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कभी न कहें ये 8 बातें, बच्चों पर होता है बुरा असर

कई बार बच्चों को अनुशासन सिखाते वक्त और उन्हें सही रास्ते पर लाने के दौरान हम बच्चों के सामने कठोर शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में आपको इन बातों का जरूर ध्यान रखना चाहिए कि हमें बच्चों के सामने कौन सी बातें करनी है और कौन सी नहीं-

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 11 Mar 2017, 2:33 pm
बच्चों का पालन पोषण करना आसान काम नहीं है। कई बार बच्चों को अनुशासन सिखाते वक्त और उन्हें सही रास्ते पर लाने के दौरान हम बच्चों के सामने कठोर शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में आपको इन बातों का जरूर ध्यान रखना चाहिए कि हमें बच्चों के सामने कौन सी बातें करनी है और कौन सी नहीं-
नवभारतटाइम्स.कॉम never say these 8 things to your child
कभी न कहें ये 8 बातें, बच्चों पर होता है बुरा असर


1. तुम्हारी उम्र में मैं बहुत जिम्मेदार था/थी
माता-पिता अक्सर जो गलती करते हैं वह है खुद से बच्चे की तुलना करना। जी हां, बच्चे के सामने यह कहना कि जब आप उनकी उम्र के थे तो क्या-क्या करते थे सरासर गलत है। जब बच्चों से परफेक्ट बनने की उम्मीद की जाती है तो उनका गुस्सा और चिड़चिड़ाहट बढ़ने लगती है। इस तरह के स्टेटमेंट आपके बच्चे का कॉन्फिडेंस कम करते हैं।

2. तुम हमेशा गलत फैसला लेते हो
अपने बच्चे को अपरिपक्व होने की सजा ना दें। हर इंसान गलती करता है और अपनी गलतियों से ही सीखता है। हो सकता है कि आपके बच्चे ने पढ़ाई के लिए कोई ऐसा सब्जेक्ट चुना हो जिसमें आपकी रूचि न हो या किसी ऐसी कंपनी में काम कर रहा हो जिस पर आपको बहुत गर्व न हो। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप अपने बच्चे को उसके फैसले के लिए दोषी ठहराएं। पैरंट होने के नाते आपका काम बच्चे को गाइड करना है। अपने विचार बच्चों पर न थोपें।

3. तुम अपने भाई-बहन की तरह क्यों नहीं हो
यह भी एक अनुचित तुलना है जो अक्सर माता-पिता करते हैं। अपने बच्चों की क्षमताओं की तुलना कर उन दोनों के बीच लड़ाई के बीज ना बोएं। अगर आप इस तरह की तुलना करते हैं तो आपके बच्चों के बीच दरार पड़ सकती है। आप नहीं चाहेंगे कि आपके बच्चे के मन में आपके प्रति नकारात्मक भावना आए। इसलिए इस तरह की तुलना करने से बचें।

4. मुझे अकेला छोड़ दो
कई बार हम अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए थक जाते हैं और कुछ समय के लिए अकेला रहना चाहते हैं। लेकिन बच्चे इस तरह की परिस्थिति की गंभीरता को नहीं समझ पाते। ऐसे में आपका बच्चे पर चिल्लाना कि मुझे अकेला छोड़ दो, उस पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा। इससे बच्चा तनाव में आ जाएगा और उसे लगेगा कि किसी को उसकी जरूरत नहीं है।

5. तुम्हें खुद पर शर्म आनी चाहिए
यह बयान अपने आप में बेहद कठोर है और किसी भी बच्चे को ऐसा कहना पूरी तरह से गलत है। बहुत से बच्चे ऐसे होते हैं जिनकी शैतानियां इतनी ज्यादा होती हैं कि वह किसी कि नहीं सुनते। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप अपने बच्चे को इस तरह से बोलें। बच्चों को अच्छे और बुरे के बीच का फर्क समझाने के और भी तरीके हो सकते हैं।

6. तुम बिल्कुल अपने पिता/मां की तरह हो
सभी शादीशुदा जोड़े हंसी खुशी के साथ जिंदगी बिताते हैं, ऐसा नहीं है। कई बार पति-पत्नी के बीच की कड़वाहट इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि उन्हें अलग होना पड़ता है और बच्चे भी आपकी इस कड़वाहट के गवाह बनते हैं। ऐसे में अगर आप अपने पार्टनर का गुस्सा अपने बच्चे पर यह कहकर निकालेंगे कि वह बिल्कुल अपनी मां या अपने पिता की तरह है तो बच्चे आपकी भी इज्जत नहीं करेंगे।

7. तुम हमेशा मुझे परेशान करने का तरीका ढूंढते हो
कई बार बच्चे अपने माता-पिता की खुशियों के खिलाफ जाकर काम करते हैं जिससे उनकी भावनाएं आहत हो जाती हैं। अक्सर तो ऐसा अनजाने में होता है लेकिन कई बच्चे जानबूझकर भी ऐसा करते हैं। ऐसे में अपने बच्चे से ऐसा कुछ कहना उन्हें अपने फैसले पर अपराधबोध महसूस करवा सकता है। इसलिए बच्चों को अपने फैसले खुद करने दें।

8. तुम्हारे जैसा बच्चा होने से बेहतर है कि बच्चा ना हो
इमोशनल आउटबर्स्ट की स्थिति में कई बार हम बच्चों के सामने ऐसी बातें बोल देते हैं जिसके बाद हमें उसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं। लिहाजा कैसी भी विकट परिस्थिति क्यों ना हो, अपनी जबान से ऐसी कोई बात ना कहें जिसके लिए आपको जीवन भर अफसोस करना पड़े।

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