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गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए भी है खतरनाक है वायु प्रदूषण

वायु प्रदूषण के प्रभाव को लेकर एक चौंकाने वाला अध्ययन सामने आया है। इसमें बताया गया है कि वैसी मांएं जिन्होंने गर्भावस्था के छठे से नौवें महीने के बीच वायु प्रदूषण के उच्च स्तर का सामना किया हो, उनके बच्चों में बाल्यावस्था में हाई बीपी का खतरा अधिक रहता है।

भाषा 15 May 2018, 9:39 am
वॉशिंगटन
नवभारतटाइम्स.कॉम child
गर्भ में पल रहे बच्चे को भी वायु प्रदूषण से खतरा

वायु प्रदूषण के प्रभाव को लेकर एक चौंकाने वाला अध्ययन सामने आया है। इसमें बताया गया है कि उन बच्चों में बाल्यावस्था में उच्च रक्तचाप का खतरा अधिक रहता है जिनकी माताओं ने अपने गर्भकाल के छठे से नौवें महीने के बीच वायु प्रदूषण के उच्च स्तर का सामना किया हो।

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प्रदूषण का स्वास्थ्य पर बुरा असर
Pm 2.5 वायु प्रदूषण का एक प्रकार है जो मोटर वाहन, तेल, कोयला या जैव ईंधन के जलने से पैदा होता है और इसका मानव स्वास्थ्य पर विपरित प्रभाव पड़ता है। अमेरिका में जॉन हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के सहायक प्रफेसर नोल टी म्यूलर ने कहा, ‘यह ऐसा पहला अध्ययन है जो यह दिखाता है कि गर्भावस्था के दौरान प्रदूषित हवा में सांस लेना सीधे तौर पर गर्भ में पल रहे बच्चे के बाल्यावस्था में उसके हृदयवाहिनी पर प्रभाव डालता है।’

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हाई बीपी से जुड़े हैं हृदय रोग

‘हाइपरटेंशन’ जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन के वरिष्ठ लेखक म्यूलर ने कहा, ‘बाल्यावस्था में अगर किसी बच्चे को हाई बीपी हो जाए तो वयस्क होने पर भी हाई बीपी की समस्या कायम रहती है और यही हाई बीपी हृदय से जुड़ी दूसरी गंभीर बीमारियों की वजह बनता है।’ अनुसंधानकर्ताओं ने इस अध्ययन के लिए 1 हजार 293 मांओं और उनके बच्चों की जांच की थी जो बॉस्टन बर्थ कोहोर्ट स्टडी का हिस्सा थे।

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