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कभी सोचा नहीं था परेड देखूंगी, पीएम मोदी को ही तो हमारी फिक्र है... कर्तव्य पथ पहुंचे श्रमिकों की आंखें क्यों भर आईं?

Why Poor People Praising Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते-करते वो थक नहीं रहे। उनमें कोई माली है तो कोई रिक्शा चालक, कोई रेहड़ी-पटरी वाला। इन सबको पहली बार इंडिया गेट पर परेड देखने के लिए सरकार का न्योता मिला था। सबने कहा- जीवन में सोचा नहीं था, ये दिन भी आएगा।

Curated byनवीन कुमार पाण्डेय | टाइम्स न्यूज नेटवर्क 27 Jan 2023, 12:25 pm

हाइलाइट्स

  • इंडिया गेट से परेड देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फैन हुई 'श्रम शक्ति'
  • श्रमिकों को पहली बार गणतंत्र दिवस परेड देखने का सरकारी न्योता मिला
  • रिक्शा चालक, रेहड़ी-पटरी वाले, मजदूर पीएम मोदी के हुए दीवाने
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गणतंत्र दिवस पर श्रमिकों को सम्मान।
नई दिल्ली: एक प्रधानमंत्री मोदी ही तो हैं जिन्हें हमारी फिक्र है... यह कहना है सरकार के निमंत्रण पर इंडिया गेट से गणतंत्र दिवस परेड देखने वाली एक श्रमिक महिला का। इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह कई मायनों में खास रहा। 'नारी शक्ति' और 'आत्मनिर्भर भारत' की थीम पर आयोजित इस समारोह में कई चीजें पहली बार हुईं। इसी कड़ी में 'श्रम शक्ति' को भी सम्मान दिया गया। सरकार ने सेंट्रल विस्टा और कर्तव्य पथ के काम में जुड़े श्रमिकों के साथ-साथ रेहड़ी-पटरी लगाने वालों और मजदूरी करने वालों को भी परेड देखने का निमंत्रण दिया था। ऐसा पहली बार हुआ कि समाज के पिछड़े तबके को किसी वीआईपी की तरह न केवल सरकार का न्योता मिला बल्कि अग्रिम पंक्तियों में उनके बैठने की व्यवस्था की गई। अब श्रमिक कह रहे हैं कि सरकार ने उन्हें वह तोहफा दिया है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी।

पीएम की प्रशंसा में भर आईं आंखें


40 वर्षीय मेवा देवी ने कहां सोचा था कि उन्हें बड़े-बड़े लोगों के आसपास बैठकर परेड देखने का मौका मिलेगा। वो कहती हैं कि कर्तव्य पथ से परेड देखना उनकी जिंदगी का सबसे यादगार लम्हा बन गया है। मेवा देवी केंद्रीय सार्वजनिक कार्य विभाग (CPWD) की कर्मचारी हैं और माली का काम करती हैं। उन्होंने हमारे सहयोगी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया (ToI) से कहा, 'मैं कर्तव्य पथ पर कुछ वर्षों से काम कर रही हूं, लेकिन कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मुझे परेड देखने का न्योता मिलेगा।' इतना कहते उनका गला रुंध जाता है और आंखें डबडबा जाती हैं। उन्होंने कहा कि समारोह खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब उनकी तरफ हाथ हिलाया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मेवा देवी की तरह ही कर्तव्य पथ और आसपास की निर्माण परियोजनाओं के अन्य मजदूरों को भी परेड देखने बुलाया गया था।

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'पीएम ने हाथ हिलाया, गदगद हो गई मैं'


रिपब्लिक डे परेड में भारत की विविधता, भव्यता और क्षमता का बेहद मोहक प्रदर्शन किया गया। रिक्सा चालकों, मजदूरों और रेहड़ी-पटरी वालों को आम से खास बनाकर सरकार ने उनका दिल जीत लिया। उन्हें पहली बार परेड देखने के लिए आधिकारिक आमंत्रण पत्र दिया गया। मेवा की तरह ही 35 वर्षीय अनिता देवी भी सीपीडब्ल्यूडी की माली हैं। उन्होंने टीओआई से कहा, 'हम दो साल से कर्तव्य पथ के लॉन्स की घांसों की देखरेख कर रहे हैं। हमें परेड देखने का निमंत्रण मिला, यह बहुत खुशी की बात है। यह सब प्रधानमंत्री करते हैं बाकी किसको हमारी फिक्र है?' जब अनिता से पूछा गया कि उन्हें परेड में सबसे अच्छा क्या लगा तो उन्होंने झट से कहा, 'झांकी तो लाजवाब थी है, लेकिन आखिर में प्रधानमंत्री मोदी ने जब उनकी तरफ हाथ हिलाया तो दिल गदगद हो गया।'

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चहचहा उठा चेहरा


सीपीडब्ल्यूडी के ही कर्मचारी लछमन माली भी परेड देखकर गदगद हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे बुलाने के लिए सरकार का आभारी हूं। मैंने कई साल पहले टीवी पर परेड देखा था। कभी सोचा नहीं था कि सामने से देख सकूंगा।' लछमन मध्य प्रदेश में मुरैना जिले के एक गांव से हैं। 28 वर्षीय क्रांति केवट तो पीएम मोदी को नजदीक से देखकर खुशी के मारे फूली नहीं समा रही हैं। वो कहती हैं, 'मैं तो तब से अपने परिवार वालों और सहेलियों को यही बता रही हूं कि मैं प्रधानमंत्री से मिली हूं।' गुलाबी साड़ी पहनीं क्रांति का चेहरा यह बताते हुए चहचहा रहा था। वो भी सीपीडब्ल्यूडी की कर्मी हैं जो उत्तर प्रदेश के झांसी से रोजगार की तलाश में दिल्ली आईं। रेहड़ी-पटरी वाले रमेश की खुशी का तो ठिकाना ही नहीं। उन्होंने परेड देखने के बाद कहा, 'परेड देखकर तो मजा ही आ गया। बहुत खुशी हुई मुझे।'

(इनपुट: टीओआई संवाददाता कुशाग्र दीक्षित और प्रियांगी अगरवाल की रिपोर्ट)
लेखक के बारे में
नवीन कुमार पाण्डेय
नवीन कुमार पाण्डेय सितंबर 2014 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से जुड़े हैं। इनकी पत्रकारीय जीवन की शुरुआत तो दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर में नामांकन के साथ ही शुरू हो गई थी, लेकिन पेशेवर पत्रकार का तमगा M3M मीडिया ग्रुप ने दिया। वहां हमार टीवी में नौकरी करने के बाद पटना चले गए और आर्यन टीवी की शुरुआती टीम में शामिल रहे। पटना से रांची का रुख हुआ। वहां झारखंड के सबसे प्रभावी न्यूज चैनल न्यूज 11 में काम किया। फिर रांची से प्रकाशित एक नए अखबार खबर मंत्र का हिस्सा रहे। वहां से दोबारा न्यूज 11 और फिर दिल्ली आगमन हुआ। अभी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन के साथ इनकी यात्रा जारी है।... और पढ़ें

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