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Birth control while breastfeeding : दूध पिलाने वाली मांओं के लिए गर्भ निरोधक के कुछ चुनिंदा उपाय

सिर्फ स्तनपान कराने से पूरी तरह से गर्भवती होने से नहीं बचा जा सकता। गर्भ से बचने के लिए गर्भनिरोधक के कुछ आसान उपाय अपनाये जा सकते हैं।

नवभारतटाइम्स.कॉम 16 Oct 2021, 12:10 pm
स्तनपान, गर्भनिरोध का एक अच्छा उपाय है। लेकिन यह आधा सच है। स्तनपान कराने से आप 6 महीने तक खुद को गर्भवती होने से रोक सकती हैं। वह भी तब जब आपका बच्चा पूरी तरह से आपके ही दूध पर निर्भर हो। आप हर 4 घंटे में उसे दूध पिलाती हों। लेकिन आप सिर्फ स्तनपान कराने से पूर्ण तरह से गर्भवती होने से नहीं बच सकतीं।
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Birth control while breastfeeding : दूध पिलाने वाली मांओं के लिए गर्भ निरोधक के कुछ चुनिंदा उपाय

इसके लिए डॉक्टर और भी सुरक्षित सलाह देते हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि इन उपायों से शरीर में एस्ट्रोजन की मात्रा नहीं बढ़ती। एस्ट्रोजन हार्मोन के बढ़ने से दूध में कमी हो सकती है।

​IUD

ये सबसे ज्यादा प्रभावी उपाय है। ये लंबे समय तक काम भी करता है। इसमें दो तरह की आईयूडी उपलब्ध होते हैं। पहला- हार्मोनल और दूसरा- गैर हार्मोनल। हार्मोनल IUD में प्रोजेस्टीन होता है जो स्पर्म को गर्भाशय तक पहुंचने से रोक देता है। मिरेना, स्काईला, लिलेटा, किलीना यह कुछ हार्मोनल आईयूडी के प्रकार है।

इसमें T आकार का एक प्लास्टिक का टुकड़ा आपके गर्भाशय में डाला जाता है। कुछ महिलाओं में इस दौरान पीरियड्स में थोड़ी कमी देखी गई है। पैरागार्ड एकमात्र गैर हार्मोनल आईयूडी है, यह लगभग 10 वर्ष तक काम करता है। इसमें T आकार का टुकड़ा कॉपर का होता है इसे copper-t भी कहा जाता है।

यह आपके शरीर में ऐग को फर्टिलाइज होने से रोक देता है। इस दौरान महिलाओं में बहुत ज्यादा पीरिएड्स की समस्या भी देखी गई है। लेकिन डिलीवरी के तुरंत बाद इसे नहीं लगाया जा सकता। डॉक्टर्स इसके लिए कम से कम 6 महीने से 1 साल तक रुकने की सलाह देते हैं।

​Mini -Pill

ये ट्रेडिशनल गर्भनिरोधक गोलियों से बेहतर है। इन्हें मिनी पिल कहा जाता है। इन गोलियों में एस्ट्रोजन मौजूद नहीं होता, बल्कि इसमें सिर्फ प्रोजेस्टीन पाया जाता है। जिससे यह आपके दूध की मात्रा को कम नहीं करता है। लेकिन यह तभी असरदायक होगा जब आप इसका सेवन नियमित रूप से करें।

इसमें भी कुछ साइड इफेक्ट हैं, जैसे- आपकी पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं और ज्यादा ब्लीडिंग देखी जाती है। अगर अब दोबारा से गर्भवती होना चाहती हैं तो आप अपने डॉक्टर की सलाह से इसका सेवन रोक सकती हैं।

​बैरियर मैथड या कंडोम

यह भी एक सुरक्षित उपाय है। इसमें कंडोम के द्वारा शुक्राणुओं को महिला के अंदर पहुंचने से ही रोका जा सकता है। यह भी कई तरह के होते हैं। अगर शुरू से आखिरी तक कंडोम का उपाय सेक्स के दौरान किया जाए तो 98 प्रतिशत कारगर साबित होता है।

इसमें किसी तरह का हार्मोन नहीं होता। इसलिए दूध पिलाने वाली महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा सुरक्षित है। पर अगर कंडोम बीच में खराब हो जाए तो आपको तुरंत दूसरे कंडोम का उपयोग कर लेना चाहिए।

इंप्‍लांट

इस विधि में छोटा-सा माचिस के आकार का टुकड़ा आपके बाएं हाथ की त्वचा के अंदर लगाया जाता है, जिसमें से प्रोजेस्टीन हार्मोन निकलता है जो आपके ओव्यूलेशन की प्रक्रिया को रोकता है।

यह गर्भाशय के म्युकस को गाढ़ा कर देता है ताकि शुक्राणु उस तक ना पहुंच पाए। जब आप दोबारा से गर्भवती होना चाहती हैं तो उसे निकलवा सकती हैं।

यह भी एक कारगर उपाय है। इसके द्वारा 4 साल तक गर्भवती होने से बचा जा सकता है। लेकिन इसे लगवाने के बाद कुछ महिलाओं में हाथों में दर्द, बुखार जैसी तकलीफ देखी गई है।

​डिपो प्रोवेरा शॉट

इस विधि में हर 3 महीने में इंजेक्शन लगवाना होता है। यह बिल्कुल शेड्यूल्ड प्रक्रिया है। जिसमें एक भी शॉट मिस होने से यह कारगर साबित नहीं होता।

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