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स्‍टडी का दावा प्रेग्‍नेंसी में ये काम करने से घट जाती है बेटा होने की संभावना, बताए हैं बचने के भी उपाय

किसी भी तरह का स्‍ट्रेस शरीर को नुकसान ही पहुंचाता है और प्रेग्‍नेंसी में तनाव लेना तो दोगुना परेशान कर सकता है। हाल ही में हुई एक स्‍टडी के मुताबिक गर्भावस्‍था में तनाव लेना बच्‍चे के लिए अच्‍छा नहीं होता है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 11 May 2021, 4:38 pm
तनाव हर तरह से हमारी सेहत पर बुरा असर डालता है। स्‍ट्रेस के कारण हमें कई तरह की बीमारियां घेर सकती हैं और हाल ही में हुई एक स्‍टडी में भी खुलासा हुआ है कि स्‍ट्रेस के कारण प्रेगनेंट महिलाओं की प्रीटर्म डिलीवरी होने का खतरा रहता है।
नवभारतटाइम्स.कॉम study claims that stress during the pregnancy can reduce the chances of having a boy in hindi
स्‍टडी का दावा प्रेग्‍नेंसी में ये काम करने से घट जाती है बेटा होने की संभावना, बताए हैं बचने के भी उपाय


अगर आप भी प्रेगनेंट हैं और बहुत स्‍ट्रेस लेना आपकी आदत है, तो समझ लें कि ऐसा करना आपके और आपके बच्‍चे के लिए सही नहीं है। इस आर्टिकल में एक रिसर्च के माध्‍यम से बताया गया है कि स्‍ट्रेस लेना प्रेग्‍नेंसी में किस तरह असर डालता है।

​क्‍या कहती है स्‍टडी

अमेरिका के नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेस की प्रोसिडिंग्‍स में प्रकाशित एक स्‍टडी के अनुसार प्रेग्‍नेंसी में स्‍ट्रेस लेने पर महिलाओं में बेटा होने की संभावना कम और प्रीटर्म बर्थ का जोखिम ज्‍यादा होता है।

इस स्‍टडी के प्रमुख लेखक ने बताया कि गर्भ पर स्‍ट्रेस का असर सबसे पहले पड़ता है। इस अध्‍ययन के मुताबिक जिन महिलाओं का ब्‍लड प्रेशर हाई रहता है और जिन्‍हें कोई अन्‍य शारीरिक तनाव है, उनके बेटा होने की संभावना ज्‍यादा होती है। जबकि मानसिक तनाव होने पर महिलाओं में बेटा होने की संभावना कम देखी गई।

जो महिलाएं शारीरिक तनाव लेती हैं, उनमें कम या न के बराबर स्‍ट्रेस लेने वाली महिलाओं की तुलना में प्रीमैच्‍योर डिलीवरी का जोखिम अधिक रहता है।

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​स्‍ट्रेस को कैसे करें दूर

जब महिलाओं के पास कोई ऐसा व्‍यक्‍ति होता है जिससे वो अपने दिल की बात कह सकें और अपनी हर परेशानी को शेयर कर सकें, तो इससे उनमें तनाव कम होता है और स्‍टडी के मुताबिक उनमें प्रीमैच्‍योर डिलीवरी की संभावना कम हो सकती है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि प्रेगनेंट मां के पास जितना ज्‍यादा सोशल सपोर्ट होगा, उतना ही उनमें प्रीटर्म डिलीवरी का जोखिम कम होगा। दोस्‍तों और परिवार से सोशल सपोर्ट मिलता है जिससे महिलाओं का आत्‍मविश्‍वास बढ़ता है।

प्रेग्‍नेंसी में आप अपनी भावनाओं को व्‍यक्‍त करने में हिचकिचाएं नहीं और अपनी फीलिंग्‍स के बारे में बात करें। इससे आप ही नहीं बल्कि आपका बच्‍चा भी स्‍वस्‍थ रहेगा।

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​तनाव दूर करने के उपाय

प्रेग्‍नेंसी में आपको 7 से 9 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए। रात को सोने से पहले कैफीन का सेवन न करें। सोने के समय कमरे में पर्याप्‍त रोशनी रखें। अच्‍छी नींद लेने से तनाव भी दूर रहता है।

इसके अलावा रेगुलर एक्‍सरसाइज से प्रेग्‍नेंसी में तनाव को दूर करने और अच्‍छी नींद पाने में बहुत मदद मिलती है। इससे स्‍ट्रेस भी दूर होता है। आप रोज 20 से 30 मिनट हल्‍के व्‍यायाम करें।

आपको रोज दस मिनट वॉक भी करनी चाहिए। इससे शरीर एक्टिव रहता है और बॉडी से स्‍ट्रेस भी कम होता है।

मेडिटेशन और योग इसमें आपके लिए बहुत मददगार साबित हो सकता है। रोज थोड़ा समय निकालकर ध्‍यान करें और शरीर को स्‍वस्‍थ रखने की कोशिश करें।

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