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बच्‍चे की पर्सनैलिटी के हिसाब से करें उसकी परवरिश, फिर उसे सक्‍सेसफुल होने से कोई नहीं रोक पाएगा

पैरंट्स की सबसे बड़ी गलती होती है कि वह अपने बच्चों को समझाने के लिए दूसरे बच्चों का उदाहरण देते हैं। ऐसा करना बच्चों के लिए गलत होता है। बच्चों को पालने का सही तरीका है कि पहले अपने बच्चे को अच्छी तरह समझें।

Authored byपारुल रोहतगी | नवभारतटाइम्स.कॉम 31 Dec 2022, 5:06 pm
दुनिया में हर इंसान अलग प्रवृत्ति का होता है। हर इंसान के जीने का तरीका, बात करने का तरीका और सोचने का तरीका एक दूसरे से अलग होता है। इसीलिए शायद हम सभी के व्यवहार एक दूसरे से अलग होते हैं। जैसे कि हम सभी एक दूसरे से अलग होते हैं उसी तरह बच्चों में भी यह बात लागू होती है। हर बच्चा अलग होता है। हर बच्चों का व्यवहार, सोच एक दूसरे से अलग होती है इसलिए जरूरी है कि माता-पिता अपने बच्चे को किसी दूसरे बच्चे से तुलना ना करें।
नवभारतटाइम्स.कॉम parenting your child according to his her personality
बच्‍चे की पर्सनैलिटी के हिसाब से करें उसकी परवरिश, फिर उसे सक्‍सेसफुल होने से कोई नहीं रोक पाएगा


कई बार पेरेंट्स अपने बच्चों को दूसरे बच्चों से तुलना कर, दूसरे बच्चों का उदाहरण देकर उसकी तरह बनाने की कोशिश करते हैं। ऐसा करना गलत होता है। बच्चों का पालन पोषण उनके व्यवहार के अनुसार करना चाहिए। बच्चों को पूरी तरह समझ कर उनका पालन पोषण करने पर ही बच्चे को हम सही मार्ग दिखा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कि बच्चों का कौन-सा व्यवहार उन्हें एक दूसरे से अलग बनाता है, और हम किस तरह से ऐसे बच्चों को सही राह दिखा सकते हैं।

​इमोशनल चाइल्ड

कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जिन्हें थोड़ी सी डांट में भी आंखों में आंसू आ जाते हैं। ऐसे बच्चे हर छोटी बात दिल में लगा लेते हैं और दुखी महसूस करते हैं। ऐसे बच्चों के साथ माता-पिता को नरमी बरतने की जरूरत होती है। माता-पिता को चाहिए कि ऐसे बच्चों की बातें ध्यान से सुने और प्यार से समझाने की कोशिश करे। ऐसे बच्चों को किसी भी तरह की पनिशमेंट देने या डांटने से बचें।

​परफॉर्मर

कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जिन्हें स्टेज पर या भीड़भाड़ वाली जगह पर बातें करना या अपनी कला का प्रदर्शन दिखाना पसंद होता है। ऐसे बच्चे बिल्कुल भी शांत स्वभाव के नहीं होते। इन बच्चों को मस्ती करना, भीड़भाड़ की जगहों पर अटेंशन लेना पसंद होता है।

ऐसे बच्चों के माता-पिता को चाहिए कि वह अपने बच्चों के इस व्यवहार को रोके टोके नहीं, बल्कि बच्चे को प्रोत्साहित करें। यदि बच्चे स्टेज पर मिमिक्री, डांस, सिंगिंग या कोई परफॉर्मेंस देना चाहते है तो उन्हें सही प्लेटफार्म देने की कोशिश करें।

​वाइल्ड चाइल्ड

ऐसे बच्चों को हैंडल करना थोड़ा मुश्किल होता है, क्योंकि ये बच्चें अपने माता-पिता की या अपने आसपास के लोगों की बातें कम सुनते हैं। चुंकि इन बच्चों का दिमाग बदमाशी की ओर ज्यादा लगा रहता है इसीलिए दूसरे जरूरी काम जैसे कि पढ़ाई पर इनका ध्यान आकर्षित करना थोड़ा मुश्किल होता है।

लेकिन ऐसे बच्चे काफी सकारात्मक होते हैं। जिंदगी खुशी से जीने पर विश्वास रखते हैं। ऐसे बच्चों को डांट कर या आज्ञा देकर कोई भी काम नहीं कराया जा सकता। ऐसे बच्चों को समझाने के लिए उनके तरीके का ही उपयोग करें। उनके साथ मस्ती करें और बात-बात पर पढ़ाई का महत्व समझाएं।

​वॉल फ्लावर

वॉलफ्लावर शर्मीले बच्चों को कहा जाता है। ऐसे बच्चे भीड़-भाड़ में असहज महसूस करते हैं। ऐसे बच्चे अपने कंफर्ट जोन में रहना पसंद करते हैं। ज्यादा सामाजिक बनना, लोगों से मिलना इन्हें पसंद नहीं होता। ऐसे बच्चों के माता-पिता को धैर्य से काम लेना चाहिए। बच्चे को धीरे-धीरे सामाजिक बनाने की कोशिश करना चाहिए।

लोगों से मिलने के लिए प्रेरित करना चाहिए। लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि एक दिन में ऐसे बच्चे बहुमुखी नहीं बन सकते, इसलिए धैर्य के साथ धीरे-धीरे बच्चे को सोशल बनना सिखाएं।

​जिज्ञासु

कुछ बच्चों का व्यवहार जिज्ञासु या खोजी हो सकता है। ऐसे बच्चे अपने आसपास चल रही हर चीजों को देखना, समझना और सुनना चाहते हैं। ऐसे बच्चे अनुभव लेना चाहते हैं। ऐसे बच्चे निडर स्वभाव के होते हैं इन्हें किसी भी नई चीज को करने में बिल्कुल भी डर का अनुभव नहीं होता। लेकिन कभी-कभी यह खतरनाक भी साबित हो सकता है।

इसलिए पेरेंट्स को चाहिए कि ऐसे बच्चों पर बिना रोक टोक करे निगरानी रखें। ऐसे बच्चों के साथ खास ख्याल रखने की जरूरत होती है, कि बच्चे को किसी भी तरह की चोट या नुकसान ना पहुंचे।

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लेखक के बारे में
पारुल रोहतगी
पारुल रोहतगी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 वर्षों से अधिक अनुभव है। इन्‍होंने डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट मीडिया में भी काम किया हुआ है। वर्तमान में ये NBT के लाइफस्टाइल फैमिली सेक्शन में बतौर कंसल्टेंट काम कर रही हैं। इन्‍हें अलग-अलग विषयों पर लिखना और अपने लेखों से लोगों को जानकारी देना पसंद है। इन्‍हें हेल्‍थ, एस्‍ट्रोलॉजी, लाइफस्टाइल, टेक आदि सेक्‍शन पर लिखने का अनुभव भी है। खाली समय में इन्‍हें किताबें पढ़ना और नई टेक्नोलॉजी को सीखना पसंद है।... और पढ़ें

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