल कर दिया था। इसके बाद सरकार ने आदेश का पालन नहीं होने का नोटिस जारी किया और कानूनी कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी है। इस बारे में रुख स्पष्ट करने की मांग पर ट्विटर ने ब्लॉगपोस्ट में कहा कि नुकसानदेह सामग्री वाले हैशटैग की दृश्यता घटाने के लिए उसने कदम उठाए हैं जिनमें ऐसे हैशटैग को ट्रेंड करने से रोकना एवं ‘सर्च’ के दौरान इन्हें देखने की अनुशंसा नहीं करना शामिल है। ट्विटर ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भी इन उपायों को लागू करने की जानकारी दे दी है। ट्विटर ने रेखांकित किया कि उसने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सभी आदेशों के तहत 500 से अधिक अकाउंट पर कार्रवाई की है। इनमें ट्विटर के नियमों का उल्लंघन करने पर अकाउंट को स्थायी रूप से बंद करने का कदम भी शामिल है। ट्विटर ने कहा, ‘‘... आज हमने अकाउंट को बंद करने के आदेश में चिह्नित अकाउंट के एक हिस्से पर हमारी विषयवस्तु नीति के तहत केवल भारत में ही रोक लगाई है। ये अकाउंट भारत से बाहर उपलब्ध रहेंगे।’’ माइक्रोब्लॉगिंग साइट ने उन अकाउंट की जानकारी नहीं दी जिनपर कार्रवाई की गई है। ट्विटर ने कहा कि उसने मीडिया संस्थानों, पत्रकारों, कार्यकर्ताओं एवं राजनेताओं के अकाउंट पर कार्रवाई नहीं की है क्योंकि, ‘‘हम नहीं मानते कि जिस तरह की कार्रवाई के निर्देश हमें दिए गए हैं वह भारतीय कानून और अभिव्यक्ति की रक्षा करने के हमारे सिद्धांत के अनुरूप है।’’ कंपनी ने तर्क दिया कि ऐसा करना भारतीय कानून में मिले अभिव्यक्ति के अधिकार का उल्लंघन होगा। ट्विटर ने कहा, ‘‘हम ट्विटर पर होने वाली स्वस्थ चर्चा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और मजबूती से मानते हैं कि ट्वीट का प्रवाह जारी रहना चाहिए।’’ ट्विटर ने जोर देकर कहा कि वह मानती है कि मंच पर स्वस्थ सार्वजनिक बहस को प्रोत्साहित करने एवं भरोसा जीतने के लिए पारदर्शिता आधार है। माइक्रोब्लॉगिंग साइट ने कहा कि यह अहम है कि लोग समझे कि कैसे सामग्री में संतुलन एवं दुनिया भर की सरकारों से संवाद वह बनाती है। ट्विटर ने कहा, ‘‘स्वतंत्र इंटरनेट एवं अभिव्यक्ति के पीछे के मूल्यों पर पूरी दुनिया में खतरा बढ़ रहा है....ट्विटर उन आवाजों को ताकत देने के लिए है जिन्हें सुना जाना चाहिए और हम अपनी सेवाओं में लगातार सुधार करना जारी रखेंगे ताकि सभी -विचारों एवं रवैये से परे- सार्वजनिक बहस में हिस्सा बनने में सुरक्षित महसूस कर सके।’’

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