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Cold or covid 19 symptoms : बच्‍चे को हो गया है बेवजह जुकाम, कैसे पहचानें कोरोना का लक्षण है या नहीं?

कोरोना ने हर तरह से लोगों को डरा कर रख रखा है। पेरेंट्स तो अपने बच्‍चों की चिंता में बुरी तरह से स्‍ट्रेस में हैं। उन्‍हें जरा सी सर्दी-जुकाम हुआ नहीं कि पेरेंट्स कोरोना की आशंका से डर जाते हैं।

नवभारतटाइम्स.कॉम 7 May 2021, 10:40 am
कोरोना के आम लक्षणों में जुकाम और खांसी शामिल हैं और जब से कोरोना वायरस आया है, तभी से वायरल सर्दी-जुकाम होने पर लोग डरने लगे हैं। वहीं अगर बच्‍चों को इस समय सर्दी-जुकाम हो जाए तो पेरेंट्स की चिंता और भी बढ़ जाती है। बच्‍चे को खांसी-जुकाम होने पर पेरेंट्स को डर रहता है कि कहीं उनके बच्‍चे को कोरोना तो नहीं हो गया है।
नवभारतटाइम्स.कॉम how to know cold is not covid symptom in hindi
Cold or covid 19 symptoms : बच्‍चे को हो गया है बेवजह जुकाम, कैसे पहचानें कोरोना का लक्षण है या नहीं?


बच्‍चे के खांसने और छींकने को हर बार कोरोना नहीं समझा सकता है लेकिन आप कैसे पता करें कि बच्‍चे को वायरल जुकाम हुआ है और इसका कोरोना से कोई लेना-देना नहीं है।

​कितनी बार होता है जुकाम

दो साल से कम उम्र के बच्‍चों काे साल में 8 से 10 बार जुकाम होता है। वहीं प्रीस्‍कूल जाने वाले बच्‍चों को साल में 9 बार और टॉडलर को साल में 12 बार जुकाम हो सकता है। मौसम बदलने या धूल-मिट्टी के संपर्क में आने पर जुकाम हो सकता है। वायरल इंफेक्‍शन की वजह से भी अन्‍य लक्षणों के साथ जुकाम हो सकता है।

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​सर्दी-जुकाम का है मौसम

बच्‍चों पर कोरोना के प्रभाव को लेकर गहन अध्‍ययन किए जाने की जरूरत है। मेडिकल रिपोर्ट और सर्व इस ओर इशारा करती हैं कि कोविड-19 से बच्‍चों को मुश्किल ही कोई गंभीर परेशानी या बीमारी हो रही है।

हालांकि, कोरोना से संक्रमित होने के बाद बच्‍चों में पीडियाट्रिक इंफ्लामेट्री मल्‍टी सिस्‍टम सिंड्रोम के मामले सामने आए हैं। यह एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है। वैसे इस समय सर्दी-जुकाम और फ्लू भी ज्‍यादा हो रहा है, इसलिए आपको अपने बच्‍चे की इम्‍यूनिटी बढ़ाने पर जोर देना चाहिए।

​असाधारण चीजों पर भी दें ध्‍यान

कोरोना वायरस के लक्षण मौसमी जुकाम, खांसी या फ्लू से काफी मिलते-जुलते हैं। हालांकि, कोई भी असाधारण लक्षण दिखने पर उसे नजरअंदाज न करें और सूंघने और स्‍वाद की क्षमता जाने पर सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण दिखने का इंतजार न करें। इस समय बच्‍चे की बहती नाक या जुकाम का मतलब सिर्फ कोरोना नहीं हो सकता है।

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​कोरोना के डर में करवाएं टेस्‍ट

कोविड का जानलेवा वायरस अलग-अलग तरीकों से हमला कर रहा है। अगर आपको लग रहा है कि आपका बच्‍चा कोरोना के संपर्क में आया है या वायरस ने उसे अपनी चपेट में ले लिया है, तो तुरंत उसका कोरोना टेस्‍ट करवाएं।

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​डॉक्‍टर से जानें कैसे अलग है जुकाम

फोर्टिस अस्‍पताल के पीडियाट्रिशियन डॉक्‍टर पवन कुमार का कहना है कि अगर बच्‍चे को जुकाम के साथ बुखार नहीं है, तो यह लक्षण कोरोना से जुड़ा नहीं हो सकता है। वहीं यदि बच्‍चे को जुकाम होने से पहले परिवार में किसी सदस्‍य को जुकाम या बुखार नहीं शुरू हुआ है तो यह भी सिर्फ वायरल इंफेक्‍शन का संकेत है।

डॉ. पवन कुमार कहते हैं कि बच्‍चों को दूसरों से जुकाम नहीं होता है और अगर परिवार में कोई कोरोना पॉजीटिव सदस्‍य नहीं है, तो बच्‍चे का जुकाम आम वायरल की वजह से हो सकता है।

​मल्‍टीसिस्‍टम इंफ्लामेट्री सिंड्रोम पर ध्‍यान दें

बच्‍चों में कोरोना की वजह से मल्‍टीसिस्‍टम इंफ्लामेट्री सिंड्रोम जैसी जानलेवा दिक्‍कत हो रही है। जितनी जल्‍दी हो सके इसके लक्षणों की पहचान कर आपको इलाज शुरू करवाना चाहिए। इसके लक्षणों में तेज बुखार, पेट दर्द, रैशेज, फटे और लाल होंठ, हाथ और पैरों में सूजन और थकान शामिल है।

कहने की बात यह है कि इस साल आपको कोई भी चांस नहीं लेना चाहिए। बच्‍चे में मौसमी फ्लू या कोरोना के लक्षणों के बीच में फर्क बताने का कोई तरीका नहीं है। बेहतर होगा कि आप सतर्क रहें और बच्‍चे में एक से ज्‍यादा लक्षण दिखने पर उसका कोरोना टेस्‍ट जरूर करवा लें।

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