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President Election : राष्ट्रपति ही नहीं, उपराष्ट्रपति के चुनाव में भी भाजपा का पलड़ा भारी, समझिए आंकड़ों का गणित

राष्ट्रपति चुनाव 18 जुलाई को होगा और मतगणना 21 जुलाई को होगी। राष्ट्रपति कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है और उनके उत्तराधिकारी को इससे पहले नियुक्त किया जाना है। उपराष्ट्रपति का चुनाव 6 अगस्त को होगा। आंकड़ों को समझिए तो दोनों ही चुनावों में भाजपा का पलड़ा भारी दिख रहा है।

Compiled byअनुराग मिश्र | नवभारतटाइम्स.कॉम 4 Jul 2022, 1:52 pm

हाइलाइट्स

  • उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में 775 सदस्य हैं
  • इसमें लोकसभा के 543 और राज्यसभा के 232 सदस्य हैं
  • भाजपा के पास अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए पर्याप्त वोट
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
नई दिल्ली: राष्ट्रपति चुनाव के बीच अब उपराष्ट्रपति चुनाव (Vice President Election) की भी चर्चा होने लगी है। दोनों चुनावों में भाजपा के लिहाज से स्थितियां भिन्न हैं। जी हां, राष्ट्रपति चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को सहयोगियों और मित्र दलों के समर्थन की जरूरत है लेकिन उपराष्ट्रपति चुनाव में उसके पास अपने कैंडिडेट की जीत सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त वोट हैं। उप-राष्ट्रपति के चुनाव में केवल लोकसभा और राज्यसभा के सांसद वोट करते हैं। इसमें संसद के नामित सदस्य भी मतदान कर सकते हैं। अब राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले कोई उपचुनाव या द्विवार्षिक चुनाव नहीं होगा, ऐसे में उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल यानी इलेक्टोरल रोल 775 सदस्यों का है। इसमें लोकसभा के 543 और राज्यसभा के 232 सदस्य शामिल हैं।

राज्यसभा में भाजपा
हाल में हुए द्विवार्षिक चुनावों में भाजपा को तीन सीटों का नुकसान हुआ और 1 जुलाई को उच्च सदन में उसकी स्ट्रेंथ घटकर 92 सांसद रह गई। निम्न सदन में, उसके पास बहुमत है। हाल में यूपी के उपचुनावों में भाजपा ने दोनों सीटें झटक लीं और अब लोकसभा में उसकी संख्या 303 पहुंच गई है।

जादुई आंकड़े से कितना आगे पीछे है भाजपा
इस तरह से देखें तो उपराष्ट्रपति चुनाव में BJP के पास 395 सांसद या वोट हैं जो जीत के जादुई आंकड़े 388 से सात ज्यादा हैं। अब तक भाजपा की अगुआई वाले एनडीए और विपक्ष ने अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। निर्वाचन आयोग ने 2022 उपराष्ट्रपति चुनाव की घोषणा कर दी है और 6 अगस्त को चुनाव होंगे। वर्तमान उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को पूरा हो रहा है। आगामी मॉनसून सत्र के दौरान नए उपराष्ट्रपति कार्यभार संभालेंगे और सभापति के तौर पर उच्च सदन की कार्यवाही का संचालन करेंगे।

राष्ट्रपति चुनाव का गणित
राष्ट्रपति चुनाव के लिए, सत्तारूढ़ एनडीए बहुमत के आंकड़े से केवल एक प्रतिशत वोट से पीछे है जबकि भाजपा के पास अकेले 42 प्रतिशत से ज्यादा वोट हैं। हालांकि सत्तारूढ़ दल इस बात को लेकर आश्वस्त है कि नवीन पटनायक की बीजू जनता दल (करीब 3 प्रतिशत वोट), जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (4 प्रतिशत से ज्यादा) और अकाली दल (0.16 प्रतिशत वोट) ने समर्थन का भरोसा जताया है। ऐसे में राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की जीत की संभावना कम है लेकिन वह उम्मीदवार उतार सकती है। एक विपक्षी नेता ने कहा, 'एनडीए का उपराष्ट्रपति कैंडिडेट बिना फाइट के नहीं जीतेगा। ये चुनाव राजनीतिक और वैचारिक लड़ाई है।' विपक्षी नेताओं के अनुसार जल्दी ही उम्मीदवार पर चर्चा शुरू होगी। उधर, हैदराबाद में आज भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद इस दिशा में विचार विमर्श शुरू हो सकता है। कई दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया में चर्चा है कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को एनडीए की तरफ से उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाया जा सकता है। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 19 जुलाई है।
लेखक के बारे में
अनुराग मिश्र
साइंस में ग्रैजुएट होने के बाद मीडिया की पढ़ाई की। डिप्लोमा के बाद मीडिया मैनेजमेंट में MBA, रेडियो से करियर की शुरुआत। आज, आज समाज, अमर उजाला में प्रिंट जर्नलिज्म के बाद नवभारतटाइम्स डॉट कॉम में कार्यरत। पेशे से पत्रकार, दिल से ठेठ इलाहाबादी।... और पढ़ें

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