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मैच की खबर में नहीं मिला सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र, पाठक ने किया देशद्रोह का केस!

भारतीय सेना द्वारा PoK में की गई सर्जिकल स्ट्राइक का खामियाजा केवल पाकिस्तान को नहीं बल्कि देश के एक नामी अखबार को...

नवभारतटाइम्स.कॉम 10 Oct 2016, 1:36 pm
रवि पारीक, जयपुर
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मैच की खबर में नहीं मिला सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र, पाठक ने किया देशद्रोह का केस!


भारतीय सेना द्वारा PoK में की गई सर्जिकल स्ट्राइक का खामियाजा केवल पाकिस्तान को नहीं बल्कि देश के एक नामी अखबार को भी भुगतना पड़ा है। अपनी क्रिकेट की एक खबर में सर्जिकल स्ट्राइक शब्द का एक बार भी जिक्र ना करने पर पाठक ने अखबार पर देशद्रोह का केस कर दिया है। खबर के अनुसार, अमर अंधेरा नामक अखबार के पाठक ने यह केस किया है।

दरअसल हुआ कुछ यूं कि पिछले कुछ दिनों से अखबारों में या टीवी चैनलों में चल रही सभी खबरों में कम से कम एक बार सर्जिकल स्ट्राइक शब्द का प्रयोग किया जा रहा था। लेकिन शनिवार को आए अखबार में छपी एक खबर में सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र नहीं होने के कारण एक पाठक को अजीब सा लगा। उसने पूरी खबर को तीन बार पढ़ा लेकिन उसमें इस शब्द को ना पाकर उसने केस करने की ठानी।

हवाबाजी से खास बातचीत में पाठक अमित ने बताया कि पिछले 10 दिन में कोई ऐसी खबर नहीं पढ़ी जिसमें सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र ना हुआ हो। सेंसेक्स गिर गया तो सर्जिकल स्ट्राइक, भैंस ने कम दूध दिया तो सर्जिकल स्ट्राइक, गोभी से कीड़े निकले तो सर्जिकल स्ट्राइक और यहां तक कि ज्यादा बारिश से गली की नाली बंद हो जाने की खबरों को भी लोगों ने सर्जिकल स्ट्राइक से जोड़ दिया।

ऐसे में कोई खबर बिना सर्जिकल स्ट्राइक शब्द के उतनी ही सूनी लगती है, जितनी AAP विधायकों के बिना तिहाड़ जेल। अमित ने बताया, 'ऐसे माहौल में जब मैंने एक ख़बर को बिना सर्जिकल स्ट्राइक के ज़िक्र के पढ़ा तो आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि मुझे पर क्या बीती होगी। क्या मैं भारत-न्यू ज़ीलैंड मैच की ख़बर ये जानने के लिए पढ़ता हूं, कि कोहली ने कितने रन बनाए या अश्विन ने कितने विकेट लिए? नहीं, बिल्कुल नहीं। ऐसी मैच रिपोर्ट पढ़ने का फायदा ही क्या जिसे उसे लिखने वाले ने सर्जिकल स्ट्राइक से न जोड़ दिया हो।'

हवाबाज़ी को मिली जानकारी के मुताबिक अमित ने आरोपी अख़बार पर भरोसा तोड़ने का आरोप लगाते हुए स्थानीय थाने में उसके खिलाफ केस दर्ज करवा दिया है। वहीं, शिकायत सामने आने के बाद से अख़बार के संपादक बेहद सदमे में हैं। उन्होंने कहा, मुझे कतई उम्मीद नहीं थी कि हमारा कोई आदमी ऐसी भयानक गलती कर सकता है। उन्होंने बिना शर्त अगले दिन के अख़बार में इस खबर पर अपने खून से लिखा माफीनामा छापने का वादा किया है। साथ ही गलती करने वाले कॉपी एडिटर को दस दिन तक मंडी की ख़बरें लिखने और मंडी की हर ख़बर को सर्जिकल स्ट्राइक से जोड़कर लिखने की सज़ा भी सुनाई है।

इनपुट्स: नीरज बधवार

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