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ज्यादा न करें सेफ्टी पिन का भरोसा, इन मौकों पर दे सकती है धोखा

कपड़ों को जगह पर रखना है, ड्रेस की जिप खराब हो जाने पर उसे जोड़े रखना है या शर्ट का बटन टूट जाने पर ऊप्स मोमेंट से बचना है, तो इसके लिए सेफ्टी पिन का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये तो हैक्स आप ट्राई कर रहे हैं, वे कुछ स्थितियों में आपको शर्मिंदा कर सकते हैं।

नवभारतटाइम्स.कॉम 24 Apr 2020, 4:36 pm
क्या आप भी इन महिलाओं में से एक हैं जिन्हें लगता है कि सेफ्टी पिन है तो सब सेफ है? अगर हां तो आपको अपनी सोच बदलने की जरूरत है। वैसे बता दें कि यहां सेफ से मतलब है कपड़ों को सही जगह बनाए रखना या दो छोर को जोड़े रखना, जिसके लिए आमतौर पर सेफ्टी पिन का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, यह किन स्थितियों में यूजलेस साबित हो सकती है ये जान लेना ही आपको ऊप्स मोमेंट का शिकार होने से बचा सकता है।
नवभारतटाइम्स.कॉम safety pin hacks which you should never try
ज्यादा न करें सेफ्टी पिन का भरोसा, इन मौकों पर दे सकती है धोखा


पिन का साइज

अगर आपको साड़ी का पल्ला ब्लाउज के साथ टक करना है तो एक या डेढ़ इंच बड़ी सेफ्टी पिन अच्छी चॉइस है, लेकिन अगर आपको प्लीट्स सेट करनी है तो इतनी छोटी पिन्स किसी काम की नहीं हैं। अगर जैसे तैसे आपने सभी प्लीट्स को पिन में सेट कर भी दिया तो जरा सा मूव होने पर ये प्लीट्स खुल सकती हैं, जो कि आपकी शर्मिंदगी का कारण बन जाएंगी। बेहतर है कि मार्केट में प्लीट्स के लिए मिलने वाली खास पिन्स या फिर दो से तीन इंच की सिंपल सेफ्टी पिन का इस्तेमाल करें।

कपड़े का वजन

मान लीजिए आपने लहंगा पहना है, लेकिन उसकी साइड की चेन खुल गई है। इसे सेट करने के लिए अगर आप सेफ्टी पिन्स का इस्तेमाल करने की सोच रही हैं तो जरा संभलकर। दरअसल, आमतौर पर लहंगे का वजन ज्यादा होता है और ऐसे में हर मूवमेंट के साथ पिन पर भी भार बढ़ता है, जिससे वह खुल सकती है। इमरजेंसी में तो आप सेफ्टी पिन इस्तेमाल कर सकती हैं, लेकिन इसके बाद ज्यादा चलने-फिरने से बचें।

शर्ट का बटन टूट जाने पर

महिलाओं की बटन शर्ट पुरुषों से थोड़ी अलग होती है। मैन्स शर्ट जहां हल्की लूज होती है तो वहीं महिलाएं को शर्ट बस्ट एरिया से फिटिंग वाली होती है। शर्ट का बटन टूट जाने पर कई बार महिलाएं सेफ्टी पिन से उसे टक कर पहन लेती हैं, लेकिन ऐसा करना रिस्की हो सकता है क्योंकि शर्ट के जरा से खिंचने पर फैब्रिक के डैमेज होने के साथ ही पिन के खुलने का खतरा बढ़ जाता है। इमरजेंसी में तो सेफ्टी पिन का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन बेहतर यही है कि बटन को फिर से सिल लिया जाए। वहीं अगर बटन्स के बीच गैप है तो उसे भी सेफ्टी पिन से बंद करने की जगह डबल साइड टेप का इस्तेमाल किया जा सकता है।

सैंडल स्ट्रैप हैक

इस हैक को तो न जाने सोशल मीडिया पर भी कितना दिखाया जाता है। लेकिन इन हैक्स के चक्कर में पड़कर आप भी कहीं सेफ्टी पिन से हील्स की स्ट्रैप को फिक्स कर बाहर न निकल पड़ें, क्योंकि इससे आपके गिरने का डर है। हील्स में वैसे ही पैरों का दबाव या तो पंजों पर या स्ट्रैप पर होता है ताकि फीट्स सही जगह बने रहें। ऐसी स्थिति में सेफ्टी पिन ज्यादा देर टिक नहीं सकती है और वह कभी- भी धोखा देते हुए खुल सकती है।

पर्स या बैग स्ट्रैप

सोशल मीडिया पर ऐसे कई विडियो दिख जाएंगे जिनमें पर्स या बैग की स्ट्रैप खुल जाने पर उसे सेफ्टी पिन से जोड़ते हुए दिखाया जाता है। हालांकि, इन विडियोज को फॉलो करने की कोशिश न करें। दरअसल, आप जो विडियो देखते हैं वे तो कुछ सेकंड्स के ही होते हैं, लेकिन असल जिंदगी में आपको न सिर्फ अपने पर्स और बैग को घंटों तक कैरी करना होता है बल्कि उनमें रखे सामान के कारण स्ट्रैप पर वजन भी ज्यादा बढ़ता है। ऐसे में वे सेफ्टी पिन से कितनी देर तक टिके रहेंगे यह कहना थोड़ा मुश्किल है।

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