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डिलीवरी के बाद पेट पर इस चीज को बांधने से नहीं लटकेगा बेली फैट, खुद गायनेकोलॉजिस्‍ट ने बताए बेनेफिट्स

अगर आपका भी प्रेग्‍नेंसी के बाद पेट निकल गया है और आप अपने पेट को वापिस शेप में लाना चाहती हैं तो इसके लिए एब्‍डोमिनल बाइंडिंग ट्राई कर सकती हैं।

Authored byपारुल रोहतगी | नवभारतटाइम्स.कॉम 27 Dec 2022, 5:10 pm
एक औरत जब मां बनती है, तो उसका शरीर पूरी तरह से बदल जाता है। डिलीवरी के बाद उसकी बॉडी कभी भी पहले की तरह नहीं हो पाती है। प्रेग्‍नेंसी के बाद महिलाओं को कई तरह की शारीरिक समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है जैसे कि बाल झड़ना, कमजोर, मूत्राशय का कमजोर हो जाना आदि। इन्‍हीं समस्‍याओं में से एक है पेट का फूलना। जी हां, प्रेग्‍नेंसी और डिलीवरी के बाद अक्‍सर महिलाओं के पेट के ऊपर काफी चर्बी जम जाती है और इसे कम करने के लिए हर संभव प्रयास करती हैं।
नवभारतटाइम्स.कॉम gynaecologist doctor shobha gupta reveals is abdominal binder beneficial or not after delivery
डिलीवरी के बाद पेट पर इस चीज को बांधने से नहीं लटकेगा बेली फैट, खुद गायनेकोलॉजिस्‍ट ने बताए बेनेफिट्स


कहा जाता है कि डिलीवरी के बाद पेट पर कपड़ा बांधकर रखने से पोस्‍टपार्टम बैली को कम करने में मदद मिलती है। अगर आप भी प्रेग्‍नेंसी के बाद अपने पेट को कम करने के लिए इस तरीके का इस्‍तेमाल कर रही हैं या करना चाहती हैं, तो पहले मदर्स लैप आईवीएफ सेंटर की मेडिकल डायरेक्टर और आईवीएफ एक्सपर्ट डॉक्‍टर शोभा गुप्ता से जान लें कि ये तरीका कारगर भी होता है या नहीं।

​क्‍या कहती हैं डॉक्‍टर

कहती हैं कि प्रसव के बाद एब्‍डोमिनल बाइंडिंग से फायदा होता है। डिलीवरी के बाद नई मां की देखभाल में एब्‍डोमिनल बाइंडिंग का बहुत महत्‍व होता है। तो अब अगर आप भी प्रेग्‍नेंसी की वजह से अपने बढ़े हुए पेट को कम करना चाहती हैं तो एब्‍डोमिनल बाइंडिंग का तरीका अपना सकती हैं।

फोटो साभार : pexels

​क्‍या है एब्‍डोमिनल बाइंडिंग

इसके अंदर रोज नहाने के 5 या 6 घंटे के बाद नई मां के पेट पर एक लंबा सूती कपड़ा या बेल्‍ट को थोड़ा टाइट कर के बांधा जाता है। इससे पीट और पेट को काफी सपोर्ट मिलता है, गर्भाशय गुहा में वात को कम करता है और पीठ दर्द से बचाता है और डिलीवरी के बाद लटके हुए पेट को ठीक करता है। इससे ब्रेस्‍टफीडिंग के लिए पोस्‍चर को ठीक रखने में भी मदद मिलती है।

​सिजेरियन के बाद एब्‍डोमिनल बाइंडिंग

अगर आपकी सिजेरियन डिलीवरी हुई है, तो डिलीवरी के तुरंत बाद बैली बाइंडिंग नहीं करना चाहिए। जब ऑपरेशन के घाव पूरी तरह से भर जाएं, तभी यह तरीका अपनाना चाहिए क्‍योंकि सर्जरी वाली जगह पर दबाव से इंसीजनल हर्निया हो सकता है। कपड़े से भी घाव वाली त्‍वचा पर जलन हो सकती है।

​एब्‍डोमिनल बाइंडिंग के क्‍या फायदे हैं

नॉर्मल या सिजेरियन डिलीवरी के बाद एब्‍डोमिनल बाइंडिंग से पेट को कुछ हद तक पतला करने में मदद मिलती है। इससे पेट के साथ-साथ पेल्विक हिस्‍से के कई अंग वापिस सही पोजीशन में आ पाते हैं। यह उपाय करने से नई मां को प्रेग्‍नेंसी के पहले जैसी बॉडी थोड़ी जल्‍दी मिल पाती है यानि कि वो पहले की तरह फिट हो पाती हैं।

यह ढीले हुए लिगामेंटों को संतुलित करता है और पीठ के निचले हिससे में दर्द से छुटकारा पाने में मदद करता है। इससे मां को बेबी को लंबे समय तक पकड़े रखने में मदद मिलती है।

फोटो साभार : pexels

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​कैसे करें एब्‍डोमिनल बाइंडिंग

  • इसके लिए आप सबसे पहले 5 से 6 मीटर लंबा सूती कपड़ा लें।
  • इसे पेट के निचले हिस्‍से से लेकर ऊपर हिस्‍से तक आराम से बांधना शुरू करें। ध्‍यान रखें कि आपको कपड़ा पेट पर 4 से 5 बार लपेटना है।
  • इसके बाद पेट के दाईं ओर से कपड़े को बांध दें। कपड़ा ज्‍यादा टाइट बंधा हुआ नहीं होना चाहिए।

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लेखक के बारे में
पारुल रोहतगी
पारुल रोहतगी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 वर्षों से अधिक अनुभव है। इन्‍होंने डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट मीडिया में भी काम किया हुआ है। वर्तमान में ये NBT के लाइफस्टाइल फैमिली सेक्शन में बतौर कंसल्टेंट काम कर रही हैं। इन्‍हें अलग-अलग विषयों पर लिखना और अपने लेखों से लोगों को जानकारी देना पसंद है। इन्‍हें हेल्‍थ, एस्‍ट्रोलॉजी, लाइफस्टाइल, टेक आदि सेक्‍शन पर लिखने का अनुभव भी है। खाली समय में इन्‍हें किताबें पढ़ना और नई टेक्नोलॉजी को सीखना पसंद है।... और पढ़ें

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